छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा में कोल्ड वेव का कहर, एक अंक में तापमान, 10 दिनों तक नहीं मिलेगी राहत

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Jan 17, 2026, 12:00 PM
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पूर्वी भारत में बढ़ी कड़ाके की ठंड, फोटो: PTI

मुख्य मौसम बिंदु

  • पूर्वी भारत में कई जगह न्यूनतम तापमान 3–5 डिग्री के आसपास
  • ओडिशा और छत्तीसगढ़ सबसे ज्यादा प्रभावित
  • अगले 10 दिनों तक बारिश की संभावना नहीं
  • महीने के अंत तक कड़ाके की ठंड जारी रहने के आसार

उत्तरी भारत की तरह ही देश के पूर्वी राज्यों में भी कोल्ड वेव का प्रकोप बना हुआ है, जो कुछ इलाकों में काफी गंभीर रहा है। जहां उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में ठंड से धीरे-धीरे राहत मिलने लगी है, वहीं पूर्वी भारत में फिलहाल तुरंत राहत मिलने की संभावना नहीं है। छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा में कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान एक अंक में दर्ज किया गया है। उत्तर भारत के विपरीत, इस क्षेत्र में अगले 10 दिनों तक बारिश से किसी तरह की राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पूर्वी उत्तर प्रदेश में जनवरी 2026 के पहले पखवाड़े में अब तक सर्दियों की एक भी बारिश दर्ज नहीं की गई है।

ओडिशा और छत्तीसगढ़ सबसे ज्यादा प्रभावित

ओडिशा और छत्तीसगढ़ इस ठंड के दौर से सबसे अधिक प्रभावित रहे हैं। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में लगातार 10 दिनों से न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस या उससे कम दर्ज किया जा रहा है। यहां 7 जनवरी 2026 को न्यूनतम तापमान 3.3 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था और आज भी तापमान 4 डिग्री से नीचे बना हुआ है। अंबिकापुर के साथ-साथ राजधानी रायपुर और दुर्ग में भी तापमान सामान्य से 5 से 6 डिग्री कम दर्ज किया गया। पड़ोसी राज्य ओडिशा में भी हालात कुछ ऐसे ही रहे। झारसुगुड़ा में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरा, जो सामान्य से 7.5 डिग्री कम रहा और इसे गंभीर कोल्ड वेव की श्रेणी में रखा गया। वहीं अंगुल और बारीपाड़ा में तापमान सामान्य से 4.5 से 6 डिग्री नीचे दर्ज किया गया।

झारखंड और बिहार तक पहुंचा भीषण ठंड का असर

भीषण ठंड का यह डोमिनो इफेक्ट आगे बढ़ते हुए झारखंड और बिहार के कुछ हिस्सों तक पहुंच गया। डालटेनगंज में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस, जबकि बोकारो में 5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पूरे पूर्वी क्षेत्र में शुष्क और सर्द हालात बने हुए हैं, जिससे रातें बेहद ठंडी हो रही हैं और सुबह के समय कंपकंपी बनी हुई है।

पश्चिमी विक्षोभ से उत्तर भारत को राहत, पूर्वी राज्यों को इंतजार

उत्तर भारत के पर्वतीय और मैदानी इलाकों से गुजरने वाला पश्चिमी विक्षोभ पूर्वी राज्यों को कुछ हद तक राहत दे सकता है, लेकिन यह राहत सीमित रहेगी। पूर्वी राज्यों में अभी भी नेपाल की ढलानों और तराई क्षेत्रों से उतरने वाली शुष्क और ठंडी उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलती रहेंगी। बारिश मुख्य रूप से उत्तरी मैदानी इलाकों तक ही सीमित रहेगी और अधिकतम मध्य उत्तर प्रदेश तथा उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश तक ही पहुंच पाएगी। पूर्वी राज्यों में पहली मौसमी बारिश के लिए अभी इंतजार करना होगा। तब तक इस पूरे क्षेत्र को महीने के अंत तक भीषण ठंड का सामना करना पड़ेगा।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

शुष्क उत्तर-पश्चिमी हवाएं और बारिश की कमी ठंड को बढ़ा रही हैं।

छत्तीसगढ़, ओडिशा और झारखंड में कोल्ड वेव ज्यादा गंभीर है।

पहली मौसमी बारिश आने तक ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है