[Hindi] सम्पूर्ण भारत का 16 अक्टूबर, 2026 का मौसम पूर्वानुमान

By: Mahesh Palawat | Edited By: Mohini Sharma
Oct 15, 2026, 12:15 PM
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पूरे देश का मौसम पूर्वानुमान

देश भर में मौसम प्रणाली:

दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी रेखा फिलहाल धुबरी, कोलकाता, अंगुल, खम्मम और होनावर से होते हुए 14°N/73°E तक गुजर रही है। मौसम की परिस्थितियां अनुकूल होने के कारण 15 अक्टूबर को देश के शेष हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी पूरी होने और इसके साथ ही दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्व मानसून की बारिश शुरू होने की संभावना है।

जम्मू-कश्मीर और इससे सटे उत्तरी पाकिस्तान के ऊपर समुद्र तल से लगभग 3.1 से 4.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है। इससे जुड़ी ट्रफ लगभग 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर 30° उत्तरी अक्षांश के उत्तर में 72° पूर्वी देशांतर के आसपास फैली हुई है। उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर भी लगभग 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।

पहले कोमोरिन क्षेत्र के ऊपर मौजूद चक्रवाती परिसंचरण अब मन्नार की खाड़ी और आसपास के इलाकों में पहुंच गया है। यह समुद्र तल से लगभग 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है। इससे जुड़ी एक ट्रफ कोमोरिन क्षेत्र से दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी होते हुए ओडिशा तट के पास उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी तक फैली है। इस ट्रफ में मन्नार की खाड़ी वाला चक्रवाती परिसंचरण भी शामिल है।

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दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और आसपास के इलाकों में भी लगभग 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके अलावा, पूर्वी मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र होते हुए पूर्वोत्तर उत्तर प्रदेश से पूर्व-मध्य अरब सागर तक लगभग 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक ट्रफ फैली हुई है।

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पूर्वोत्तर उत्तर प्रदेश और उससे सटे बिहार के ऊपर पहले मौजूद चक्रवाती परिसंचरण अब इस ट्रफ में मिल गया है। मध्य असम के ऊपर भी लगभग 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।

दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में पहले निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना जताई गई थी, लेकिन 15 अक्टूबर की मौसम स्थिति में ऐसा कोई सिस्टम दर्ज नहीं किया गया है। इसलिए इसके बनने या आगे बढ़ने को लेकर कोई निश्चित जानकारी शामिल नहीं है।

पिछले 24 घंटों के दौरान देश भर में हुई मौसमी हलचल

पिछले 24 घंटे के दौरान, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में अधिकांश स्थानों पर बारिश या गरज के साथ बौछारें दर्ज की गईं।

पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिमी राजस्थान, ओडिशा, गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा, केरल और माहे में भी कई स्थानों पर बारिश हुई।तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ जगहों पर भारी बारिश दर्ज की गई।

प्रमुख बारिश के आंकड़ों में नागपट्टिनम में 9 सेंटीमीटर, कराईकल में 8 सेंटीमीटर, विशाखापत्तनम में 3 सेंटीमीटर, जम्मू में 3 सेंटीमीटर, कुकर्नाग में 3 सेंटीमीटर और अंबाला में 3 सेंटीमीटर बारिश शामिल है। काजीगुंड में 2 सेंटीमीटर, श्रीनगर शहर में 2 सेंटीमीटर और कटरा में भी 2 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई।

14 अक्टूबर को गुजरात के डीसा में अधिकतम तापमान 40.2°C दर्ज किया गया, जो देश में सबसे अधिक रहा। तटीय कर्नाटक के कई स्थानों पर अधिकतम तापमान सामान्य से काफी ऊपर रहा। कोंकण और गोवा के कुछ स्थानों के साथ-साथ विदर्भ, तेलंगाना और केरल में भी कुछ जगहों पर दिन का तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया।

मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान हिमाचल प्रदेश के मंडी में 15.3°C रहा। पश्चिमी राजस्थान के कुछ स्थानों और असम-मेघालय, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश तथा मध्य महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी अधिक दर्ज किया गया।

अगले 24 घंटों के दौरान मौसम की संभावित गतिविधि

अगले 24 घंटे के दौरान, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में कहीं-कहीं भारी बारिश भी संभव है।

पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि की आशंका है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में बिजली गिरने के साथ 40–50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

झोंकों की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। उत्तर प्रदेश और राजस्थान में 30–40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और झोंकों के 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।

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उत्तर मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा में भी कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। ओडिशा में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की संभावना है। बिहार तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में मौसम ज्यादातर शुष्क रहने का अनुमान है।

पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में भी कहीं-कहीं बौछारें पड़ने की संभावना है।

दक्षिण भारत में तेज बारिश, केरल और तमिलनाडु में भारी से बहुत भारी वर्षा के आसार

दक्षिण भारत में बारिश की गतिविधियां तेज बनी रहेंगी। केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है।

केरल और तमिलनाडु में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में कहीं-कहीं भारी बारिश के आसार हैं।

तटीय कर्नाटक, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और लक्षद्वीप में भी कुछ स्थानों पर बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। दक्षिण भारत में सक्रिय बारिश के इस दौर के बीच उत्तर-पूर्व मानसून की शुरुआत की परिस्थितियां भी अनुकूल बनी हुई हैं।

किसी भी सूचना या लेख को प्रसारित या प्रकाशित करने पर साभार: skymetweather.com अवश्य लिखें।

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Mahesh Palawat
Vice President of Meteorology & Climate Change
Mr. Palawat, Vice President of Meteorology & Climate Change, is a former Air Force boxer and a passionate weather enthusiast. Dedicated to tracking and predicting weather for the benefit of farmers and the general public, he has been an integral part of Skymet since its inception.
FAQ

पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। दक्षिण भारत में केरल और तमिलनाडु में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।

हां, दिल्ली-NCR में बारिश और गरज-चमक के साथ ओले गिरने की आशंका है। तेज हवाओं के झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

15 अक्टूबर से दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्व मानसून की बारिश शुरू होने की परिस्थितियां अनुकूल हैं। तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और आसपास के क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां तेज रह सकती हैं।

डिस्क्लेमर: यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है