दक्षिण भारत में पूर्वोत्तर मानसून सक्रिय, अगले 5 दिन तमिलनाडु-केरल और कर्नाटक में भारी बारिश के आसार

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Oct 16, 2026, 1:45 PM
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मुख्य मौसम बिंदु

  • पूर्वोत्तर मानसून ने दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में दस्तक दे दी है।
  • तमिलनाडु के परमथी में 127 मिमी और कोयंबटूर में 62 मिमी बारिश दर्ज हुई।
  • तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक के कई शहरों में भारी से बहुत भारी बारिश संभव है।
  • मौसम प्रणाली तट पार करके अरब सागर की ओर बढ़ सकती है, जिससे बारिश की तीव्रता कुछ कम हो सकती है।
  • पूर्वानुमान की वैधता: यह मौसम पूर्वानुमान 21 अक्टूबर तक मान्य है। अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में कमजोर पड़ने की संभावना है।

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पूर्वोत्तर मानसून ने कल दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में दस्तक दे दी। इसके बाद दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की गई। तमिलनाडु के परमथी में 127 मिमी और कोयंबटूर में 62 मिमी बारिश हुई। तटीय शहर कराईकल में लगातार दूसरे दिन भारी बारिश हुई और यहां 56 मिमी वर्षा दर्ज की गई। दक्षिण भारत के अंदरूनी हिस्सों में स्थित तिरुपति में 50 मिमी बारिश हुई, जबकि केरल के कन्नूर में रात के दौरान 58 मिमी बारिश दर्ज की गई। पूर्वोत्तर मानसून के प्रभाव वाले सभी पांच मौसम उपखंडों में मध्यम बारिश देखने को मिली। अगले 3 से 4 दिनों के दौरान दक्षिण भारत में बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।

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सैटेलाइट इमेज

सैटेलाइट इमेज, Himawari

दक्षिण भारत के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के अंदरूनी हिस्सों में एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके प्रभाव क्षेत्र में तमिलनाडु, रायलसीमा, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक और केरल के कुछ हिस्से शामिल हैं। यह मौसम प्रणाली लगभग 18,000 फीट की ऊंचाई तक फैली हुई है और केरल तट के आसपास ऊंचाई के साथ पूर्व दिशा की ओर झुक रही है। इस परिसंचरण से जुड़ी एक उत्तर-दक्षिण ट्रफ प्रायद्वीप के दक्षिणी सिरे से उत्तरी आंतरिक कर्नाटक तक फैली हुई है। अगले कुछ समय तक यह मौसम प्रणाली इसी क्षेत्र में बनी रह सकती है। इस दौरान इसमें पूर्व-पश्चिम दिशा में मामूली बदलाव होते रहेंगे। बाद में इसके पूर्व दिशा की ओर बढ़ते हुए तट पार करके अरब सागर में पहुंचने की संभावना है।

पूर्वोत्तर मानसून 2026

पूर्वोत्तर मानसून 2026

तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक में भारी से बहुत भारी बारिश

दक्षिण भारत के दक्षिणी हिस्सों में, विशेषकर 15° उत्तरी अक्षांश के दक्षिण में, व्यापक बारिश के साथ कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। तमिलनाडु में त्रिची, मदुरै, तंजावुर, कोयंबटूर, तिरुपुर, सेलम, इरोड, ऊटी और कोडईकनाल में भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। केरल में कन्नूर, पलक्कड़, मलप्पुरम, इडुक्की, वायनाड, कोच्चि, कोट्टायम और त्रिशूर में भी भारी बारिश हो सकती है। कर्नाटक में बेंगलुरु, मैसूर, मांड्या, हासन, चामराजनगर और चित्रदुर्ग में खराब मौसम के साथ बारिश की गतिविधियां तेज रहने की आशंका है। इन क्षेत्रों में बारिश के दौरान स्थानीय मौसम की स्थिति पर नजर रखना जरूरी होगा।

दक्षिण-पश्चिम मानसून 2026

दक्षिण-पश्चिम मानसून 2026

अरब सागर की ओर बढ़ेगी मौसम प्रणाली

जब यह मौसम प्रणाली तट पार करके अरब सागर की ओर बढ़ेगी, तब बारिश की तीव्रता और प्रभावित क्षेत्रों का विस्तार कुछ कम हो सकता है। हालांकि, इसके बावजूद अगले 4 से 5 दिनों तक दक्षिण भारत में बारिश जारी रहने की संभावना है। विशेष रूप से दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के पश्चिमी हिस्सों और सबसे दक्षिणी क्षेत्रों में बारिश अधिक प्रभावी रह सकती है। अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में बारिश की गतिविधियां धीरे-धीरे कमजोर पड़ने और कुछ समय के लिए रुकने की भी संभावना है। इस तरह दक्षिण भारत में पूर्वोत्तर मानसून के शुरुआती दौर में अगले कुछ दिनों तक बारिश प्रमुख मौसमी गतिविधि बनी रह सकती है।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

पूर्वोत्तर मानसून ने दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में दस्तक दी है। इसके प्रभाव से तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक सहित दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश हो रही है।

तमिलनाडु में कोयंबटूर, मदुरै, तिरुपुर और ऊटी; केरल में कन्नूर, कोच्चि, वायनाड और इडुक्की; जबकि कर्नाटक में बेंगलुरु, मैसूर और मांड्या में भारी बारिश की संभावना है।

अगले 4–5 दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना है। अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ सकती हैं या कुछ समय के लिए रुक सकती हैं।

डिस्क्लेमर: यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है