पहाड़ों की ओर बढ़ रहा पश्चिमी विक्षोभ, इन राज्यों में 16–18 फरवरी बारिश–बर्फबारी अलर्ट

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Feb 13, 2026, 6:30 PM
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पहाड़ों की ओर बढ़ रहा पश्चिमी विक्षोभ

मुख्य मौसम बिंदु

  • वर्तमान सिस्टम 24 घंटे में हटेगा, असर सीमित
  • नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस 16–18 फरवरी सक्रिय
  • 17 फरवरी को सबसे ज्यादा मौसम गतिविधि
  • 19 फरवरी से व्यापक मौसम साफ

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उत्तरी पहाड़ी क्षेत्रों में एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस गुजर रहा है। इसकी मौसम गतिविधियाँ फिलहाल केवल मध्य और ऊंचाई वाले इलाकों तक सीमित हैं। ऊंचे पहाड़ों पर बारिश और बर्फबारी की स्थिति बन रही है, जबकि निचली पहाड़ियों, तलहटी और आसपास के मैदानी भागों में आंशिक बादल छाए हुए हैं। यह सिस्टम अगले 24 घंटों में क्षेत्र से आगे निकल जाएगा और मौसम में अस्थायी सुधार देखने को मिलेगा।

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पहाड़ों की ओर बढ़ रहा पश्चिमी विक्षोभ

पहाड़ों की ओर बढ़ रहा पश्चिमी विक्षोभ

16–18 फरवरी के बीच नया सिस्टम देगा असर

एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस 16 फरवरी को क्षेत्र के पास पहुँचेगा और 16 से 18 फरवरी के बीच सक्रिय रहेगा। इसके साथ मैदानी इलाकों में एक प्रेरित चक्रवाती परिसंचरण भी बनेगा। इन दोनों सिस्टम के संयुक्त असर से पहाड़ और मैदान दोनों जगह एक साथ मौसम गतिविधियाँ देखने को मिलेंगी। यानी इस बार असर सिर्फ पहाड़ों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि नीचे के इलाकों तक भी पहुंचेगा।

पहाड़ों में बारिश और बर्फबारी, 17 फरवरी को सबसे ज्यादा असर

यह वेस्टर्न डिस्टर्बेंस ऊपरी हवा में ट्रफ के रूप में दिखाई दे रहा है, हालांकि बहुत मजबूत नहीं है। मैदानी इलाकों का चक्रवाती परिसंचरण पश्चिमी राजस्थान से पूर्वी राजस्थान, दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश की ओर बढ़ेगा। पहाड़ी राज्यों में निचले हिस्सों में बारिश और 12,000 फीट से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होगी। 16 और 18 फरवरी को गतिविधियां हल्की रहेंगी, जबकि 17 फरवरी को फैलाव और तीव्रता मध्यम स्तर की रहेगी।

मैदानी इलाकों में देरी से बारिश, 19 फरवरी से मौसम साफ

मैदानों में मौसम गतिविधियाँ करीब 24 घंटे की देरी से शुरू होंगी। 17 फरवरी को दक्षिणी पंजाब, हरियाणा, उत्तर राजस्थान, दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और दिल्ली हल्की बारिश और गरज के साथ बौछारें संभव हैं। अगले दिन गतिविधियाँ कमजोर पड़ जाएंगी और पंजाब–हरियाणा के अधिकतर हिस्सों से मौसम साफ होने लगेगा। 18 फरवरी को केवल दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। 19 फरवरी से पूरे क्षेत्र में मौसम साफ हो जाएगा। यह बदलाव सर्दी से प्री-मानसून मौसम की ओर बढ़ने का संकेत है। इसके बाद महीने के बाकी दिनों में मैदानों में मौसम अधिकतर शुष्क रहेगा और तापमान धीरे-धीरे बढ़ेगा।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

17 फरवरी को सबसे ज्यादा असर दिखेगा। इस दिन जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी तथा पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर राजस्थान और दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश में बारिश और गरज-चमक की संभावना रहेगी।

17 फरवरी को पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर राजस्थान में छिटपुट बारिश संभव है। 18 फरवरी को दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है।

19 फरवरी से पश्चिमी हिमालयी राज्यों और उत्तर भारत के मैदानी इलाकों पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में मौसम साफ होना शुरू हो जाएगा और बारिश की गतिविधियाँ खत्म होंगी।

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है