Monsoon 2025: बंगाल की खाड़ी से उठेगा नया सिस्टम, आंध्र-तेलंगाना, महाराष्ट्र, कर्नाटक में भारी बारिश
ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय हिस्सों पर एक चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बना है। जिसके असर से अगले 24 घंटों के भीतर पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी, उत्तर आंध्र और दक्षिण ओडिशा तट के पास एक निम्न दबाव क्षेत्र (Low Pressure Area) बनने की संभावना है। यह सिस्टम तेजी से अंदरूनी हिस्सों में प्रवेश करेगा और आंध्र तट को पार करते हुए तेलंगाना, महाराष्ट्र, उत्तर कर्नाटक और मध्य महाराष्ट्र की ओर बढ़ेगा। इससे मानसून की गतिविधियाँ दोबारा तेज होंगी, जो पिछले हफ्ते कुछ धीमी पड़ गई थीं।
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बड़ा असर लेकिन कमजोर सिस्टम
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यह लो प्रेशर बहुत ताकतवर नहीं होगा, लेकिन इसका असर काफी अधिक रहेगा। इसके चलते देश के मध्य और दक्षिणी हिस्सों में बारिश का दायरा बड़ा होगा। यह सिस्टम धीरे-धीरे आगे बढ़ेगा और कई बार लगभग स्थिर(stationary) भी रह सकता है। इसका प्रभाव उत्तर कर्नाटक, तेलंगाना और महाराष्ट्र के अंदरूनी हिस्सों में लंबे समय तक बना रहेगा। यह सिस्टम कोकण तट तक पहुंचकर वहीं थम जाएगा और अरब सागर को पार नहीं करेगा, जैसा कि अक्सर इस समय होता है। बावजूद इसके, यह कोकण और गोवा में भी मानसून को फिर से सक्रिय कर देगा, जहाँ इस महीने अब तक बरसात कमजोर रही थी।

सैटेलाइन इमेज: Himawari
तेलंगाना, विदर्भ और उत्तर कर्नाटक में भारी बारिश
अगले दो दिन यानी 13 और 14 सितम्बर को तेलंगाना, विदर्भ, मराठवाड़ा और उत्तर कर्नाटक में मध्यम से भारी बारिश देखने को मिलेगी। इसके बाद 14 और 15 सितम्बर को मध्य महाराष्ट्र, कोकण और गोवा (जिसमें मुंबई भी शामिल है) में बारिश का दायरा बढ़ेगा। मुंबई में इन दो दिनों के दौरान विशेष तौर पर भारी बारिश की संभावना है।
गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान तक फैलेगा असर
इस सिस्टम के बाहरी हिस्से (Peripherals) भी बारिश करवाएँगे। 16 से 18 सितम्बर के बीच दक्षिणी तटीय गुजरात, दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। हालांकि अन्य हिस्सों में बारिश का असर धीरे-धीरे कम हो जाएगा। लेकिन गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान के कुछ इलाक़ों में मध्यम बारिश अगले वीकेंड तक छिटपुट रूप से जारी रह सकती है।
















