Monsoon 2025: मानसून 2025 बना खास, चारों महीनों में सामान्य से अधिक बारिश

By: skymet team | Edited By: skymet team
Sep 29, 2025, 6:30 PM
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मानसून 2025 बना एतिहासिक, सांकेतिक फोटो

भारतीय उपमहाद्वीप के लिए मानसून इस बार अच्छे वर्षा चक्र में दिखाई दे रहा है। पिछले सात वर्षों में से 6 सालों में मौसमी वर्षा सामान्य या सामान्य से अधिक रही है, केवल 2023 को छोड़कर। साल 2023 में मानसून एल नीनो के कारण कमजोर रहा था, जिसने सालाना वर्षा को कई हिस्सों में बिगाड़ दिया। उस दौरान पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार, कर्नाटक, केरल और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश की कमी दर्ज की गई थी।

मानसून 2025 : सीजन और महीनों दोनों में सामान्य से बेहतर

मानसून 2025 की खासियत यह है कि यह पूरे सीजन और हर महीने के स्तर पर सामान्य से अधिक रहा है। मानसून की स्वाभाविक प्रवृत्ति है कि यह चारों महीनों में न तो पूरी तरह खराब रहता है और न ही पूरी तरह अच्छा। सबसे अच्छे मानसून में भी करीब 15% इलाके बारिश की कमी झेलते हैं और सबसे खराब मानसून में भी इतने ही हिस्सों में सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश हो जाती है।

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ऐतिहासिक श्रेणी में शामिल हुआ 2025

1950 के बाद से अब तक केवल 1956, 1961, 1975 और 2007 में ही मानसून सीजन के चारों महीनें जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर में औसत से अधिक बारिश हुई थी। इस लिहाज से 2025 भी एक ऐतिहासिक मानसून साल बन गया है, जो इन चार वर्षों के क्लब में शामिल हो गया है। हालांकि, मौसमी वर्षा के लिहाज से स्थिति थोड़ी अलग हो सकती है। पहले के सभी सालों में कुल वर्षा 110% से अधिक रही थी, जबकि मौजूदा मानसून सीजन के 108% लंबी अवधि औसत (LPA) पर खत्म होने का अनुमान है, यानी यह " सामान्य से ऊपर(above normal)" श्रेणी में तो रहेगा लेकिन "अधिकता(excess)" श्रेणी में नहीं।

कुछ क्षेत्रों में बनी रही चिंताएँ

भले ही यह सीजन दुर्लभ श्रेणी (rare category) में दर्ज होगा, लेकिन कुछ इलाकों के लिए चिंता बनी रही है। पिछले कुछ वर्षों की तरह इस बार भी पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश कम रही, खासकर अरुणाचल प्रदेश और असम-मेघालय में। बिहार में लगातार बारिश की कमी दर्ज हुई और यह सीजन लगभग 30% कमी के साथ खत्म होने की संभावना है, जो बारिश की बहुत बड़ी कमी है। मराठवाड़ा और रायलसीमा में बारिश की कमी की परेशानी सीजन के बीच में दूर हो गईं, लेकिन पूर्वी उत्तर प्रदेश और केरल लगातार बनी रही बरसात की कमी से उबर नहीं पाए।

कोर मानसून जोन में अच्छी बारिश

इस सीजन की सबसे अच्छी खबर यह रही कि देश का कोर मानसून जोन (मुख्य मानसून क्षेत्र) जुलाई और अगस्त यानी मुख्य मानसून महीनों में उम्मीद के अनुसार बहुत अच्छी बारिश हुई। यही कारण है कि कुल मिलाकर मॉनसून 2025 को ऐतिहासिक सालों में गिना जा रहा है।

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डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

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