पश्चिमी हिमालय में फिर सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ, बारिश और बर्फबारी के आसार

By: Mahesh Palawat | Edited By: Mohini Sharma
Mar 26, 2026, 4:30 PM
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मुख्य मौसम बिंदु

  • मार्च में पश्चिमी हिमालय में बारिश की भारी कमी रही
  • 28-30 मार्च के बीच मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा
  • ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना
  • मौसम में सुधार के बावजूद कमी पूरी नहीं होगी

पूरे मार्च महीने में कई पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालय तक पहुंचे, लेकिन उनका असर उम्मीद से कम रहा। इसके बावजूद क्षेत्र में पर्याप्त बारिश और बर्फबारी नहीं हो पाई। 25 मार्च तक उत्तराखंड में करीब 21% अधिक बारिश दर्ज हुई, लेकिन हिमाचल प्रदेश में लगभग 13% की कमी रही। वहीं जम्मू-कश्मीर में करीब 45% की बड़ी कमी दर्ज की गई। लद्दाख में स्थिति और खराब है, जहां 100% से ज्यादा वर्षा की कमी बनी हुई है।

सीमित असर, उत्तर-पश्चिम भारत में दिखा हल्का प्रभाव

इससे साफ है कि इस महीने आए अधिकांश पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालय में व्यापक बारिश और बर्फबारी नहीं करा सके। हालांकि, इनका अप्रत्यक्ष असर उत्तर-पश्चिम भारत में हल्की बारिश और कहीं-कहीं गरज-चमक के रूप में देखने को मिला।

28-30 मार्च: नया और मजबूत सिस्टम लाएगा बदलाव

अब 28 मार्च की रात से एक नया और अपेक्षाकृत मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है। इसके प्रभाव से 28 मार्च की शाम से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख में हल्की बारिश और बर्फबारी शुरू हो जाएगी। 29 और 30 मार्च को इसकी तीव्रता और दायरा बढ़ेगा। इस दौरान उत्तराखंड के कई हिस्सों में भी बारिश होगी। ऊंचे इलाकों में ताजा बर्फबारी होने की संभावना है, जिससे पहाड़ों पर नई बर्फ की परत जमेगी।

31 मार्च के बाद राहत, लेकिन कमी पूरी नहीं होगी

31 मार्च से मौसम धीरे-धीरे साफ होने लगेगा और 1 अप्रैल से आसमान साफ व स्थिर मौसम रहने की संभावना है। यह बारिश और बर्फबारी की नई लहर कुछ हद तक कमी को कम कर सकती है, लेकिन पूरी भरपाई संभव नहीं है। आगे अप्रैल के पहले पखवाड़े में कुछ और पश्चिमी विक्षोभ आएंगे, लेकिन धीरे-धीरे उनकी संख्या और ताकत कम हो जाएगी। कुल मिलाकर, पश्चिमी हिमालय में मार्च का अंत बारिश की कमी के साथ ही होगा, जो इस सीजन के कमजोर रहने का संकेत है।

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Mahesh Palawat
Vice President of Meteorology & Climate Change
Mr. Palawat, Vice President of Meteorology & Climate Change, is a former Air Force boxer and a passionate weather enthusiast. Dedicated to tracking and predicting weather for the benefit of farmers and the general public, he has been an integral part of Skymet since its inception.
FAQ

कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के कारण पर्याप्त बारिश और बर्फबारी नहीं हो पाई।

28 से 30 मार्च के बीच मौसम गतिविधियां तेज होंगी।क्या बारिश की कमी पूरी हो जाएगी?

नहीं, यह सिस्टम कमी को थोड़ा कम करेगा, लेकिन पूरी भरपाई नहीं होगी।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है