मुंबई में पिछले एक दशक की सबसे गर्म जनवरी दर्ज, पारा गिरने के आसार नहीं
मुख्य मौसम बिंदु
- मुंबई में जनवरी के दौरान मौसम आमतौर पर सुहावना रहता है।
- उत्तर भारत की ठंड का असर सीमित समय के लिए ही पड़ता है।
- अगले 10 दिनों में तापमान में बड़ी गिरावट की संभावना नहीं।
- जनवरी 2026 सबसे गर्म जनवरी बन सकती है।
मुंबई एक तटीय शहर होने के कारण उत्तर भारत में जब कड़ाके की ठंड अपने चरम पर होती है, तब भी जनवरी के महीने में यहां मौसम आमतौर पर सुहावना बना रहता है। शहर की भौगोलिक स्थिति भी इसे राहत देती है, क्योंकि मुंबई कम अक्षांश (19° उत्तर) पर स्थित है और पश्चिमी घाट के उत्तरी हिस्से, कोंकण क्षेत्र में आती है। यही वजह है कि उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभों का सीधा असर मुंबई पर नहीं पड़ता। जनवरी के दौरान दक्षिणी प्रायद्वीप में मौसम संबंधी गतिविधियां बहुत कम होती हैं और किसी भी गंभीर या खतरनाक मौसम की आशंका बेहद कम रहती है।

उत्तर भारत की ठंड का हल्का असर मुंबई तक
हालांकि, मुंबई में ठंड का स्तर उत्तर भारत में आने वाली शीतलहर से कुछ हद तक जुड़ा रहता है। जब पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में ठंडी हवाएं पहाड़ों से नीचे की ओर बहती हैं, तो उसका ‘डोमिनो प्रभाव’ मुंबई के तापमान पर भी देखने को मिलता है। इससे शहर के तापमान में थोड़ी गिरावट जरूर होती है, लेकिन यह असर लंबे समय तक नहीं टिकता। आमतौर पर जनवरी में मुंबई का न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस या उससे कम रहता है।
जनवरी में न्यूनतम तापमान का रिकॉर्ड
पिछले वर्ष 2025 में मुंबई में जनवरी का न्यूनतम तापमान 7 जनवरी को 15.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो पिछले 10 वर्षों में इस महीने का सबसे अधिक न्यूनतम तापमान रहा। इस साल 2026 में अब तक का सबसे कम तापमान सांताक्रूज एयरपोर्ट वेधशाला में आज सुबह 15.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जो इस महीने का अब तक का सबसे कम आंकड़ा है। वहीं, कोलाबा वेधशाला में आज सुबह न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। आने वाले लगभग 10 दिनों तक तापमान में किसी बड़ी गिरावट की संभावना नहीं है।
आगे भी बना रहेगा सुहावना मौसम
अरब सागर के ऊपर, कोंकण तट के पास एक कमजोर चक्रवाती परिसंचरण जरूर बना हुआ है, लेकिन यह मुंबई से सुरक्षित दूरी पर है, इसलिए शहर में किसी भी मौसम गतिविधि की उम्मीद नहीं है। निचले स्तरों पर हवाएं अनियमित रहेंगी, जो तापमान में गिरावट के अनुकूल नहीं हैं। दोपहर 12 बजे के बाद मुंबई में समुद्री हवाएं चलने लगती हैं, जबकि आधी रात के बाद उत्तर-पूर्व दिशा से स्थल हवाएं चलती हैं। अगले एक हफ्ते में उत्तर भारत में दो पश्चिमी विक्षोभ गुजरने की संभावना है, जिससे मैदानी इलाकों में हवाओं की दिशा दक्षिण-पूर्वी हो जाएगी। ऐसे में ठंडी हवाएं कोंकण तट तक नहीं पहुंच पाएंगी। नतीजतन, समुद्री हवाओं का प्रभाव बना रहेगा और मुंबई में रात और सुबह के समय तापमान सुहावना रहेगा। अगले तीन दिनों में तापमान 17 से 19 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है और जनवरी के बाकी दिनों में इसके 16 डिग्री सेल्सियस से नीचे जाने की उम्मीद नहीं है। संभावना है कि जनवरी 2026 पिछले एक दशक की सबसे गर्म जनवरी के रूप में दर्ज हो सकती है।







