समुद्र में हलचल तेज, बंगाल की खाड़ी का डिप्रेशन तेजी से बढ़ रहा आगे, तमिलनाडु के तट पर भारी बारिश का खतरा

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Jan 8, 2026, 1:30 PM
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बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र और करीब आ रहा है

मुख्य मौसम बिंदु

  • बंगाल की खाड़ी का डिप्रेशन श्रीलंका के पूर्वी तट के करीब पहुंचा
  • अगले 36 घंटों में बड़े चक्रवात में बदलने की संभावना कम
  • श्रीलंका के कई तटीय इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाओं का खतरा
  • 9–11 जनवरी के बीच दक्षिण तटीय तमिलनाडु में भारी बारिश की आशंका

बंगाल की खाड़ी में बना कल का अवदाब (डिप्रेशन) पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और भूमध्यरेखीय क्षेत्र में श्रीलंका के पूर्वी तट के करीब पहुंच गया है। यह प्रणाली लगभग 5.4° उत्तरी अक्षांश और 85° पूर्वी देशांतर के आसपास स्थित है, जो कोलंबो से करीब 750 किलोमीटर पूर्व-दक्षिणपूर्व में है। यह प्रणाली भूमध्य रेखा के काफी पास बनी हुई है, जिसे इसके विकास और मजबूती के लिए अनुकूल नहीं माना जाता। यह सिस्टम इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए कल शाम तक श्रीलंका के तट को पार कर सकता है। इसके बाहरी प्रभावों से दक्षिणी तटीय तमिलनाडु के मौसम पर असर पड़ने की संभावना है। इससे पहले, श्रीलंका 26 नवंबर से 3 दिसंबर 2025 के बीच चक्रवात ‘डिटवाह’ से बुरी तरह प्रभावित हो चुका है।

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हवाओं की रफ्तार बढ़ी, लेकिन बड़े चक्रवात में बदलने की संभावना कम

डिप्रेशन के भीतरी हिस्से में हवाओं की रफ्तार लगभग 30 नॉट (करीब 55 किमी/घंटा) आंकी गई है और सिस्टम धीरे-धीरे संगठित हो रहा है। हालांकि, निचले स्तर का चक्रवाती परिसंचरण अभी लंबा और स्पष्ट नहीं है। पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए यह सिस्टम गल्फ ऑफ मन्नार, पाल्क स्ट्रेट और श्रीलंका के पूर्वी तट के अपेक्षाकृत ठंडे समुद्री तापमान वाले क्षेत्रों के पास पहुंच जाएगा। वातावरण आंशिक रूप से अनुकूल जरूर है, लेकिन अगले 36 घंटों में इसके किसी बड़े उष्णकटिबंधीय चक्रवात में बदलने की संभावना कम बनी हुई है।

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श्रीलंका के पूर्वी तट पर भारी मौसम का खतरा, समुद्र में उथल-पुथल

जैसे-जैसे यह सिस्टम श्रीलंका के करीब पहुंच रहा है, कोलंबो, हम्बनटोटा, कलमुनई, बट्टिकलोआ, त्रिंकोमाली और वावुनिया सहित पूर्वी तटीय इलाकों में भारी और खराब मौसम का खतरा बढ़ गया है। यहां तेज हवाएं, भारी बारिश और उबड़-खाबड़ समुद्री हालात कभी भी शुरू हो सकते हैं। इससे इन क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों खासकर समुद्री कार्यों और परिवहन पर खतरा पैदा हो सकता है।

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श्रीलंका पार करने के बाद तमिलनाडु में भारी बारिश की आशंका

श्रीलंका के पूर्वी तट को पार करने के बाद यह सिस्टम कमजोर पड़ सकता है और इसके अवशेष गल्फ ऑफ मन्नार में प्रवेश करेंगे। इसी दौरान दक्षिण तमिलनाडु के तटीय इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है। खराब मौसम का उत्तर-दक्षिण दायरा कन्याकुमारी, नागरकोइल, तूतीकोरिन, पंबन, टोंडी, थूथुकुडी और आसपास के क्षेत्रों तक फैलेगा। इन इलाकों में 9 से 11 जनवरी के बीच, खासकर पहले दो दिनों में, विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। इस दौरान तमिलनाडु के आंतरिक हिस्सों और उससे सटे केरल के क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश भी हो सकती है।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

नहीं, भूमध्य रेखा के पास होने और समुद्री परिस्थितियों के कारण इसके बड़े चक्रवात में बदलने की संभावना कम है।

दक्षिण तटीय तमिलनाडु, खासकर कन्याकुमारी से थूथुकुडी तक के इलाकों में भारी बारिश हो सकती है।

9 और 10 जनवरी को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि इन्हीं दिनों भारी बारिश और तेज हवाओं का खतरा अधिक रहेगा।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है