Northeast Monsoon: लगातार दूसरे हफ्ते कमजोर पूर्वोत्तर मानसून, दक्षिणी प्रायद्वीप में बारिश की कमी बढ़ी

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Nov 21, 2025, 4:15 PM
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मुख्य मौसम बिंदु

  • नवंबर में उत्तर–पूर्व मानसून कमजोर, दक्षिण भारत में बारिश की भारी कमी।
  • तेलंगाना, कर्नाटक, तटीय आंध्र में लगभग शुष्क मौसम; केवल केरल में अच्छी बारिश।
  • बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम बन रहा है, अगले हफ्ते चक्रवात बनने के आसार।
  • चक्रवात का ट्रैक तय करेगा-दक्षिण भारत में बारिश होगी या सूखा रहेगा।

अक्टूबर में शानदार प्रदर्शन करने वाला उत्तर-पूर्व मानसून नवंबर 2025 में बुरी तरह कमजोर पड़ गया। 6 से 12 नवंबर के बीच साप्ताहिक बारिश में 71% की भारी कमी दर्ज हुई। अक्टूबर में जो 43% अतिरिक्त बारिश हुई थी, उसका बड़ा हिस्सा नवंबर में घटकर सिर्फ 14% रह गया। 13 से 19 नवंबर के बीच दक्षिण भारत में एक और सूखे दौर ने अधिशेष हुई बारिश को 7% तक कम कर दिया है। इस हफ्ते दक्षिणी प्रायद्वीप में 52% की कमी रही है। तेलंगाना, कर्नाटक और तटीय आंध्र प्रदेश में लगभग कोई बारिश नहीं हुई। केवल केरल ही ऐसा राज्य रहा, जहां सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज हुई।

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पिछले 48 घंटे में भी बारिश कम-सिर्फ दक्षिण आंध्र को राहत

पिछले 48 घंटों में भी बारिश का स्तर काफी कम रहा, सिर्फ दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश देखी गई। हालांकि, कोमोरिन क्षेत्र पर साइक्लोनिक सर्कुलेशन और तमिलनाडु तट के साथ नॉर्थ–साउथ ट्रफ बना। जिसके कारण अगले तीन दिनों में तमिलनाडु और केरल के अंदरूनी हिस्सों में बिखरी हुई बारिश और गरज-चमक देखी जा सकती है। उधर, दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में जल्द ही लो-प्रेशर बनने की उम्मीद है। आने वाले सप्ताह में बंगाल की खाड़ी काफी सक्रिय रहने वाली है।

बंगाल की खाड़ी का नया सिस्टम तय करेगा दक्षिण भारत का मौसम

दक्षिण भारत का मौसम अब काफी हद तक बंगाल की खाड़ी में बनने वाले इस नए सिस्टम पर निर्भर करेगा। ज्यादा संभावना है कि यह सिस्टम अगले हफ्ते की शुरुआत में चक्रवात बन जाएगा। यह तूफान या तो पूर्वी तट से टकरा सकता है, या तट के पास-पास चलता हुआ उत्तर की ओर निकल सकता है। इसकी सही दिशा के बारे में स्पष्ट संकेतअगले हफ्ते की शुरुआत में मिलेंगे। अगर यह सिस्टम तमिलनाडु या तटीय आंध्र प्रदेश की ओर आता है, (हालांकि इसकी संभावना कम है) तो दक्षिण भारत में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है। लेकिन अगर यह चक्रवात मुड़कर पश्चिम बंगाल/बांग्लादेश की ओर चला जाता है, तो तूफान की अवधि में पूरा दक्षिण भारत सूखा रह जाएगा। पूरी तरह सटीक अनुमान तब मिलेगा, जब यह सिस्टम 24 या 25 नवंबर 2025 तक डिप्रेशन का रूप ले लेगा और दक्षिण-मध्य बंगाल की खाड़ी में अच्छी तरह विकसित हो जाएगा।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

नवंबर 2025 में दो लगातार हफ्तों तक दक्षिण भारत में बारिश बेहद कम हुई। 6–12 नवंबर के बीच 71% की भारी कमी दर्ज की गई और 13–19 नवंबर के बीच दक्षिण प्रायद्वीप में 52% की कमी रही। इसके कारण अक्टूबर का 43% अधिशेष घटकर सिर्फ 7% रह गया।

तेलंगाना, कर्नाटक और तटीय आंध्र प्रदेश लगभग पूरी तरह सूखे रहे। इन राज्यों में दोनों हफ्तों में बारिश बेहद कम या शून्य के बराबर रही। केवल केरल में सामान्य से अधिक बारिश देखने को मिली, जिसने थोड़ी राहत दी।

दक्षिण भारत का आगामी मौसम बंगाल की खाड़ी में बनने वाले नए निम्न दबाव क्षेत्र और उसके संभावित चक्रवात में बदलने पर निर्भर करेगा। यदि सिस्टम तमिलनाडु–आंध्र प्रदेश की ओर आता है तो भारी बारिश होगी, लेकिन यदि यह पश्चिम बंगाल/बांग्लादेश की ओर मुड़ गया तो दक्षिण भारत फिर सूखा रह सकता है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है