Weather Update: दिल्ली में लगातार गिर रहा तापमान, लेकिन नवंबर में नहीं दिखेगी शीतलहर

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Nov 17, 2025, 1:05 PM
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दिल्ली में लगातार गिर रहा तापमान, फोटो: Indian Express

पिछले चार दिनों से दिल्ली का तापमान लगातार लेकिन धीरे-धीरे कम हो रहा है। 14 नवंबर को न्यूनतम तापमान 10.2°C था, जो आज सुबह गिरकर 8.7°C हो गया। यह सामान्य से लगभग 3.6°C कम है और पिछले 3 वर्षों का सबसे कम तापमान है। इसके पहले सफदरजंग वेधशाला में नवंबर 2024 में 9.5°C और नवंबर 2023 में 9.2°C तापमान रिकॉर्ड हुआ था। वहीं, रिज और आया नगर ऑब्ज़र्वेटरीज़ में भी न्यूनतम तापमान 10°C से कम रिकॉर्ड हुआ है। इसके साथ ही रिज में तापमान सामान्य से 4°C कम रहा, जबकि आया नगर में 3°C कम रिकॉर्ड किया गया।

शीतलहर घोषित होने के मानदंड

मैदानी क्षेत्रों में शीतलहर (कोल्ड वेव) तब घोषित की जाती है जब न्यूनतम तापमान 10°C या उससे कम हो और तापमान सामान्य से 4.5°C से 6.4°C तक नीचे हो। गंभीर शीत लहर तब आती है जब तापमान सामान्य से 6.5°C या उससे अधिक नीचे पहुँच जाए। वहीं, शीतलहर तब भी घोषित की जाती है जब न्यूनतम तापमान 4°C या उससे कम हो। आमतौर पर, पहाड़ों पर होने वाली बर्फबारी से मैदानी इलाकों में शीतलहर की स्थिति बनती है। इस समय पारा गिरने का कारण है रात में साफ आसमान, जिससे रेडिएशनल कूलिंग लगातार जारी है।

रेडिएशनल कूलिंग एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जिसमें रात के समय धरती अपनी गर्मी (Heat) को अंतरिक्ष में विकिरण के माध्यम से खो देती है। इसके कारण सतह और उसके ऊपर की हवा ठंडी होने लगती है।

यह कैसे होती है?

दिन में सूरज की गर्मी धरती की सतह को गर्म करती है। रात होते ही सूरज की गर्मी मिलना बंद हो जाता है। अगर आसमान साफ हो और हवा शांत हो, तो धरती तेजी से अपनी गर्मी को विकिरण (Radiation) के रूप में अंतरिक्ष में भेजने लगती है। इससे रात का तापमान काफी गिर जाता है, इसे ही रेडिएशनल कूलिंग कहते हैं।

नवंबर के बचे दिनों में नहीं आएगा कोई वेस्टर्न डिस्टर्बेंस

नवंबर के बाकी दिनों में उत्तरी पर्वतों पर कोई सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस आने की संभावना नहीं है। मैदानी हिस्सों में भी बादल बनने की संभावना बेहद कम है। इसके कारण रेडिएशनल कूलिंग और बढ़ेगी। इसके अलावा, मौसम के मौसमी बदलाव के चलते रात का तापमान धीरे-धीरे और घटेगा। अगले एक हफ्ते में पारा लगभग 8°C तक गिर सकता है, लेकिन यह शीतलहर की स्थिति पैदा करने के लिए पर्याप्त नहीं होगा। शीतलहर के लिए नवंबर के अंतिम 10 दिनों में न्यूनतम तापमान 7°C या उससे कम होना ज़रूरी है।

नवंबर 20220 में आखिरी बार शीतलहर

नवंबर 2020 में दिल्ली में शीतलहर की स्थिति दर्ज की गई थी। उस महीने चार दिनों तक तापमान 7°C से नीचे चला गया था। 23 नवंबर 2020 को न्यूनतम तापमान 6.3°C रिकॉर्ड हुआ था, जो पिछले 20 वर्षों में नवंबर का सबसे कम तापमान है।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

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