उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से शीतलहर होगी कमजोर, लेकिन ठंडे दिन बढ़ाएंगे परेशानी
मुख्य मौसम बिंदु
- बीते 24 घंटों में शीतलहर से आंशिक राहत मिली।
- अधिकतम तापमान 20–25°C तक पहुंचा।
- दो पश्चिमी विक्षोभ से बारिश और बर्फबारी के आसार।
- ठंडी रातों से राहत, लेकिन ठंडे दिन परेशान कर सकते हैं।
पिछले लगभग एक सप्ताह से उत्तर भारत के मैदानी इलाके लगातार शीतलहर की चपेट में रहे हैं। हालांकि बीते 24 घंटों में मौसम से कुछ राहत जरूर मिली है। सुबह के समय कोहरा छंटने के बाद अधिकतम तापमान बढ़ गया है और ज्यादातर इलाकों में पारा 20 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया। न्यूनतम तापमान में भी कई जगह सुधार देखा गया है, हालांकि कुछ स्थानों पर अब भी ठंड का असर बना हुआ है।
कुछ शहरों में अब भी सामान्य से नीचे तापमान
आज 19 जनवरी की सुबह अमृतसर में न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री सेल्सियस और लुधियाना में 4.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से करीब 1 डिग्री कम है। इसके अलावा मुख्य इलाकों में न्यूनतम तापमान में अच्छी-खासी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे पहले राजस्थान के सीकर और हरियाणा के हिसार में तापमान लगभग जमाव बिंदु तक पहुंच गया था, लेकिन अब वहां क्रमशः 11 डिग्री और 8.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। राजस्थान के सबसे ठंडे स्थान चूरू में भी न्यूनतम तापमान 10.4 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, दिल्ली की पालम एयरपोर्ट वेधशाला में जनवरी में अब तक का सबसे अधिक न्यूनतम तापमान 9.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
दो पश्चिमी विक्षोभ लाएंगे बारिश और बर्फबारी
उत्तर भारत में एक के बाद एक दो पश्चिमी विक्षोभ गुजरने की संभावना है। इनका असर सबसे पहले पहाड़ी इलाकों में देखने को मिलेगा और फिर इसका प्रभाव मैदानी इलाकों तक फैलेगा। सप्ताह के मध्य से मौसम में बदलाव साफ नजर आने लगेगा। मैदानी इलाकों में सर्दियों की बारिश होने की संभावना है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में लंबे समय तक बर्फबारी जारी रह सकती है।
ठंडी रातों से राहत, लेकिन ठंडे दिन बढ़ाएंगे परेशानी
पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और आसपास के इलाकों में हवाओं की दिशा और गति में बदलाव आएगा। नमी वाली और अपेक्षाकृत गर्म हवाएं रात और सुबह के समय तापमान बढ़ाएंगी, जिससे कड़ाके की ठंड से कुछ राहत मिलेगी। हालांकि, मैदानी इलाकों में लगातार बादल छाए रहने के कारण दिन के तापमान में गिरावट आएगी और ‘कोल्ड डे’ जैसी स्थिति बन सकती है। आम लोगों पर इसका असर ज्यादा महसूस होगा, क्योंकि दिन के समय मौसम अधिक खराब रहेगा। रात के समय खराब मौसम का असर कई बार महसूस भी नहीं होता। कुल मिलाकर, आने वाले समय में ठंड से पूरी तरह राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। शीतलहर भले ही कमजोर पड़े, लेकिन उसकी जगह ठंडे दिन ले सकते हैं।








