Winter Update: उत्तर भारत में नवंबर की सर्दी फीकी, न ठंड बढ़ेगी और न कोहरा लौटेगा

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Nov 21, 2025, 8:30 PM
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उत्तर भारत में नहीं बढ़ रही सर्दी

मुख्य मौसम बिंदु

  • उत्तर भारत में ठंड इस बार कमजोर रही, तापमान दोबारा बढ़ा
  • नवंबर में पश्चिमी विक्षोभ नहीं आए, पहाड़ों पर बर्फबारी 80–90% कम।
  • हिमालयी क्षेत्रों में बारिश-बर्फबारी का बड़ा घाटा, सुधार की उम्मीद नहीं।
  • मैदानी इलाकों में हल्की ठंड जारी, तापमान 10°C के आसपास, कोहरा भी नदारद।

उत्तरी भारत के मैदानी इलाकों में अब तक कड़ाके की ठंड देखने को नहीं मिली है। नवंबर की शुरुआत में हल्की ठंड जरूर आई थी, लेकिन यह ज्यादा दिनों तक टिक नहीं पाई। इस हफ्ते की शुरुआत में पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में ठंड बढ़ी थी, लेकिन अब उसमें भी राहत मिली है। राजस्थान के सीकर में तापमान पहले 5.4°C तक गिर गया था, जो अब बढ़कर 9°C हो गया है। हरियाणा और पंजाब में भी ऐसा ही रुझान दिखा। दिल्ली में 17 नवंबर को 8.7°C का न्यूनतम तापमान दर्ज हुआ था, लेकिन पिछले तीन दिनों से यह फिर दो अंकों में है। कुल मिलाकर नवंबर के आधे महीने बीतने के बावजूद कड़ाके की ठंड अभी तक नहीं पहुंची।

नवंबर: उत्तर भारत के लिए सबसे सूखा महीना

नवंबर वैसे भी उत्तर भारत के मैदानी इलाकों के लिए सबसे कम बारिश वाला महीना होता है। पहाड़ों में भी इस समय मौसम शांत रहता है, लेकिन मध्य और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी होती रहती है। यह बर्फबारी पश्चिमी विक्षोभ के कारण होती है। पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के बाद ठंडी हवाएँ पहाड़ों से नीचे मैदानी इलाकों की ओर आती हैं, जिससे तापमान गिर जाता है। आम तौर पर नवंबर में पश्चिमी विक्षोभ का रास्ता दक्षिण की ओर खिसक जाता है, लेकिन इस साल ऐसा नहीं हुआ। इस महीने कोई भी सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ पहाड़ों पर नहीं आया, इसलिए ठंड भी नहीं बढ़ पाई।

पहाड़ों में बारिश–बर्फबारी की भारी कमी

नवंबर 2025 में जम्मू–कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में झीलें, ग्लेशियर और जल स्रोत लगभग सूखे ही रहे। 1 नवंबर से 21 नवंबर 2025 तक जम्मू–कश्मीर में बारिश/बर्फबारी 80% कम, और हिमाचल प्रदेश में 90% कम रही। अब नवंबर में बचा हुआ समय भी सूखा ही बीतेगा और इस कमी की भरपाई संभव नहीं है। चूंकि कोई नया पश्चिमी विक्षोभ आने वाला नहीं है, इसलिए पहाड़ों पर नई बर्फबारी की उम्मीद भी नहीं है।

मैदानी इलाकों में ठंड मामूली रहेगी, धुंध भी नदारद

उत्तरी भारत के मैदानी हिस्सों में अभी जैसा ठंडा मौसम है, वही जारी रहेगा। तापमान अगले दिनों में थोड़ा और गिर सकता है, लेकिन यह गिरावट किसी मौसम प्रणाली की वजह से नहीं, बल्कि सामान्य मौसम बदलाव के कारण होगी। अधिकतर शहरों में न्यूनतम तापमान 10°C से ऊपर रहेगा। हाँ, कुछ अलग इलाकों में तापमान 8°C तक जरूर जा सकता है, लेकिन इससे कम नहीं। इस बार नवंबर में कोहरा भी लगभग गायब है, जो आमतौर पर इस समय तक दिखना शुरू हो जाता है।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

इस नवंबर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ लगभग नहीं आए, जिससे पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानी इलाकों में ठंडी हवाएँ नहीं चल पाईं। इसी कारण ठंड उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ी।

जम्मू–कश्मीर में 80% और हिमाचल प्रदेश में 90% बारिश/बर्फबारी की कमी दर्ज हुई है। नवंबर में इस कमी के पूरा होने की संभावना भी बहुत कम है।

नहीं, नवंबर में कोहरा लगभग न के बराबर रहेगा। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और नमी की कमी के कारण इस बार घना कोहरा बनने की स्थिति नहीं है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है