Cyclone Asna: अरब सागर में 48 साल बाद अगस्त में बना असामान्य चक्रवात, भारतीय तट सुरक्षित

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Jan 9, 2026, 5:35 PM
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जैसा कि पहले अनुमान लगाया गया था कच्छ (गुजरात) पर गहरा दबाव एक उष्णकटिबंधीय तूफान(tropical storm) में बदल गया है। इस चक्रवात को 'ASNA' नाम दिया गया है, जो पाकिस्तान ने भारतीय समुद्र में चक्रवात के नामकरण के लिए सुझाया था। यह चक्रवाती तूफान, कच्छ में वायु सेना के अग्रिम एयरबेस नलिया से लगभग 50 किमी पश्चिम-उत्तर पश्चिम में 23.4° उत्तर(N) और 68.3° पूर्व(E) पर केंद्रित है। चक्रवात असना के अरब सागर के खुले और अपेक्षाकृत गर्म पानी तक पहुंचने के लिए पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है। गौरतलब है, चक्रवात असना अल्पकालिक(बहुत कम समय) तूफान है, जो लगभग अगले 48 घंटों में फैल सकता है।

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चक्रवात पर घर्षण का असर: तूफान का केंद्र गुजरात के समुद्र तट के बहुत करीब है, जिससे इसकी तीव्रता बढ़ने में रुकावट आ रही है। जैसे-जैसे तूफान समुद्र की सतह पर थोड़ा और गहरा होगा, इसके मजबूत होने की संभावना है। फिलहाल, तूफान के अंदरूनी हिस्से में हवाएं 65 किमी प्रति घंटा है और यह 85 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हैं। चूँकि, तूफ़ान गुजरात की सीमा रेखा के बहुत करीब है, इसलिए तटीय क्षेत्रों में सतही हवाएँ काफी तेज़ होंगी।

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तूफान के कारण बारिश के साथ तेज हवाएं: जैसे नलिया, जामनगर, ओखा, द्वारका, खंबालिया, मोरबी और आसपास के हिस्सों में लगभग 12-18 घंटों तक 55-60 किमी प्रति घंटे से अधिक की तेज हवाएं चलेंगी और बाद में धीमी हो जाएंगी। सौराष्ट्र और कच्छ के तटिय क्षेत्रों में समुद्र की स्थिति बहुत खराब होगी। जहां, तट के किनारे लहरों की ऊंचाई 6-8 फीट से अधिक हो सकती है। हालांकि, मध्यम बारिश के साथ तेज हवाओं के अलावा सौराष्ट्र और कच्छ में कोई बड़ा खतरा नहीं है। जैसे-जैसे तूफ़ान तट से दूर जाता जाएगा, मौसम की स्थिति बेहतर होती जाएगी।

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तूफान की तीव्रता बढ़ने की संभावना: चक्रवात को लगभग 18-24 घंटों के बाद ताकत मिल सकती है, क्योंकि यह 28 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान वाले गर्म समुद्र की सतह पर आगे बढ़ता है। वर्टिकल हवा कम हो जाएगी और घर्षण(friction) प्रभाव भी कम हो जाएगा। वहीं, कल 31 अगस्त की सुबह 75-90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। यह तूफान मकरान तट के समानांतर पश्चिम की ओर बढ़ेगा, लेकिन पाकिस्तान और ईरान के तटों से सुरक्षित दूरी बनाए रखेगा।

ओमान तट पर टकराने से पहले तूफान कमजोर: बता दें, तूफान ओमान की खाड़ी की ओर बढ़ रहा है। जैसे ही यह ओमान तट के करीब पहुंचेगा, वहाँ सोमाली जेट की स्थिर हवाओं का प्रभाव शुरू हो जाएगा। सोमाली जेट एक तेज़ पूर्वी हवाओं का प्रवाह है, जो अफ्रीकी तट से होकर गुजरता है। इस क्षेत्र में स्थिर और सूखी हवाओं का सम्मिलन (एंट्रेनमेंट) चक्रवात की ऊर्जा को कम कर देगा। इसका तात्पर्य यह है कि ठंडी और सूखी हवाएं चक्रवात में प्रवेश करके उसकी गर्मी और नमी को कम कर देंगी, जिससे चक्रवात कमजोर पड़ जाएगा। ओमान की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य(Strait of Hormuz) के नजदीक होने से समुद्र की सतह का तापमान भी गिर रहा है। रविवार, 01 सितंबर 2024 को ओमान के तट से टकराने से काफी पहले चक्रवात काफी कमजोर हो जाएगा।

1971 के बाद पहला तूफान: अगस्त के महीने में अरब सागर में असना जैसे तूफान का बनना बेहद दुर्लभ और असामान्य घटना है। 1891 से अब तक केवल तीन बार ही अगस्त में अरब सागर में चक्रवात उभरे हैं। 1976 के बाद असना पहला तूफान है जो अगस्त में अरब सागर में बना है। बता दें अरब सागर के उत्तरी हिस्से आम तौर पर बाकी हिस्सों की तुलना में ठंडे होते हैं और इसलिए, अधिकांश तूफान समुद्र के खुले पानी के ऊपर कमजोर हो जाते हैं।

फोटो क्रेडिट: द डेली स्टार

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.

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