कर्नाटक, महाराष्ट्र और कोंकण-मुंबई में हफ्ताभर बरसेंगे बादल, भारी बारिश के आसार

By: Skymet team | Edited By:
Sep 11, 2025, 5:45 PM
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दक्षिण प्रायद्वीप में 4 से 10 सितम्बर के बीच मानसून की गतिविधि बहुत कमजोर रही है। कुल मिलाकर यहाँ 48% बारिश की कमी दर्ज की गई। महाराष्ट्र के विदर्भ और मराठवाड़ा हिस्सों में बारिश की भारी कमी रही। मुंबई में लगातार 4 दिनों से बारिश नहीं हुई। कर्नाटक के उत्तरी हिस्से में 85% और दक्षिणी हिस्से में 59% कमी दर्ज की गई।

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बंगाल की खाड़ी से बना नया सिस्टम

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बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती परिसंचरण अब आंध्र और ओडिशा तट के पास सक्रिय है। इसके असर से अगले 24 घंटों में नया लो प्रेशर एरिया बनने की संभावना है। यह सिस्टम आगे बढ़ते हुए तेलंगाना, महाराष्ट्र और कर्नाटक को प्रभावित करेगा और 13 से 16 सितम्बर के बीच उत्तरी कर्नाटक, तेलंगाना और सीमावर्ती महाराष्ट्र पर ज्यादा असर डालेगा।

बारिश की शुरुआत, शोलापुर में 118 मिमी

इस सिस्टम के असर से अलग-अलग हिस्सों में बारिश शुरू हो चुकी है। शोलापुर में कल 118 मिमी बारिश हुई। गुलबर्गा, रायचूर और बेंगलुरु में भी मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई। आने वाले दिनों में बारिश की तीव्रता और क्षेत्र दोनों बढ़ेंगे। 13 से 16 सितम्बर तक उत्तर कर्नाटक, तेलंगाना, विदर्भ, मराठवाड़ा, मध्य महाराष्ट्र और कोंकण क्षेत्र में अच्छी बारिश होगी। कोंकण और गोवा में बारिश का दौर और आगे बढ़ेगा और दक्षिण गुजरात तट तक पहुंचेगा।

मुंबई में हफ्तेभर की बारिश

मुंबई और आसपास के इलाकों में 13 से 19 सितम्बर तक लगातार बारिश का सिलसिला चलेगा। 14–15 सितम्बर को भारी बारिश के आसार हैं और 17–19 सितम्बर के बीच फिर से तेज बारिश हो सकती है। इलाके में मौसम साफ़ होने की संभावना इस महीने के अंतिम हफ्ते से पहले नहीं है।

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Skymet team

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

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