देश में Heat Dome का असर, कई राज्यों में लू जैसे हालात, वीकेंड तक राहत नहीं

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Apr 21, 2026, 1:45 PM
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देश में हीट डोम का असर

मुख्य मौसम बिंदु

  • हीट डोम’ के कारण असामान्य गर्मी बढ़ी
  • कई शहरों में तापमान 45°C के पार
  • मध्य और उत्तर भारत में लू जैसे हालात
  • उच्च दबाव और साफ आसमान से गर्मी में इजाफा

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अप्रैल 2026 का पहला आधा हिस्सा उत्तर, पश्चिम और मध्य भारत में सामान्य से कम तापमान के साथ काफी आरामदायक रहा। इस दौरान उत्तर और पूर्वी भारत में अच्छी बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां भी देखने को मिलीं। लेकिन अब मौसम पूरी तरह शुष्क हो गया है और देश के अधिकांश हिस्सों में गर्मी तेजी से बढ़ने लगी है। महाराष्ट्र, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और दिल्ली के कुछ हिस्सों में लू जैसी स्थितियां बन गई हैं।

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हीट डोम कैसे काम करता है

हीट डोम कैसे काम करता है

‘हीट डोम’ बना असामान्य गर्मी की बड़ी वजह

मौजूदा गर्मी सामान्य मौसमी बदलाव का हिस्सा नहीं है, बल्कि ‘हीट डोम’ नामक मौसमीय घटना के कारण बढ़ रही है। बांदा, प्रयागराज, अकोला, अमरावती और वर्धा जैसे शहरों में तापमान 45°C के पार पहुंच चुका है। आमतौर पर इतनी तेज गर्मी की शुरुआत ओडिशा और गुजरात के आंतरिक हिस्सों से होती है, लेकिन इस बार पैटर्न अलग है, जिसकी मुख्य वजह हीट डोम प्रभाव है।

क्या होता है हीट डोम और कैसे करता है असर

हीट डोम एक ऐसी स्थिति होती है जब वायुमंडल में उच्च दबाव का क्षेत्र गर्म हवा को एक ढक्कन की तरह नीचे दबाकर रोक लेता है। यह स्थिति लंबे समय तक बनी रह सकती है, जिससे गर्म हवा बाहर नहीं निकल पाती। इसे “ओमेगा ब्लॉक” भी कहा जाता है। इस दौरान न तो बादल बनते हैं और न ही हवा का ऊर्ध्वाधर प्रवाह हो पाता है, जिससे गर्मी लगातार बढ़ती रहती है।

एंटी-साइक्लोन की भूमिका और बढ़ता तापमान

वायुमंडल के मध्य स्तर में एक एंटी-साइक्लोन (उच्च दबाव क्षेत्र) बन गया है, जो हवा को घड़ी की दिशा में घुमाता है और ऊपर उठने वाली हवा को रोक देता है। यह सिस्टम आंतरिक महाराष्ट्र, तेलंगाना, मध्य प्रदेश और उत्तर आंतरिक कर्नाटक के हिस्सों में पिछले लगभग एक हफ्ते से बना हुआ है। यह 10,000 से 20,000 फीट की ऊंचाई के बीच सक्रिय है और इसी कारण मध्य भारत में तापमान तेजी से बढ़ रहा है, जिसका असर उत्तर और दक्षिण के हिस्सों तक फैल रहा है।

सामान्य लू और हीट डोम में अंतर

हीट डोम से होने वाली गर्मी सामान्य लू से अलग होती है। सामान्य लू कुछ दिनों के लिए कई कारणों से बनती है और बाद में गरज-चमक या बारिश से खत्म हो जाती है। लेकिन हीट डोम में गर्म हवा ऊपर नहीं उठ पाती, जिससे लंबे समय तक भीषण गर्मी बनी रहती है। इसके कारण सूखा, अत्यधिक तापमान और जंगलों में आग जैसी स्थितियां भी बन सकती हैं।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

यह उच्च दबाव की स्थिति है, जो गर्म हवा को फंसा देती है और तापमान बढ़ाती है।

महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और दिल्ली में ज्यादा असर देखा जा रहा है।

हां, हीट डोम में गर्मी लंबे समय तक रहती है और बारिश की संभावना कम होती है।

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है