तीन हफ्ते देर से विदा हुआ पूर्वोत्तर मानसून, लेकिन दक्षिण भारत में अब भी बारिश के आसार
मुख्य मौसम बिंदु
- पूर्वोत्तर मानसून तीन सप्ताह की देरी से समाप्त हुआ।
- दिसंबर–जनवरी में असामान्य मौसम प्रणालियों से बारिश बढ़ी
- जनवरी में केरल, तमिलनाडु और दक्षिण कर्नाटक में अधिक बारिश
- 23 से 25 जनवरी के बीच फिर बारिश की संभावना।
दक्षिण भारत में पूर्वोत्तर मानसून इस बार लगभग तीन हफ्ते की देरी से खत्म हुआ है। आमतौर पर यह मानसून दिसंबर के अंत तक चला जाता है, लेकिन इस बार कुछ अलग तरह के मौसम सिस्टम बनने की वजह से इसकी अवधि बढ़ गई। कुल मिलाकर दक्षिण भारत में इस मानसून सीजन की बारिश सामान्य रही। हालांकि केरल, जहां आमतौर पर सबसे ज्यादा बारिश होती है, वहां 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2025 के बीच बारिश कम रही। कर्नाटक में भी बारिश तय मात्रा से कम दर्ज की गई। इसके बावजूद पूरे दक्षिण प्रायद्वीप में औसतन 3 प्रतिशत ज्यादा बारिश हो गई।
दिसंबर के आखिर और जनवरी में क्यों बढ़ी बारिश
दिसंबर के आखिरी दिनों और जनवरी की शुरुआत में बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में एक अवदाब बना, जो श्रीलंका, मन्नार की खाड़ी और पाक जलडमरूमध्य के पास रहा। यह सिस्टम काफी समय तक वहीं ठहरा रहा, जिससे बारिश का सिलसिला जारी रहा और मानसून की विदाई टल गई। इसके बाद भूमध्यरेखा के पास कुछ और कमजोर सिस्टम बने, जिनकी वजह से बारिश होती रही। 1 से 20 जनवरी के बीच केरल, तमिलनाडु और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में सामान्य से काफी ज्यादा बारिश दर्ज की गई। आने वाले वीकेंड पर भी कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
श्रीलंका का महा मानसून और आगे की बारिश
श्रीलंका में पूर्वोत्तर मानसून अक्टूबर से जनवरी तक चलता है और वहां इसे ‘महा मानसून’ कहा जाता है। कई बार इसका असर जनवरी के बाद भी बना रहता है। भूमध्यरेखा के पास बनने वाली मौसम प्रणालियां कभी-कभी उत्तर की ओर बढ़ जाती हैं और तमिलनाडु व केरल के दक्षिणी हिस्सों में बारिश करा देती हैं। इसलिए पूर्वोत्तर मानसून खत्म होने के बाद भी दक्षिण भारत में सर्दियों के दौरान कभी-कभी बारिश होती रहती है। 23 से 25 जनवरी 2026 के बीच एक और बारिश का दौर आने की संभावना है। ऐसे छोटे-छोटे बारिश के दौर तब तक आते रहेंगे, जब तक श्रीलंका से पूर्वोत्तर मानसून पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता।








