मौसम मेहरबान, इस हफ्ते पंजाब-हरियाणा में नहीं होगी भीषण गर्मी, लू का खतरा टला

By: Skymet team | Edited By:
Apr 22, 2025, 6:00 PM
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पंजाब-हरियाणा में हीटवेव से राहत, फोटो: प्रतीकात्मक

अप्रैल महीना अब अपने आखिरी हिस्से में पहुंच गया है, लेकिन पंजाब और हरियाणा के ज़्यादातर हिस्सों में अब तक भीषण गर्मी का असर नहीं दिखा है। पंजाब के अमृतसर, लुधियाना और पटियाला जैसे शहरों में अब तक इस सीजन का पहला 40°C तापमान रिकॉर्ड नहीं हुआ है। वहीं, हरियाणा के पंजाब सीमा से सटे इलाकों और चंडीगढ़ में भी ऐसा ही हाल है। करनाल में पहली बार 40°C तापमान दर्ज किया गया है। हालांकि राजस्थान की सीमा से सटे हिसार और रोहतक में पहले ही 40°C पार हो चुका है। हिसार में 43.5°C और रोहतक में 42.5°C दर्ज किया गया है।

पश्चिमी विक्षोभ ने रोकी गर्मी की रफ्तार

पिछले 2-3 दिनों से एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों को प्रभावित कर रहा था। अब पश्चिमी विक्षोभ हिमाचल और उत्तराखंड से हटकर पश्चिमी हिमालय की ओर बढ़ रहा है। इससे पहाड़ी राज्यों में मौसम साफ होने लगा है। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल में हुई भारी बारिश, बर्फबारी और ओलावृष्टि ने मैदानी इलाकों में तापमान को बढ़ने से रोक दिया है। ठंडी हवाएं पहाड़ों से उतरकर मैदानों की ओर आ रही हैं, जिससे गर्मी का असर दब गया है।

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हीटवेव की शर्तें अब तक पूरी नहीं

हीटवेव तब घोषित की जाती है जब तापमान 40°C या उससे ऊपर चला जाए और सामान्य से 4.5°C या अधिक हो। पंजाब और हरियाणा के अधिकांश इलाकों में अभी तक तापमान 40°C तक नहीं पहुंचा है। जहां पहुंचा है जैसे हिसार और रोहतक, वहां भी तापमान को लगातार दो दिन तक ज्यादा रहना ज़रूरी होता है, तभी उसे हीटवेव मानी जाती है। इसलिए अब तक हीटवेव सिर्फ कुछ छोटे क्षेत्रों तक सीमित रही है और वह भी बहुत ही कम समय के लिए।

24 अप्रैल को फिर आएगा नया पश्चिमी विक्षोभ

अब 24 अप्रैल को एक नया पश्चिमी विक्षोभ पहाड़ों की ओर बढ़ेगा, जो 25 अप्रैल यानी 48 घंटे तक बना रहेगा। इस मौसम प्रणाली के असर से पंजाब और हरियाणा में इस सीजन में पहली हीटवेव की स्थिति फिलहाल नहीं आएगी। 25 अप्रैल के बाद मौसम में सुधार की उम्मीद है और अप्रैल के आखिरी दिनों में कुछ स्थानों पर तापमान 40°C के पार जा सकता है। लेकिन हीटवेव की स्थिति अब तक टली हुई है और महीने के अंत तक ऐसी ही स्थिति बनी रहने के आसार हैं।

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Skymet team

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

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