[Hindi] सम्पूर्ण भारत का 10 अक्टूबर, 2026 का मौसम पूर्वानुमान

By: Mahesh Palawat | Edited By: Mohini Sharma
Oct 9, 2026, 11:30 AM
WhatsApp icon
thumbnail image

मौसम पूर्वानुमान

देश भर में मौसम प्रणाली:

दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी रेखा अब सुपौल, रांची, सुंदरगढ़, बरगढ़, बीजापुर, हैदराबाद, बेलगावी और पणजी से गुजर रही है। यह रेखा 27.5° उत्तरी अक्षांश और 86.5° पूर्वी देशांतर से शुरू होकर 15° उत्तरी अक्षांश और 72° पूर्वी देशांतर तक फैली हुई है।

अगले तीन से चार दिनों के दौरान पूर्वी भारत के कुछ और हिस्सों, प्रायद्वीपीय भारत के उत्तरी क्षेत्रों और पूर्वोत्तर भारत के बड़े हिस्सों से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो रही हैं।

उत्तर बांग्लादेश और उससे सटे असम के ऊपर समुद्र तल से लगभग 900 मीटर से 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।

Advertisement

इससे एक ट्रफ रेखा झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ होते हुए तेलंगाना तक फैली है। यह समुद्र तल से लगभग 5.8 से 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर मौजूद है और ऊंचाई के साथ इसका झुकाव उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर है।

Advertisement

पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर समुद्र तल से 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।

इसके अलावा हरियाणा और उससे सटे उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर भी इसी ऊंचाई तक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।

दक्षिण भारत में कोमोरिन क्षेत्र से तमिलनाडु और आंतरिक कर्नाटक होते हुए मराठवाड़ा तक लगभग 900 मीटर की ऊंचाई पर उत्तर-दक्षिण दिशा में एक ट्रफ रेखा फैली हुई है।

वहीं, उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे इलाकों में समुद्र तल से लगभग 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर पश्चिमी विक्षोभ के रूप में चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।

पिछले 24 घंटों के दौरान देश भर में हुई मौसमी हलचल

पिछले 24 घंटों के दौरान, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, केरल, तमिलनाडु, असम, मेघालय और नागालैंड में कई स्थानों पर बारिश या गरज के साथ बौछारें दर्ज की गईं।

वहीं, पंजाब, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कुछ स्थानों पर बारिश हुई। देश के बाकी हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहा।

प्रमुख बारिश के आंकड़ों में असम के गुवाहाटी और अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर में 7-7 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं, पश्चिम बंगाल के उलूबेरिया में 6 सेंटीमीटर, असम के धुबरी में 4 सेंटीमीटर और मेघालय के शिलांग-बारापानी में 3 सेंटीमीटर बारिश हुई।

केरल की तिरुवनंतपुरम सिटी में भी 3 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा त्रिपुरा के अगरतला एयरपोर्ट, पश्चिम बंगाल के कोलकाता-दुमदुम एयरपोर्ट और जम्मू-कश्मीर के कटरा में 2-2 सेंटीमीटर बारिश हुई।

तापमान की बात करें तो 8 अक्टूबर को राजस्थान के पिलानी में देश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 39.7°C दर्ज किया गया। मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान असम के हाफलोंग में 15°C रहा।

विदर्भ के कुछ हिस्सों और कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, तेलंगाना तथा रायलसीमा में कुछ स्थानों पर अधिकतम तापमान सामान्य से काफी ऊपर रहा।

Advertisement

मराठवाड़ा के बड़े हिस्से, उत्तर आंतरिक कर्नाटक तथा तटीय कर्नाटक, केरल और पूर्वी राजस्थान के कुछ क्षेत्रों में भी दिन का तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया।

अगले 24 घंटों के दौरान मौसम की संभावित गतिविधि

अगले 24 घंटे को दौरान, उत्तराखंड में कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। कुछ जगहों पर भारी बारिश भी हो सकती है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश या बौछारें पड़ सकती हैं।

उत्तराखंड में गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ 40–50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार कभी-कभी 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। जम्मू-कश्मीर में भी बिजली गिरने की आशंका है। राजस्थान में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है।

मध्य भारत: पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। पूर्वी मध्य प्रदेश में 30–40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में मौसम अधिकतर शुष्क रहेगा।

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। गंगा के मैदानी क्षेत्रों वाले पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और ओडिशा में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।

बिहार में गरज-चमक के साथ 40–50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। पश्चिम बंगाल, सिक्किम, झारखंड और ओडिशा में हवा की रफ्तार 30–40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कुछ स्थानों पर बारिश और गरज-चमक के आसार हैं। पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में बिजली गिरने की संभावना बनी हुई है।

दक्षिण भारत: दक्षिण भारत में बारिश की गतिविधियां सक्रिय रहेंगी। केरल और लक्षद्वीप में कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। केरल, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी कहीं-कहीं बारिश हो सकती है।

पश्चिम भारत और द्वीपीय क्षेत्र: अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। गुजरात और महाराष्ट्र के अधिकतर हिस्सों में मौसम शुष्क रह सकता है। हालांकि, कोंकण और गोवा में कुछ स्थानों पर गर्मी और उमस परेशान कर सकती है।

अगले 24 घंटों के बाद का मौसम (10 से 11 अक्टूबर)

उत्तर भारत: जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। इन क्षेत्रों में कई स्थानों पर बारिश हो सकती है और कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका है। उत्तराखंड में बारिश कम होकर कुछ स्थानों तक सीमित हो सकती है। हालांकि, गरज-चमक के साथ 30–40 km/h की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं हल्की बारिश या बौछारें पड़ सकती हैं। इसके साथ ही गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। राजस्थान के अधिकतर हिस्सों में मौसम शुष्क रहेगा।

मध्य और पूर्वी भारत: पूर्वी मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, गंगा के मैदानी क्षेत्रों वाले पश्चिम बंगाल तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कुछ स्थानों पर बारिश जारी रह सकती है। छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां कम होने की संभावना है।

पूर्वोत्तर और द्वीपीय क्षेत्र: पूर्वोत्तर भारत में कुछ स्थानों पर बारिश जारी रह सकती है, लेकिन भारी बारिश को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में बारिश का दायरा काफी बढ़ सकता है और कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है।

दक्षिण भारत: केरल और लक्षद्वीप में कई स्थानों पर बारिश होने के आसार हैं। केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी कुछ स्थानों पर बारिश संभव है।

पश्चिम भारत: गुजरात, पश्चिमी मध्य प्रदेश, विदर्भ, मराठवाड़ा और महाराष्ट्र के अधिकतर हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। कोंकण और गोवा में गर्मी और उमस बनी रह सकती है।

किसी भी सूचना या लेख को प्रसारित या प्रकाशित करने पर साभार: skymetweather.com अवश्य लिखें।

author image
Mahesh Palawat
Vice President of Meteorology & Climate Change
Mr. Palawat, Vice President of Meteorology & Climate Change, is a former Air Force boxer and a passionate weather enthusiast. Dedicated to tracking and predicting weather for the benefit of farmers and the general public, he has been an integral part of Skymet since its inception.
FAQ

दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बौछारें पड़ सकती हैं। हरियाणा और दिल्ली में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक भी संभव है।

उत्तराखंड, केरल, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। उत्तराखंड में तेज हवाओं और बिजली गिरने की भी आशंका है।

हां, अगले तीन से चार दिनों में पूर्वी भारत के कुछ और हिस्सों, प्रायद्वीपीय भारत के उत्तरी क्षेत्रों और पूर्वोत्तर भारत के बड़े हिस्सों से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने की संभावना है।

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है