तेजी से लुढ़का दिल्ली का तापमान, ठिठुरन बढ़ी लेकिन बारिश के आसार नहीं
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में तापमान में गिरावट दर्ज हुई है। मैदानों में हुई बारिश और पहाड़ों पर बर्फबारी के बाद पहाड़ों से चलने वाली ठंडी हवाओं ने रात के तापमान को काफी नीचे पहुंचा दिया है। पंजाब, हरियाणा, पश्चिम उत्तर प्रदेश और राजस्थान में इस सीजन का अब तक का सबसे कम तापमान रिकॉर्ड हुआ है। हालांकि अभी तापमान एक अंक (single digit) तक नहीं पहुंचा है, लेकिन इस हफ्ते के अंत तक इसके और गिरने की संभावना है।
दिल्ली में सीजन की सबसे ठंडी सुबह
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के बेस स्टेशन सफदरजंग में आज सुबह न्यूनतम तापमान 12.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे कम तापमान है। बीते 24 घंटों में इसमें करीब 6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। अगले 3 से 4 दिनों में तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। इस सीजन में पहली बार दिल्ली का तापमान 15 डिग्री से नीचे गया है। तापमान में आई गिरावट की वजह से आज सुबह दिल्ली की हवा में ठंडक साफ महसूस की गई। आने वाले दिनों में सर्दी और बढ़ेगी और सप्ताहांत तक तापमान एक अंक तक पहुंच सकता है।
नवंबर में दिल्ली का रिकॉर्ड ठंडा तापमान
दिल्ली में नवंबर महीने में न्यूनतम तापमान का एक अंक तक गिरना आम बात है। आमतौर पर यह सबसे कम तापमान महीने के अंतिम सप्ताह में दर्ज होता है। साल 2010 से अब तक नवंबर महीने में दर्ज न्यूनतम तापमान इस प्रकार रहा है-

साल 2020 में 23 नवंबर को न्यूनतम तापमान 6.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो अब तक का सबसे कम रहा है।
आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति
फिलहाल पहाड़ों पर कोई सक्रिय मौसम प्रणाली नहीं है। इसके चलते मैदानी हिस्से ठंडी हवाओं की चपेट में बने रहेंगे। दिल्ली और आसपास के इलाकों में लंबा शुष्क मौसम दौर जारी रहेगा। नवंबर के मध्य के बाद सूखी सर्द हवाओं वाला विशिष्ट ठंड का दौर और तेज़ी से बढ़ेगा। उत्तर भारत में सर्दी ने दस्तक दे दी है। तापमान तेजी से गिर रहा है और दिल्ली सहित मैदानी इलाकों में इस हफ्ते के अंत तक तापमान एक अंक तक पहुंचने की संभावना है। सर्दियों का असली एहसास अब शुरू हो चुका है।
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