पहाड़ होंगे सफेद, पश्चिमी हिमालय में फिर लौटेगी बर्फबारी, जानें पूरा मौसम अपडेट

By: Mahesh Palawat | Edited By: Mohini Sharma
Jan 29, 2026, 6:45 PM
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पश्चिमी हिमालय में बर्फबारी के आसार

मुख्य मौसम बिंदु

  • नवंबर-दिसंबर में पश्चिमी हिमालय रहा लगभग सूखा
  • 23 जनवरी को भारी बर्फबारी से बदला मौसम
  • 31 जनवरी से फिर बर्फबारी का नया दौर संभव
  • ग्लेशियर और जल सुरक्षा के लिए अहम होगी यह बर्फ

इस सर्दी पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में मौसम सामान्य नहीं रहा। नवंबर और दिसंबर लगभग पूरी तरह सूखे बीते और इस दौरान कोई सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ नहीं आया, जिससे कई पहाड़ी इलाकों में सूखे जैसी स्थिति बनने लगी और बर्फ की भारी कमी को लेकर चिंता बढ़ गई। जनवरी के पहले 22 दिन भी बिना किसी खास बर्फबारी के गुजर गए। लेकिन 23 जनवरी को अचानक मौसम बदला और जम्मू-कश्मीर, गिलगित-बाल्टिस्तान, मुज़फ्फराबाद, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड समेत पूरे पश्चिमी हिमालय में भारी से बहुत भारी बर्फबारी दर्ज की गई, जिससे पहाड़ बर्फ की चादर में ढक गए।

30 जनवरी के बाद फिर सक्रिय होगा मौसम

अब एक बार फिर मौसम सक्रिय होने की संभावना है। 30 जनवरी की रात तक एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र के पास पहुँच सकता है। इसके असर से 31 जनवरी की सुबह से जम्मू-कश्मीर में छिटपुट बारिश और बर्फबारी शुरू होगी, जो धीरे-धीरे हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड सहित पूरे पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में फैल जाएगी। यह दौर 2 फरवरी तक जारी रह सकता है। हालांकि, इस बार बर्फबारी की तीव्रता 23 से 27 जनवरी के बीच हुई भारी बर्फबारी जितनी मजबूत नहीं होगी, फिर भी ऊँचाई वाले इलाकों में ताज़ी बर्फ जमा होने की संभावना बनी रहेगी।

ग्लेशियर, जल सुरक्षा और खेती के लिए बेहद अहम है बर्फबारी

बर्फबारी सिर्फ पर्यटन और खूबसूरत नज़ारों तक सीमित नहीं होती, बल्कि इसका दीर्घकालीन महत्व भी बहुत बड़ा है। यह ग्लेशियरों को मज़बूत करती है, जो प्राकृतिक जल भंडार की तरह काम करते हैं और इन्हीं से निकलने वाली नदियाँ सालभर मैदानों को पानी देती हैं। इस वजह से सर्दियों की बर्फबारी जल सुरक्षा, कृषि और पर्यावरणीय संतुलन के लिए बेहद जरूरी मानी जाती है। आने वाला यह बर्फबारी का दौर भले ही हल्का हो, लेकिन यह क्षेत्र के हाइड्रोलॉजिकल संतुलन को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाएगा और पश्चिमी हिमालय की सर्दियों की सुंदरता को और निखारेगा।

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Mahesh Palawat
Vice President of Meteorology & Climate Change
Mr. Palawat, Vice President of Meteorology & Climate Change, is a former Air Force boxer and a passionate weather enthusiast. Dedicated to tracking and predicting weather for the benefit of farmers and the general public, he has been an integral part of Skymet since its inception.
FAQ

31 जनवरी से पश्चिमी हिमालय में बारिश और बर्फबारी शुरू होने की संभावना है।

नहीं, इसकी तीव्रता मध्यम रहेगी, लेकिन ऊँचाई वाले इलाकों में ताज़ी बर्फ जमेगी।

इससे ग्लेशियर मज़बूत होंगे, नदियों में पानी बना रहेगा और खेती व जल सुरक्षा को लाभ मिलेगा।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है