मानसून गया, गर्मी लौटी! गुजरात-राजस्थान में ‘दूसरी गर्मी’ का दौर शुरू
मुख्य मौसम बिंदु
- दक्षिण-पश्चिम मानसून उत्तरी, पश्चिमी और मध्य भारत से पूरी तरह विदा हो चुका है।
- राजस्थान और गुजरात में शुष्क पश्चिमी हवाओं के कारण अक्टूबर में गर्मी बढ़ रही है।
- चूरू, पिलानी और श्रीगंगानगर में तापमान 40°C के करीब।
- गुजरात के राजकोट, सुरेंद्रनगर और अहमदाबाद में तापमान 37°C पार कर चुका है।
- पूर्वानुमान वैधता: गर्म और शुष्क मौसम का यह पूर्वानुमान अक्टूबर के तीसरे सप्ताह तक प्रभावी रहने की संभावना है, इसके बाद तापमान में धीरे-धीरे गिरावट शुरू हो सकती है।
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दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के उत्तरी, पश्चिमी और मध्य हिस्सों से पूरी तरह विदा हो चुका है। राजस्थान और गुजरात के पश्चिमी हिस्सों में बड़ा भू-भाग शुष्क और रेगिस्तानी है, जहां मानसून का प्रभाव पहले भी बहुत सीमित रहता है। इस समय पश्चिमी पाकिस्तान और उससे सटे ईरान के इलाकों में तापमान 42–43°C तक पहुंच रहा है। पाकिस्तान के मध्य हिस्सों में भी पारा 40°C या उससे अधिक हो गया है। हवाओं का रुख भी बदल चुका है और अब शुष्क तथा गर्म पश्चिमी हवाओं का प्रभाव बढ़ गया है।
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मानसून की वापसी के बाद बादलों और बारिश की कमी के कारण अक्टूबर में गुजरात और राजस्थान के तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होती है। शुष्क पश्चिमी हवाओं के साथ गर्म हवा का आगमन इन राज्यों में एक तरह की ‘दूसरी गर्मी’ का दौर शुरू करता है। इस दौरान मौसम मुख्य रूप से गर्म और शुष्क रहता है और यह स्थिति अक्टूबर के तीसरे सप्ताह तक बनी रह सकती है। इसके बाद तापमान धीरे-धीरे कम होने लगता है और करीब 10 नवंबर तक मौसम में हल्की सर्दी का एहसास आने लगता है।
कर्क रेखा के आसपास ज्यादा गर्मी, पूर्वी हिस्सों में थोड़ी देरी
कर्क रेखा यानी Tropic of Cancer इन दोनों राज्यों से गुजरती है। यह काल्पनिक रेखा 23.5° उत्तरी अक्षांश पर स्थित है और इसके दोनों ओर के क्षेत्रों में अक्टूबर के दौरान मानसून की वापसी के बाद गर्मी अधिक महसूस होती है। भारत में कर्क रेखा आठ राज्यों गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और मिजोरम से होकर गुजरती है। इसकी सबसे छोटी लंबाई राजस्थान में और सबसे लंबी दूरी मध्य प्रदेश में है।
कर्क रेखा के बिल्कुल आसपास, यानी इसके उत्तर और दक्षिण दोनों तरफ के इलाकों में, मानसून की विदाई के बाद तापमान तेजी से बढ़ता है। हालांकि, देश के पूर्वी हिस्से को गर्म होने में थोड़ा अधिक समय लगता है, क्योंकि वहां मानसून की हवाओं का प्रभाव अक्टूबर के मध्य के बाद तक बना रह सकता है। इसी वजह से गुजरात और राजस्थान में गर्मी पहले बढ़ने लगती है, जबकि कर्क रेखा के पूर्वी हिस्सों में तापमान बढ़ने की प्रक्रिया कुछ धीमी रहती है।
राजस्थान-गुजरात में 40°C के करीब पहुंचा पारा
राजस्थान और गुजरात में दिन का तापमान अब बढ़ना शुरू हो गया है। राजस्थान के चूरू, पिलानी और श्रीगंगानगर में तापमान करीब 40°C तक पहुंच गया है। वहीं सीमा से लगे अन्य इलाकों जैसलमेर, बाड़मेर, फलोदी और बीकानेर में अधिकतम तापमान 38–39°C दर्ज किया गया है। गुजरात के अंदरूनी हिस्सों में भी गर्मी बढ़ रही है और राजकोट, सुरेंद्रनगर तथा अहमदाबाद में तापमान 37°C का आंकड़ा पार कर चुका है।
आने वाले एक सप्ताह में तापमान में और बढ़ोतरी होने की संभावना है और कई इलाकों में पारा 40°C तक पहुंच सकता है। इसका असर खासतौर पर उत्तर गुजरात और सौराष्ट्र-कच्छ में अधिक देखने को मिल सकता है। इसलिए अक्टूबर के दौरान गुजरात और राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में गर्म और शुष्क मौसम को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत होगी। मानसून की विदाई के बाद साफ आसमान, बारिश की कमी और पश्चिमी हवाओं का प्रभाव इन क्षेत्रों में गर्मी को बढ़ाता रहेगा।
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