दिल्ली में ठंड का कहर, लगातार तीसरे दिन शीत लहर, आगे क्या रहेगा मौसम का मिज़ाज?
मुख्य मौसम बिंदु
- दिल्ली में लगातार तीन दिन शीत लहर, न्यूनतम तापमान 4°C से नीचे
- दिन और रात के तापमान में बड़ा अंतर, दिन में गर्माहट
- उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं से उत्तर भारत में कंपकंपी
- 16 जनवरी के बाद पश्चिमी विक्षोभ से बारिश और बर्फबारी की संभावना
दिल्ली में 12 से 14 जनवरी 2026 के बीच लगातार तीन दिन शीत लहर दर्ज की गई है। सफदरजंग बेस स्टेशन पर न्यूनतम तापमान क्रमशः 3.2°C, 3.0°C और 3.8°C रिकॉर्ड किया गया। मैदानी इलाकों में अगर तापमान 4°C से नीचे चला जाए तो उसे शीत लहर माना जाता है। मौजूदा हालात अधिकतम एक दिन और बने रह सकते हैं, इसके बाद ठंड से कुछ राहत मिलने की संभावना है।
दिन में धूप, रात में कड़ाके की ठंड
तेज धूप निकलने के कारण दिन का तापमान सामान्य से ऊपर चला गया। अधिकतम तापमान 21.6°C रहा, जो औसत से लगभग 2°C ज्यादा है। दिन और रात के तापमान में अंतर यानी डायर्नल वैरिएशन 18.6°C रहा, जो जनवरी के मध्य में काफी ज्यादा माना जाता है। आज यह अंतर 16°C से ऊपर बना रह सकता है। साफ आसमान वाली रातें रेडिएशनल कूलिंग को बढ़ावा देती हैं, जिससे न्यूनतम तापमान एक बार फिर कम हो जाता है। हालांकि कल सुबह न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी संभव है, लेकिन इसके 5°C से नीचे ही रहने के आसार हैं।
उत्तर-पश्चिमी हवाओं से जमी उत्तर भारत की धरती
पहाड़ों की ढलानों से उतरने वाली ठंडी उत्तर-पश्चिमी हवाएं उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में जबरदस्त ठंड का मुख्य कारण बनी हुई हैं। कल पंजाब के बलोवाल सौंकरी इस सीजन में मैदानी इलाकों का पहला स्टेशन बना, जहां न्यूनतम तापमान 0°C दर्ज किया गया। इससे पहले भटिंडा (पंजाब), हिसार (हरियाणा) और फलोदी (राजस्थान) में तापमान 0.5°C के आसपास पहुंच चुका था। 16 जनवरी 2025 के बाद इस ठंड से अस्थायी राहत मिलने की संभावना है।
पश्चिमी विक्षोभ देगा मौसम में बड़ा बदलाव
16 जनवरी 2025 को एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालय की ओर बढ़ने वाला है। यह पहला सिस्टम होगा, जिसके साथ मैदानी इलाकों में प्रेरित चक्रवाती परिसंचरण बनने की संभावना है। इन दोनों सिस्टम्स की गति धीमी रहेगी, जिससे 16 से 23 जनवरी 2026 के बीच पूरे सप्ताह मौसम में बदलाव बना रह सकता है। पहाड़ी राज्यों में इस दौरान बर्फबारी होगी और मैदानी इलाकों में बारिश देखने को मिलेगी। दिल्ली इस सिस्टम के बाहरी प्रभाव क्षेत्र में रहेगी, लेकिन सप्ताह के अंत तक हल्की बारिश की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसके अलावा, गणतंत्र दिवस के आसपास दिल्ली में सर्दियों की बारिश हो सकती है।
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