मुंबई पहुंचा दक्षिण-पश्चिम मानसून, अगले 7 दिन हल्की से भारी बारिश के आसार, जानें कहां ज्यादा बरसेंगे बादल ?
मुख्य मौसम बिंदु
- सांताक्रूज़ में 12 मिमी और कोलाबा में 49 मिमी बारिश दर्ज हुई।
- बारिश के साथ गरज-चमक प्री-मानसून मौसम का संकेत हैं।
- दक्षिण-पश्चिम मानसून मुंबई में सामान्य से लगभग 12 दिन देरी से पहुंचा।
- सप्ताह के दौरान भारी बारिश और जलभराव की आशंका है।
- पूर्वानुमान वैधता: अगले 7 दिनों तक है।
मुंबई और उसके उपनगरों में पिछले 24 घंटों के दौरान छिटपुट बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें दर्ज की गईं। हवाई अड्डा वेधशाला सांताक्रूज़ में 12 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि क्षेत्रीय वेधशाला कोलाबा में 49 मिमी बारिश दर्ज हुई। इससे एक दिन पहले भी दोनों केंद्रों पर 19 मिमी और 13 मिमी वर्षा हुई थी। यह बारिश प्री-मानसून गतिविधियों की विशेषता रही, जिसमें गरज-चमक के साथ तेज बौछारें देखने को मिलीं। ऐसी मौसमीय परिस्थितियाँ दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन का संकेत मानी जाती हैं। आने वाले दिनों में भी मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में बारिश जारी रहने की संभावना है।
सामान्य से 12 दिन देरी से दक्षिण-पश्चिम मानसून
इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून ने मुंबई में सामान्य तिथि की तुलना में देर से प्रवेश किया है। आमतौर पर मानसून 11 जून तक मुंबई पहुंच जाता है, लेकिन इस बार इसका आगमन लगभग 12 दिन की देरी से हुआ। पिछले वर्ष मानसून 26 मई को मुंबई पहुंच गया था, जो अब तक का सबसे जल्दी मानसून आगमन था। वर्ष 1956 में भी मानसून इसी तिथि पर मुंबई पहुंचा था। इससे पहले 2024 में मानसून 9 जून को मुंबई पहुंचा था। वहीं सबसे अधिक देरी से मानसून 25 जून 2023 को पहुंचा था, जिसे अब तक का सबसे विलंबित(देर से आना) आगमन माना जाता है। यही तिथि इससे पहले 2019 में भी दर्ज की गई थी। मानसून के आगमन में इस तरह के उतार-चढ़ाव मुंबई के मौसम के बदलते स्वरूप को दिखाते हैं।
जून के शेष दिनों में बढ़ेगी बारिश, जलभराव की आशंका
गौरतलब है, मानसून के पहले महीने जून में मुंबई में सामान्य वर्षा औसत 526.3 मिमी है। हालांकि इश साल अभी तक सांताक्रूज़ में केवल 46.1 मिमी और कोलाबा में 76.1 मिमी वर्षा दर्ज हुई है। जून के समाप्त होने में अभी लगभग एक सप्ताह का समय बाकी है और इस दौरान अधिकांश दिनों में मध्यम बारिश होने की संभावना है। कई इलाकों में कम समय के लिए भारी वर्षा भी हो सकती है। तेज बारिश के कारण कुछ क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन सकती है, जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। विशेष रूप से शाम और रात के समय बारिश की तीव्रता अधिक रहने की संभावना है, जबकि दिन के समय बीच-बीच में मौसम में राहत मिल सकती है। बादलों से ढका आसमान और मध्यम गति की हवाएं गर्मी-उमस से कुछ राहत देंगी।
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