मुंबई और पुणे में कब बरसेगा मानसून? अगले 7 दिन भारी बारिश के आसार नहीं, बढ़ सकता है जल संकट
मुख्य मौसम बिंदु
- मुंबई और पुणे में मानसून निर्धारित तिथि के बाद भी नहीं पहुंचा।
- बारिश की कमी से जलाशयों और भूजल स्तर पर दबाव बढ़ा।
- अगले 5 दिनों तक अच्छी बारिश की संभावना बहुत कम।
- 25 से 27 जून के बीच मुंबई में मध्यम बारिश की उम्मीद।
- पूर्वानुमान की वैधता: अगले 7 दिन।
महाराष्ट्र के दो प्रमुख शहर मुंबई और पुणे इस बार मानसून की लंबी प्रतीक्षा कर रहे हैं। सामान्यतः मुंबई में मानसून 11 जून और पुणे में 10 जून तक पहुंच जाता है, लेकिन इस बार दोनों शहरों में मानसून का आगमन निर्धारित तिथि पार कर चुका है। जून महीने में अब तक पुणे लगभग सूखा बना हुआ है, जबकि मुंबई में भी मानसूनी बारिश का इंतजार जारी है। बारिश की कमी के कारण भूजल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है और जलाशयों का जलस्तर भी घट रहा है। हालात ऐसे हैं कि पानी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए कई क्षेत्रों में जलापूर्ति पर नियंत्रण और राशनिंग की नौबत आ गई है।
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कोंकण तट पर सक्रिय नहीं हो पा रहा मानसून
आमतौर पर कोंकण तट और विशेष रूप से मुंबई में अच्छी बारिश के लिए पश्चिमी तट के साथ सक्रिय मानसूनी ट्रफ और बंगाल की खाड़ी से आने वाली मौसम प्रणालियां महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। जब ये सिस्टम सक्रिय होते हैं, तो मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक वर्षा होती है। इसके बाद पश्चिमी घाटों को पार कर यही नमी पुणे और उसके आसपास के इलाकों तक पहुंचती है। लेकिन फिलहाल ये दोनों प्रमुख मौसमीय कारक कमजोर या अनुपस्थित हैं, जिसके कारण मुंबई और पुणे दोनों ही बारिश से वंचित बने हुए हैं। इससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है और जल संकट और गंभीर होता जा रहा है।
अगले पांच दिनों तक राहत के संकेत नहीं
कोंकण तट पर अच्छी बारिश के लिए अरब सागर से आने वाली मजबूत पश्चिमी हवाओं का पश्चिमी घाटों से टकराना आवश्यक होता है। यही प्रक्रिया नमी से भरे बादलों को वर्षा के लिए मजबूर करती है। लेकिन वर्तमान में तटीय क्षेत्र या समुद्र के ऊपर ऐसा कोई मजबूत मौसमीय तंत्र मौजूद नहीं है, जो मानसून को सक्रिय कर सके। इसलिए मुंबई और पुणे दोनों को कम से कम अगले पांच दिनों तक बारिश की कमी का सामना करना पड़ सकता है। इसके बाद भी मौसम की तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। कुछ हलचल बनने के संकेत जरूर हैं, लेकिन वे कितनी प्रभावी होंगी, इस पर अभी अनिश्चितता बनी हुई है।
25 जून के बाद बढ़ सकती हैं बारिश की संभावनाएं
मौसम संकेतों के अनुसार 25 जून के आसपास उत्तर बंगाल की खाड़ी में निचले स्तरों पर एक कमजोर चक्रवाती परिसंचरण बनने की संभावना है। फिलहाल यह प्रणाली बहुत मजबूत नजर नहीं आ रही है, लेकिन यदि इसका विकास अनुकूल परिस्थितियों में होता है तो यह कोंकण तट के साथ पश्चिमी हवाओं को मजबूत कर सकती है। इसके प्रभाव से 25 से 27 जून के बीच मुंबई में मध्यम बारिश की कुछ गतिविधियां शुरू हो सकती हैं, जिससे गर्म और शुष्क मौसम से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि अगले एक सप्ताह तक मुंबई में केवल हल्की फुहारें या बहुत हल्की बारिश ही देखने को मिल सकती है। दूसरी ओर पुणे में गर्म और शुष्क मौसम बने रहने के आसार हैं।
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