सर्द मौसम ने ली करवट,पहाड़ों में बर्फबारी, उत्तर भारत के मैदानों में तूफानी बारिश

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Jan 21, 2026, 6:40 PM
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मुख्य मौसम बिंदु

  • पश्चिमी विक्षोभ से पहाड़ों में व्यापक बर्फबारी संभव
  • 22–23 जनवरी को मैदानों में सर्दियों की बारिश
  • भारी बर्फ से सड़कों और उड़ानों पर असर की आशंका
  • 27–28 जनवरी को फिर बारिश-बर्फबारी की संभावना

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इस मौसम में अब तक पहाड़ी इलाके लगभग बर्फ से खाली रहे हैं और मैदानी क्षेत्रों को भी सर्दियों की बारिश नहीं हुई है। बर्फ की कमी इतनी ज्यादा हो चुकी है कि उसकी भरपाई करना अब लगभग नामुमकिन लगता है। वहीं, मैदानी इलाकों पर भी सर्दियों के सूखे (विंटर ड्रॉट) का खतरा मंडरा रहा है। हालांकि, अब पहाड़ों और मैदानों में एक साथ अच्छी बारिश-बर्फबारी की उम्मीद की एक किरण दिखाई दे रही है, जिससे मुरझाई उम्मीदों को नया जीवन मिला है। लंबे समय से चला आ रहा यह कठिन सूखा दौर (जिंक्स) जल्द टूट सकता है और सामान्य सर्दियों जैसा मौसम लौट सकता है।

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सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ की एंट्री, मैदान और पहाड़ दोनों होंगे प्रभावित

एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ आज देर रात पश्चिमी हिमालय के ऊपर पहुंच रहा है। इसके प्रभाव से उत्तर राजस्थान और आसपास के इलाकों में प्रेरित चक्रवाती परिसंचरण बनेगा। पर्याप्त मात्रा में नमी की आपूर्ति इस मौसम प्रणाली को और मजबूत करेगी, जिससे पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण एक-दूसरे को पूरक रूप से मजबूत करेंगे। अगले 48 घंटों में पहाड़ों में व्यापक बर्फबारी और मैदानी इलाकों में अच्छी बारिश होने की संभावना है।

कश्मीर से हिमाचल तक भारी बर्फ, आवाजाही और उड़ानों पर असर

सबसे पहले कश्मीर घाटी में बर्फबारी शुरू होगी,जो लगभग 12 घंटे की देरी से हिमाचल प्रदेश तक फैल जाएगी। उत्तराखंड में ज्यादातर बारिश और गरज-चमक देखने को मिलेगी, जबकि बर्फबारी केवल ऊँचे और चुनिंदा इलाकों तक सीमित रहेगी। जम्मू-कश्मीर में भारी बर्फबारी के कारण भूस्खलन की आशंका है, जिससे सड़कें और राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो सकते हैं। मुख्य संपर्क मार्ग भी अवरुद्ध हो सकते हैं, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित होगा। हवाई उड़ानों पर भी अस्थायी असर पड़ सकता है और कुछ समय के लिए हवाई यात्रा सीमित हो सकती है। हिमाचल प्रदेश में भी इसी तरह की परिस्थितियाँ बनने की संभावना है।

मैदानों में सर्दियों की बारिश, दिल्ली को हल्की राहत

मैदानी इलाकों में बारिश और गरज के साथ बौछारें काफी तेज रहेंगी। 22 और 23 जनवरी 2026 को पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक साथ सामान्य सर्दियों की बारिश होने की संभावना है। पंजाब और हरियाणा के तराई क्षेत्रों को बारिश का सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा। दिल्ली सिस्टम के बाहरी हिस्से में रहेगी,इसलिए यहां बारिश की मात्रा कम रहने की संभावना है। 24 जनवरी को मैदानी इलाकों में मौसम में सुधार आएगा, लेकिन यह रुकावट ज्यादा लंबी नहीं होगी। 27 और 28 जनवरी 2026 के बीच बारिश और बर्फबारी की एक और लहर आने की संभावना है। पहाड़ों में 22 से 28 जनवरी तक लगभग लगातार बारिश और बर्फबारी जारी रह सकती है, हालांकि इसकी तीव्रता समय-समय पर बदलती रहेगी। मैदानों में जब भी बारिश और गरज-चमक होगी, उसी समय पहाड़ों में भारी बर्फबारी देखने को मिलेगी।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

22 से 28 जनवरी के बीच जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी के दौर आ सकते हैं।

दिल्ली सिस्टम के बाहरी हिस्से में रहेगी, इसलिए यहां हल्की बारिश होने की संभावना है।

इस दौर की बारिश और बर्फबारी से सूखे की स्थिति में काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है