दिल्ली-NCR में भारी बारिश से मौसम बदला, पूरे सप्ताह फिर बरसेंगे बादल,तापमान में आएगी गिरावट
मुख्य मौसम बिंदु
- दिल्ली-NCR में सोमवार सुबह 5-6 घंटे तक तेज बारिश और गरज-चमक हुई।
- सफदरजंग में 42 mm और पालम में 31 mm बारिश दर्ज की गई।
- जलभराव और ट्रैफिक जाम के साथ उड़ानों के आगमन और प्रस्थान पर भी असर पड़ा।
- 13 से 16 अक्टूबर के बीच दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद में फिर बारिश के आसार हैं।
- पूर्वानुमान वैधता: यह मौसम पूर्वानुमान 12-17 अक्टूबर 2026 तक के लिए है। 17 अक्टूबर से मौसम गतिविधियों में कमी आने की संभावना है।
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दिल्ली-NCR में सोमवार सुबह तड़के ही तेज बारिश और गरज के साथ बौछारों का दौर शुरू हो गया, जो करीब 5-6 घंटे तक जारी रहा। पालम और सफदरजंग के आसपास बारिश की गतिविधियां कुछ जल्दी समाप्त हो गईं, लेकिन नोएडा, फरीदाबाद और गाजियाबाद में लगभग दो घंटे तक और बारिश होती रही। ऊपरी वायुमंडल में सक्रिय पश्चिमी हवाओं के कारण गरज-चमक वाले बादल पश्चिम से पूर्व दिशा की ओर बढ़े। खराब मौसम का असर हवाई यातायात पर भी पड़ा। कई उड़ानों के आगमन और प्रस्थान में देरी हुई, लेकिन अब उड़ानों का संचालन सामान्य हो गया है। दिन चढ़ने के साथ मौसम की स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है। हालांकि, पूरे सप्ताह बीच-बीच में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
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सफदरजंग में 42 mm और पालम में 31 mm बारिश
दिल्ली के प्रमुख मौसम केंद्र सफदरजंग में करीब 2-3 घंटे के दौरान 42 mm बारिश दर्ज की गई, जबकि पालम में इसी अवधि में 31 mm बारिश रिकॉर्ड हुई। तेज बारिश थमने के बाद भी आसमान में बादल छाए रहे और हल्की बारिश होती रही। कुछ इलाकों में जलभराव के कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी हुई और सड़कों पर ट्रैफिक जाम लगा। हालांकि, यह मौसम में आया एक अस्थायी बदलाव था और अब स्थिति लगभग सामान्य हो गई है।
अक्टूबर में इस तरह की तेज बारिश मानसून की वापसी के दौरान हवाओं के स्वरूप में बदलाव और पश्चिमी मौसम प्रणालियों के प्रभाव से हो सकती है। इस महीने उत्तर भारत में बारिश की मात्रा में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। दिल्ली में अक्टूबर के दौरान औसतन केवल 14.1 mm बारिश होती है। पिछले 15 वर्षों के दौरान तीन बार ऐसा हुआ है, जब पूरे अक्टूबर महीने में बिल्कुल बारिश नहीं हुई, जबकि दो बार मासिक बारिश 100 mm से अधिक रही। अक्टूबर 2022 में दिल्ली में सबसे अधिक 128.6 mm बारिश दर्ज की गई थी।
13 से 16 अक्टूबर तक फिर बारिश के आसार
उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में मंगलवार को एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से उत्तरी पाकिस्तान और पंजाब तथा उत्तरी राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में एक चक्रवाती परिसंचरण विकसित हो सकता है। इस मौसमी सिस्टम से जुड़ा एक पूर्व-पश्चिम ट्रफ इस परिसंचरण केंद्र से पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक फैलेगा। यह ट्रफ दिल्ली के आसपास से गुजर सकता है, जिससे राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनेंगी।
दिन के दौरान बारिश की गतिविधियों में अस्थायी विराम के बाद 13 से 16 अक्टूबर के बीच दिल्ली-NCR में फिर बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। इस दौरान तापमान में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं होगी और दिन का तापमान 30°C के शुरुआती स्तर यानी 31-32°C के आसपास रह सकता है। सोमवार को अधिकतम तापमान 31°C तक भी पहुंचने की संभावना कम है। सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 18.7°C दर्ज किया गया, जो इस महीने का अब तक का सबसे कम न्यूनतम तापमान है। अगले कुछ दिनों तक दिन और रात, दोनों का तापमान सामान्य से लगभग 2-3°C नीचे रह सकता है। 17 अक्टूबर या उसके बाद बारिश की गतिविधियों में व्यापक कमी आने और मौसम साफ होने की संभावना है।
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