भीषण गर्मी से राहत के संकेत: हीट डोम कमजोर, 26 अप्रैल से बढ़ सकती है प्री-मानसून आँधी और बारिश
मुख्य मौसम बिंदु
- हीट डोम के कारण बढ़ी भीषण गर्मी
- एंटी-साइक्लोन कमजोर पड़ने लगा है
- 26 अप्रैल से प्री-मानसून गतिविधियाँ शुरू
- कई राज्यों में आँधी, बारिश और गरज-चमक के आसार
हीट डोम क्या है और कैसे बनता है?
‘हीट डोम’ एक ऐसा मौसमीय घटनाक्रम है, जिसमें अत्यधिक गर्मी तब बनती है जब वायुमंडल गर्म हवा को ढक्कन की तरह ऊपर से दबाकर एक जगह कैद कर लेता है। यह स्थिति तब बनती है जब मजबूत हाई प्रेशर लंबे समय तक एक ही जगह स्थिर रहता है, जिससे न तो बादल बन पाते हैं और न ही बारिश होती है। इस वजह से गर्म हवा बाहर नहीं निकल पाती और तापमान लगातार बढ़ता जाता है। ऐसे ऊपरी वायुमंडलीय पैटर्न को “ओमेगा ब्लॉक” कहा जाता है, जो बहुत धीरे-धीरे आगे बढ़ता है।
महाराष्ट्र और आसपास के इलाकों में असर
इस समय 10,000 से 20,000 फीट की ऊंचाई के बीच एक एंटी-साइक्लोन महाराष्ट्र, तेलंगाना और उत्तर आंतरिक कर्नाटक के ऊपर बना हुआ है। यह सिस्टम पिछले एक हफ्ते से ज्यादा समय से सक्रिय है, लेकिन अब इसके कमजोर होने और धीरे-धीरे खिसकने के संकेत मिल रहे हैं। हीट डोम के कारण आमतौर पर आसमान साफ रहता है, बादल कम बनते हैं और धूप सीधे जमीन पर पड़ती है, जिससे तापमान और अधिक बढ़ जाता है।

हीट डोम कैसे काम करता है
प्री-मानसून गतिविधियों की शुरुआत
अब यह एंटी-साइक्लोन थोड़ा कमजोर होकर दक्षिण मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की सीमा वाले इलाकों की ओर खिसक गया है। आगे चलकर यह और कमजोर होगा, जिससे देश के कई हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियों का रास्ता साफ होगा। 26 अप्रैल के आसपास गरज-चमक, आँधी और बारिश की शुरुआत होने की संभावना है, जो पूरे महीने के अंत तक जारी रह सकती है और मई के पहले हफ्ते तक भी पहुंच सकती है। हालांकि यह गतिविधियां सभी जगह एक साथ नहीं होंगी, बल्कि अलग-अलग समय पर अलग क्षेत्रों में देखने को मिलेंगी।
किन राज्यों में कैसा रहेगा मौसम?
आने वाले दिनों में पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ आँधीऔर तेज हवाएं चलने की संभावना है। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में 28 से 30 अप्रैल के बीच मौसम गतिविधियाँ ज्यादा प्रभावी रहेंगी। पूर्वोत्तर भारत में पहले से ही अच्छी बारिश हो रही है, जो अप्रैल के अंत और मई की शुरुआत में और तेज हो जाएगी। वहीं मध्य और दक्षिण भारत में 27 अप्रैल से 2 मई के बीच मौसमी ट्रफ के सक्रिय होने से आँधी-तूफान की गतिविधियाँ बढ़ेंगी। गुजरात और कोंकण-गोवा में सबसे कम मौसम गतिविधियाँ होंगी और यहां गर्म व उमस भरा मौसम बना रहेगा।
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