उत्तर प्रदेश-बिहार में शीत लहर का प्रकोप, इन क्षेत्रों में तापमान 5 डिग्री से कम, जानें कब से मिलेगी राहत
मुख्य मौसम बिंदु
- पूर्वी यूपी और बिहार में शीत लहर की स्थिति बनी हुई है
- घना कोहरा दिन के तापमान को बढ़ने नहीं दे रहा
- रात और सुबह के समय ठंड का असर ज्यादा
- सप्ताहांत तक ठंड और तेज हो सकती है
बिहार और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में शीत लहर ने अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। कई स्थानों पर घना और बेहद घना कोहरा छाया हुआ है, जिसके कारण दिन के तापमान में बढ़ोतरी नहीं हो पा रही है। रात के समय चलने वाली ठंडी हवाओं ने ठिठुरन और बढ़ा दी है, खासतौर पर पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तरी बिहार में। इस सप्ताह मौसम में ज्यादा बदलाव की संभावना नहीं है, बल्कि सप्ताहांत तक ठंड और तेज हो सकती है।
क्यों बढ़ रही है पूर्वी यूपी और बिहार में इतनी ठंड
पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में भीषण ठंड के पीछे कई कारण जिम्मेदार हैं। नेपाल के पहाड़ी इलाकों और इंडो-गंगेटिक मैदानी क्षेत्रों में मौजूद अत्यधिक ठंड, अनुकूल हवाओं के जरिए इन राज्यों में प्रवेश कर रही है। देश के मध्य भाग में स्थित प्रतिचक्रवात (एंटी-साइक्लोन) इन इलाकों से काफी दूर है, इसलिए यह ठंडी हवाओं को रोक नहीं पा रहा है। उल्टा, इसने हवाओं की गति और बढ़ा दी है, जो निचले वायुमंडल में नेपाल की तलहटी के साथ तेज बह रही हैं।
इसके अलावा, घने कोहरे के कारण दिन के तापमान में भी भारी गिरावट बनी हुई है। इन दोनों राज्यों का कोई भी मौसम केंद्र 20 डिग्री सेल्सियस तक नहीं पहुंच पाया है। दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश का इटावा देश का सबसे ठंडा स्थान बना रहा, जहां आज और कल न्यूनतम तापमान क्रमशः 2.6°C और 2.4°C दर्ज किया गया। उत्तर प्रदेश-बिहार सीमा से सटे आजमगढ़, बलिया, गोरखपुर और वाराणसी के साथ-साथ कानपुर, फुरसतगंज, प्रयागराज और हरदोई में तापमान करीब 5 डिग्री या उससे नीचे बना हुआ है। बिहार में भागलपुर, नालंदा और गया में भी इसी तरह की ठंड दर्ज की गई।
आने वाले दिनों में भी राहत नहीं, ठंड का प्रकोप जारी
उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों की ओर कोई सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ नहीं बढ़ रहा है, जिससे इस एकरूप मौसम में बदलाव आ सके। ऐसे में इस पूरे सप्ताह हड्डियां जमा देने वाली ठंड जारी रहने की संभावना है। घना कोहरा दिन के तापमान को और दबाए रखेगा। रात और तड़के के समय बेहद ठंडे हालात बने रहेंगे। इस सप्ताह बिहार और उत्तर प्रदेश दोनों ही राज्यों में शीत लहर और कोल्ड डे की स्थिति बनने का खतरा बना हुआ है।








