दक्षिण भारत में बढ़ी बारिश, तमिलनाडु से केरल तक बरसात, आने वाला है पूर्वोत्तर मानसून

By: Skymet team | Edited By:
Oct 8, 2025, 5:30 PM
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दक्षिण भारत में बारिश, फोटो: Kheti Vyapar

देश के मध्य और पूर्वी हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी (Withdrawal) का दौर अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस बीच दक्षिण भारत (South Peninsula) में उत्तर-पूर्वी मानसून (Northeast Monsoon) अपनी दस्तक देने की तैयारी में है। दरअसल, दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई ही उत्तर-पूर्वी मानसून की शुरुआत का संकेत होती है। कई बार ये दोनों मौसम प्रणालियाँ एक-दूसरे से ओवरलैप (Overlap) कर जाती हैं, जिससे दक्षिण भारत में यह पहचानना कठिन हो जाता है कि एक मानसून खत्म हुआ या दूसरा शुरू।

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सप्ताह के दौरान दक्षिण भारत में बढ़ेगी बारिश

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इस हफ्ते दक्षिण भारत के तटीय और आंतरिक हिस्सों में बारिश फिर से सक्रिय होने वाली है। 15° उत्तर अक्षांश (Latitude) के नीचे, यानी दक्षिण भारत के निचले हिस्सों में कई मौसमी प्रणालियाँ (Weather Systems) मिलकर बारिश बढ़ाने का काम कर रही हैं। वर्तमान में तमिलनाडु तट के पास दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी (Southwest Bay of Bengal) में एक चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बना हुआ है। इससे एक पूर्व-पश्चिम ट्रफ (East-West Trough) रायलसीमा और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक से होकर तटीय कर्नाटक (Coastal Karnataka) तक फैली है। इसके अलावा अगले 36 घंटों में उत्तर बंगाल की खाड़ी (North Bay of Bengal) के ऊपर एक नया चक्रवाती परिसंचरण बनने की संभावना है, जिससे पूर्वी तट पर बारिश की रेखा (Trough) और मजबूत होगी।

8 से 12 अक्टूबर के बीच दक्षिण भारत में हल्की बारिश

तमिलनाडु, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तटीय कर्नाटक और केरल में 8 से 12 अक्टूबर के बीच मध्यम से हल्की छिटपुट बारिश होने की संभावना है। बारिश की तीव्रता में कुछ दिन का हल्का विराम आ सकता है, लेकिन अक्टूबर के तीसरे हफ्ते में बारिश दोबारा जोर पकड़ सकती है। इस दौरान बंगाल की खाड़ी में हवाओं का रुख (Wind Pattern) बदलता हुआ नजर आ रहा है, पश्चिमी हवाओं की जगह पूर्वी हवाएं (Easterlies) ले रही हैं, जो उत्तर-पूर्वी मानसून की शुरुआत का प्रमुख संकेत मानी जाती हैं।

कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना

आने वाले दिनों में दक्षिण भारत के आंतरिक हिस्सों में भी बारिश बढ़ेगी और कुछ जगहों पर भारी बारिश (Heavy Rain) की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। बारिश से प्रभावित होने वाले प्रमुख शहरों में चेन्नई, विल्लुपुरम, तिरुवन्नामलाई, वेल्लोर, त्रिची, मदुरै, तिरुपति, अनंतपुर, कर्नूल, ओंगोल, बेंगलुरु, मैसूर, मैंगलुरु, कोच्चि, कोल्लम, कोट्टायम और त्रिशूर शामिल है। इन इलाकों में आने वाले दिनों में उत्तर-पूर्वी मानसून की पहली बारिश देखने को मिल सकती है।

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Skymet team

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

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