मूसलाधार बारिश से उत्तर प्रदेश जलमग्न, कई नदियाँ खतरे के निशान पर, बाढ़ का संकट गहराया
उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश दर्ज की गई है। साथ ही, नेपाल की पहाड़ियों और उत्तर प्रदेश-बिहार की तराई क्षेत्रों में भी बहुत भारी वर्षा हुई है। इस भारी बारिश के कारण नदियों में उफान आ गया है, जिससे कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। यूपी की प्रमुख नदियाँ जैसे गंगा, यमुना, रामगंगा, शारदा, घाघरा और राप्ती खतरे के निशान के पास या उससे ऊपर बह रही हैं। कुछ नदियों ने तटबंध तोड़कर निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ की स्थिति पैदा कर दी है। प्रशासन हालात पर कड़ी नजर रखे हुए है और प्रभावित लोगों की सहायता के लिए आवश्यक कदम उठा रहा है।
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मानसून ट्रफ उत्तर की ओर खिसका, यूपी-बिहार में भारी बारिश का खतरा
मौसमी मानसून ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर खिसक गया है और अब वह इंडो-गैंगेटिक मैदानों के ऊपर सक्रिय है। इस बदलाव के चलते देश के अन्य हिस्सों में बारिश में कमी आई है, लेकिन उत्तर प्रदेश और बिहार में भारी से अति भारी बारिश का खतरा लगातार बना हुआ है। बीते 24 घंटों में जिन स्थानों पर भारी वर्षा हुई, उनमें फुरसतगंज (106 मिमी), मुरादाबाद (104 मिमी), लखनऊ (91 मिमी), बरेली (86 मिमी), प्रयागराज (50 मिमी) और कानपुर (44 मिमी) शामिल हैं। अगले 4–5 दिनों तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश जारी रहने की संभावना है।
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चक्रवाती परिसंचरण से और बढ़ेगी वर्षा, 11 अगस्त से नया सिस्टम सक्रिय
फिलहाल मानसून ट्रफ उत्तर दिशा में बनी रहेगी और इसके साथ-साथ दक्षिण-पश्चिम व मध्य उत्तर प्रदेश पर चक्रवाती परिसंचरण भी बना रहेगा। इस कारण मैदानों और तराई क्षेत्रों में कई जगहों पर भारी बारिश होती रहेगी।11 अगस्त के आसपास बंगाल की खाड़ी में एक नया मानसून सिस्टम बनने की संभावना है, जो मानसून को दोबारा सक्रिय करेगा। इससे हवा की दिशा एक बार फिर इंडो-गैंगेटिक मैदानों में बदल जाएगी। फिर 11 अगस्त के बाद एक और भारी वर्षा का दौर शुरू हो सकता है। इस आगामी सिस्टम की सटीक अवधि और तीव्रता का आकलन कर समय पर जानकारी दी जाएगी।
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इन जिलों में खतरे की घंटी–सतर्क रहने की आवश्यकता
वर्तमान में यूपी के लखनऊ, फैजाबाद, कानपुर, प्रयागराज, बरेली, अलीगढ़, बांदा, महोबा, चित्रकूट, हमीरपुर, औरेया, गोरखपुर, वाराणसी, बलिया, गाज़ीपुर, देवरिया और आजमगढ़ में मौसम का मिजाज बिगड़ सकता है। इन जिलों के निवासियों को सावधानी बरतने की आवश्यकता है, क्योंकि इन इलाकों में भारी बारिश, जलभराव और बाढ़ के हालात बन सकते हैं। आने वाले सप्ताह के दौरान खराब मौसम के कारण अत्यधिक सतर्कता बरतने की जरूरत होगी।
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