उत्तर भारत में सर्दी का असर तेज़, कोहरा-बर्फबारी और तीव्र शीतलहर बिगाड़ेगी हालात

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Jan 2, 2026, 4:30 PM
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उत्तर भारत पर मौसम का ट्रिपल अटैक, फोटो- AI

मुख्य मौसम बिंदु

  • पहाड़ों और मैदानों में एक साथ बर्फबारी, बारिश और शीत लहर
  • कश्मीर, हिमाचल और जम्मू में भारी हिमपात, चिल्लई कलां तेज
  • मैदानी इलाकों में बारिश थमी, लेकिन ठंड और कोहरा बरकरार
  • आने वाले दिनों में यातायात सेवाएं प्रभावित होने की आशंका

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उत्तर भारत के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में एक साथ खराब मौसम ने जबरदस्त असर डाला है। नए साल की पूर्व संध्या से लेकर 2026 की शुरुआत तक पूरे क्षेत्र में शीत लहर, घना कोहरा और बारिश-बर्फबारी एक साथ देखने को मिली। 1 और 2 जनवरी 2026 को मौसम की मार पहाड़ों और मैदानों दोनों पर बराबर पड़ी। हालात काफी कठोर रहे और आने वाले दिनों में किसी बड़े सुधार की संभावना बहुत कम नजर आ रही है।

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कश्मीर, जम्मू और हिमाचल में भारी बर्फबारी, ‘चिल्लई कलां’ और सख्त

कश्मीर घाटी, जो पीर पंजाल और ग्रेट हिमालय की हिमाद्री पर्वतमाला के बीच स्थित है, वहां ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी हुई है। जम्मू संभाग के पुंछ जिले में पिछले 36 घंटों के दौरान बर्फीला तूफान और तेज़ बर्फीली हवाएं चलीं। पूरे क्षेत्र में कड़ाके की ठंड पड़ रही है, जिससे कश्मीर का सबसे कठोर सर्दियों का दौर ‘चिल्लई कलां’ और अधिक तीव्र हो गया है। हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिलों, खासकर लाहौल-स्पीति के कुछ हिस्सों में भी बर्फबारी दर्ज की गई है। कोकसर, शिंकुला, जांस्कर-सुमदो, अटल टनल और रोहतांग क्षेत्र ताज़ी बर्फ की मोटी चादर से ढक गए हैं, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों में उत्साह देखा गया।

मैदानी इलाकों में सर्दियों की पहली व्यापक बारिश, बाद में मौसम साफ

उत्तर भारत के मैदानी इलाकों और तराई क्षेत्रों में सर्दियों की पहली पारंपरिक बारिश दर्ज की गई, जिसका दायरा राजस्थान और गुजरात के कुछ हिस्सों तक फैल गया। पंजाब और हरियाणा के मैदानी इलाकों में नए साल की पूर्व संध्या से कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश और बूंदाबांदी हुई। इसके बाद बारिश का दायरा उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों तक भी पहुंचा। फिलहाल बारिश थम चुकी है और मौसम में आंशिक सुधार आया है, लेकिन ठंड और घने कोहरे ने अपना शिकंजा और कस लिया है।

बर्फीली हवाएं और घना कोहरा बढ़ाएंगे परेशानी, यातायात प्रभावित

पहाड़ों में हुई बर्फबारी और मैदानी इलाकों में फैली बारिश के बाद पूरे उत्तर भारत में हाड़ कंपाने वाली ठंड महसूस की जा रही है। मौसम प्रणालियों के गुजरने के बाद पहाड़ों से उतरने वाली बेहद ठंडी और तेज़ हवाएं मैदानी इलाकों में चुभने वाली सर्दी बढ़ाएंगी। घना कोहरा सर्दी की परेशानी को और बढ़ाएगा, जिससे दृश्यता घटेगी और आने वाले कुछ दिनों में रेल, सड़क और हवाई यातायात पर बड़ा असर पड़ने की आशंका है।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

पश्चिमी विक्षोभ और सर्द मौसम प्रणालियों के कारण पहाड़ों और मैदानों में एक साथ ठंड, बारिश और बर्फबारी हुई।

कश्मीर घाटी, पुंछ जिला, लाहौल-स्पीति, रोहतांग और आसपास के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी दर्ज की गई है।

घने कोहरे और ठंडी हवाओं के कारण रेल, सड़क और हवाई यातायात पर सबसे ज्यादा असर पड़ने की संभावना है।

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है