केरल में जमकर बरसेंगे बादल, अगले सात दिन तक जारी रहेगी प्री-मानसून बारिश

By: Skymet team | Edited By:
Apr 11, 2025, 6:00 PM
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केरल में प्री-मानसून बारिश, फोटो: PTI

अब तक देश के उत्तर, पश्चिम, पूर्व और मध्य हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियाँ सामान्य से काफी कम रही हैं। उत्तर-पश्चिम भारत और पूर्व व पूर्वोत्तर भारत में वर्षा में लगभग 50% की कमी दर्ज की गई है। मध्य भारत (कोंकण और गोवा को छोड़कर) में यह कमी 18% के आसपास है।

दक्षिण भारत में भारी बारिश, केरल में 96% अधिक वर्षा

इसके उलट, दक्षिण भारत में प्री-मानसून वर्षा सामान्य से कहीं अधिक रही है। 1 मार्च से 10 अप्रैल के बीच दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत में वर्षा 92% अधिक दर्ज की गई है। तटीय आंध्र प्रदेश को छोड़कर दक्षिण भारत के अधिकांश उपमंडलों में 'बहुत अधिक' वर्षा हुई है। विशेष रूप से केरल राज्य में 96% अधिक बारिश रिकॉर्ड हुई है। यहां सामान्य 23.1 मिमी के मुकाबले 44.3 मिमी बारिश दर्ज की गई है। आने वाले एक सप्ताह में और मध्यम से भारी बारिश की संभावना है, जिससे यह आंकड़ा 100% से भी अधिक हो सकता है।

ट्रफ रेखा बनी है मौसम गतिविधियों की मुख्य वजह

दक्षिण भारत में मौसम की गतिविधियों को सक्रिय करने वाला प्रमुख तंत्र है पेनिनसुला ट्रफ। यह अप्रैल और मई के महीनों में दक्षिण भारत के मध्य हिस्सों से होकर गुजरने वाली एक अर्ध-स्थायी रेखा होती है, जो बाएं-दाएं घूमती रहती है और मौसम की पट्टी को भी उसी के साथ खिसका देती है। दोपहर की तेज गर्मी इस गतिविधि को और अधिक तेज और व्यापक बना देती है। इस मौसम में ज़्यादातर बारिश देर दोपहर, शाम और रात के शुरुआती घंटों में होती है।

तेलंगाना से केरल तक फैला ट्रफ देगा हफ्तेभर बारिश

तेलंगाना और उससे सटे महाराष्ट्र के क्षेत्र में निचले स्तर पर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इससे एक उत्तर-दक्षिण ट्रफ बन रही है, जो उत्तर आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक होते हुए तमिलनाडु और केरल की सीमा तक फैली हुई है। यही रेखा अगले एक सप्ताह तक केरल में मुख्य वर्षा कारक बनी रहेगी।

अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से मिल रहा और सहयोग

इसके अलावा दो अन्य सिस्टम भी दक्षिण भारत के मौसम को सक्रिय बनाए रखने में सहायता करेंगे। पहला, दक्षिण-पूर्व अरब सागर और लक्षद्वीप क्षेत्र में एक और चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। दूसरा, तमिलनाडु तट के समानांतर बंगाल की खाड़ी में एक ट्रफ बनी है, जो नमी से भरपूर दक्षिणी हवाओं को खींच रही है। ये सभी सिस्टम मिलकर दक्षिण भारत में अगले हफ्ते तक प्री-मानसून गतिविधियों को सक्रिय बनाए रखेंगे।

केरल में तेज बारिश और बिजली गिरने की संभावना

इन मौसम प्रणालियों के चलते केरल में सबसे अधिक असर देखने को मिलेगा। राज्य में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश और गरज के साथ बौछारें जारी रहेंगी। कुछ इलाकों में तेज़ तूफान और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। हालांकि देर रात, सुबह और दोपहर के पहले भाग में मौसम शांत रहेगा, लेकिन देर दोपहर से रात तक हवाओं के सात बारिश हो सकती है। इस दौरान विशेष सतर्कता बरतने की ज़रूरत है।

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Skymet team

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

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