बंगाल की खाड़ी में बनेगा लो प्रेशर, नया सिस्टम देगा रफ्तार मानसून को, ओडिशा से राजस्थान तक झमाझम बरसात
उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और ओडिशा तट पर एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है, जो ऊपरी स्तर तक फैला है। इसके प्रभाव से अगले 24 से 36 घंटों में एक नया निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है। यह सिस्टम समुद्र पर ही मजबूत होकर अच्छी से बने हुए लो-प्रेशर में बदल सकता है। 28 अगस्त को इसके ओडिशा तट से टकराने और आगे छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश व राजस्थान की ओर बढ़ने की संभावना है।
आधा भारत एक्टिव मानसून की स्थिति
जब बंगाल की खाड़ी में नया लो-प्रेशर एरिया (निम्न दबाव क्षेत्र) बनेगा और आगे बढ़ेगा, तो उसका असर सिर्फ तटीय राज्यों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे देश के बड़े हिस्से पर दिखाई देगा। पूर्वी भारत (ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार) में भारी से बहुत भारी बारिश होगी। मध्य भारत (छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, विदर्भ, महाराष्ट्र) में लगातार झमाझम बरसात होगी। पश्चिम भारत (राजस्थान, गुजरात और कभी-कभी दिल्ली-एनसीआर तक) में भी सक्रिय मानसून के कारण तेज़ बारिश देखने को मिलेगी। यानि, पूर्व से लेकर पश्चिम तक एक लंबा बेल्ट बारिश से प्रभावित होगा और लगभग आधा भारत मानसून की सक्रिय से प्रबल स्थिति का अनुभव करेगा।
पुराने सिस्टम का असर कमजोर
पहले बना निम्न दबाव क्षेत्र फिलहाल उत्तर-पश्चिम मध्यप्रदेश और इससे सटे उत्तरप्रदेश पर है। यह धीरे-धीरे कमजोर होकर एक चक्रवाती परिसंचरण में तब्दील हो जाएगा। वहीं, उत्तर-पूर्व राजस्थान और हरियाणा पर पहले से बना परिसंचरण इससे मिल जाएगा। दोनों के जुड़ने से मानसूनी ट्रफ के साथ एक फैला हुआ परिसंचरण अगले 3 दिन तक इस क्षेत्र में सक्रिय रहेगा। इसके बाद हवा का दबाव कमजोर होने से यह पैटर्न बिखरा हुआ दिखाई देगा।
28 अगस्त से नया सिस्टम करेगा असर
नया निम्न दबाव क्षेत्र 28 अगस्त को ओडिशा से अंदरूनी हिस्सों में प्रवेश करेगा। पुराने सिस्टम के अवशेष और नए सिस्टम के आने से मानसूनी गतिविधियां तेज होंगी। 20°N से 30°N अक्षांश तक फैले बड़े इलाके यानी ओडिशा और पश्चिम बंगाल से लेकर गुजरात और राजस्थान तक में अगस्त के बचे हुए दिनों और सितंबर के शुरुआती दिनों में सक्रिय मानसून बना रहेगा।
कब कहाँ होगी ज्यादा बारिश
• 27-28 अगस्त को ओडिशा, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश होगी।
• 29 अगस्त को बारिश का दायरा बढ़कर झारखंड, बिहार, पूर्वी मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र (कोंकण-गोवा और मुंबई सहित) तक फैलेगा।
• 30-31 अगस्त को पूरे मध्यप्रदेश, पूर्वी व उत्तरी राजस्थान, गुजरात, दिल्ली और दक्षिण-पश्चिम उत्तरप्रदेश में भारी बारिश होगी।
• 01-02 सितंबर के बीच मध्य भारत से बारिश की तीव्रता घटेगी। लेकिन राजस्थान, उत्तरी मध्यप्रदेश, दिल्ली और उत्तरप्रदेश में भारी मानसून वर्षा होती रहेगी।
आगे का पूर्वानुमान
मौसम मॉडल की सटीकता 5 दिन के बाद घटने लगती है। इसीलिए 2 सितंबर के बाद की मौसम स्थिति पर विस्तृत और अपडेटेड जानकारी अलग से साझा की जाएगी।
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