हल्की ठंड ने दी दिल्ली में दस्तक, ठिठुरन अभी दूर

November 27, 2024 12:45 PM|

दिल्ली में इस सप्ताह की शुरुआत में तापमान का स्तर बढ़ गया था। इसके बाद नवंबर में दूसरी बार हल्की ठंड लौट आई है। सफदरजंग स्थित बेस वेधशाला ने आज 27 नवंबर को न्यूनतम तापमान 10.4°C दर्ज किया है, जो महीने के इस समय में सामान्य है। इससे पहले, नवंबर में अब तक का सबसे कम न्यूनतम तापमान 10.2°C 21 नवंबर 2024 को दर्ज किया गया था। दिल्ली में तापमान का स्तर अगले 2 दिनों तक 10°C के आसपास रहेगा और उसके बाद हल्की सी बढ़ोत्तरी होगी।

पश्चिमीविक्षोभकाअसर:29 नवंबर को एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत के पहाड़ों पर पहुंचेगा। दरअसल, दो पश्चिमी विक्षोभ एक के बाद एक तेजी से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख से गुजरने वाले हैं। ये दो प्रणालियाँ (पश्चिमी विक्षोभ) लगभग एक-दूसरे के साथ ओवरलैप हो रही हैं। इनका मुख्य प्रभाव एक बार फिर मध्य और ऊपरी इलाकों तक ही सीमित रहेगा। पहलगाम, गुलमर्ग, सोनमर्ग क्षेत्र में 30 नवंबर से 03 दिसंबर 2024 के बीच ताजा बर्फबारी होगी। वहीं, श्रीनगर, अवंतीपुर, शोपियां जैसे निचले पहाड़ी इलाकों में 30 नवंबर और 01 दिसंबर 2024 को हल्की बारिश हो सकती है। 05 दिसंबर और उसके बाद पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम साफ होने की उम्मीद है।

दिल्ली/NCR के तापमान में गिरावट:अगले दो दिनों में दिल्ली/एनसीआर के तापमान में मामूली गिरावट की उम्मीद है। इसके बाद पश्चिमी विक्षोभ के कारण अगले 4-5 दिनों तक तापमान में अधिक गिरावट नहीं होगी। इसके साथ ही, चक्रवातीय तूफान (जो दक्षिणी भागों में है) के प्रभाव से गर्म और नमी युक्त पूरब से चलने वाली हवाएं मध्य भागों तक पहुंचेंगी। इन हवाओं का हल्का असर दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश और दिल्ली क्षेत्र तक भी पहुंचेगा। पूर्वी और पश्चिमी मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव के कारण दिल्ली में ठंडी सर्दियों की शुरुआत में अभी और समय लग सकता है।

बारिशऔरतापमानकाविश्लेषण:दक्षिण पश्चिम मानसून की वापसी के बाद से दिल्ली में कोई बारिश नहीं हुई है। अक्टूबर और नवंबर पूरी तरह से शुष्क रहे हैं। अगले दो सप्ताह तक बारिश की कोई उम्मीद नहीं है। हां, 05 दिसंबर 2024 के बाद तापमान में गिरावट आएगी। इस दौरान इस सीजन में पहली बार पारा एक अंक तक पहुंच सकता है।

दिल्ली में सर्दियों की असली ठंड का इंतजार थोड़ा लंबा हो सकता है। फिलहाल मौसम के छोटे बदलावों और आगामी पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव को ध्यान में रखते हुए सतर्क रहें।

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