देशभर में बारिश से लू पर ब्रेक, लेकिन राजस्थान-गुजरात और विदर्भ में अभी भी गर्मी, जानें क्यों?
मुख्य मौसम बिंदु
- उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और मध्य भारत में तापमान में गिरावट
- राजस्थान और गुजरात के कुछ हिस्सों में अभी भी गर्मी कायम
- प्री-मानसून गतिविधियों से बारिश और आंधी की संभावना
- 12 मई के बाद फिर से हीटवेव लौटने के संकेत
अप्रैल 2026 के तीसरे और चौथे सप्ताह के दौरान देश के बड़े हिस्से में भीषण गर्मी देखने को मिली थी। उत्तर प्रदेश के बांदा में अधिकतम तापमान 47.6°C तक पहुंच गया था। प्रयागराज और वाराणसी जैसे शहरों में भी तापमान क्रमशः 46°C और 44°C तक पहुंच गया था, लेकिन अब इनमें काफी गिरावट आई है। प्रयागराज का तापमान अब 36°C के आसपास है, जो सामान्य से करीब 5°C कम है। विदर्भ के अकोला में भी तापमान 47°C से गिरकर अब सामान्य से लगभग 2°C नीचे आ गया है। राजस्थान और गुजरात के कई हिस्सों में भी ऐसा ही बदलाव देखा गया है।
ज्यादातर क्षेत्रों में हीटवेव खत्म, कुछ इलाकों में गर्मी बरकरार
फिलहाल उत्तर, पूर्व और दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्सों से हीटवेव का असर खत्म हो चुका है। हालांकि, पश्चिम और मध्य भारत के कुछ सीमावर्ती इलाकों में अभी भी गर्मी बनी हुई है, लेकिन यह हीटवेव की श्रेणी में नहीं आ रही। पश्चिमी राजस्थान के फलोदी में तापमान 44.8°C दर्ज किया गया, जो हीटवेव की सीमा 45°C के काफी करीब है। वहीं विदर्भ के अकोला, अमरावती और चंद्रपुर में तापमान 42°C से 44°C के बीच बना हुआ है, लेकिन अगले एक सप्ताह में इसके और बढ़ने की संभावना नहीं है। कल देश का सबसे अधिक तापमान आदिलाबाद में 45.3°C दर्ज किया गया, जहां हीटवेव की स्थिति बनी रही।
कई मौसम प्रणालियों से बदलेगा मौसम का मिजाज
देशभर में सक्रिय कई मौसम प्रणालियों के प्रभाव से प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो रही हैं। उत्तर, पूर्वोत्तर, मध्य और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक, धूल भरी आंधी और तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसके चलते तापमान में और गिरावट आ सकती है या फिर खासकर उत्तर और पूर्व भारत में स्थिर बना रहेगा।
आने वाले दिनों का रुख: कब लौटेगी लू
महाराष्ट्र में अगले दो दिनों तक मौजूदा मौसम बना रहेगा, इसके बाद तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन हीटवेव बनने की संभावना नहीं है। हालांकि, पश्चिमी राजस्थान, गुजरात और विदर्भ क्षेत्र अगले एक सप्ताह तक देश के सबसे गर्म इलाके बने रहेंगे। अनुमान है कि 12 मई 2026 के बाद इन क्षेत्रों में फिर से हीटवेव की स्थिति विकसित हो सकती है।
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