चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ कमजोर बना डिप्रेशन, तेलंगाना-आंध्र प्रदेश में मूसलाधार बारिश

By: skymet team | Edited By: skymet team
Oct 29, 2025, 12:30 PM
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चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ कमजोर बना डिप्रेशन

भीषण चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ (Montha) ने बीती रात आंध्र प्रदेश के तट को पार किया। यह प्रक्रिया मध्यरात्रि के आसपास पूरी हुई। तूफान ने तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों से होते हुए उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ना शुरू किया।

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तेजी से कमजोर पड़ा तूफान

समुद्र तट पार करने के बाद तूफान तेजी से कमजोर पड़ा। पहले यह ट्रॉपिकल स्टॉर्म (उष्णकटिबंधीय तूफान) में बदला और आज सुबह के समय डीप डिप्रेशन (गहरे दबाव क्षेत्र) में तब्दील हो गया। अब यह और कमजोर होकर डिप्रेशन (निम्न दबाव क्षेत्र) बन गया है और वर्तमान में यह भद्राचलम–कोठागुडेम क्षेत्र (तेलंगाना) के पास से गुजर रहा है।

चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ कमजोर बना डिप्रेशन, सैटेलाइट इमेज

चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ कमजोर बना डिप्रेशन, सैटेलाइट इमेज

अब उत्तर-उत्तरपूर्व दिशा में बढ़ेगा सिस्टम

कमजोर हुआ यह सिस्टम अब अपनी दिशा बदलते हुए उत्तर-उत्तरपूर्व (North-Northeast) की ओर मुड़ने वाला है। अगले 24 घंटों में यह उत्तर छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश के हिस्सों में पहुंचेगा। इसके बाद और कमजोर होकर लो प्रेशर एरिया (निम्न दबाव क्षेत्र) के रूप में यह सिस्टम उत्तर झारखंड, दक्षिण बिहार और उत्तर ओडिशा के कुछ भागों में अगले 24 घंटों में फैल सकता है।

कहां से गुजरा तूफान, किन जगहों पर असर

मोंथा तूफान ने तट को मछलीपट्टनम (Machilipatnam) और नरसापुर (Narsapur) के बीच पार किया, और इसका केंद्र मछलीपट्टनम के करीब रहा। काकीनाडा (Kakinada) पर तूफान का सीधा असर नहीं हुआ। काकीनाडा से 70-80 किमी के दायरे में भारी वर्षा दर्ज नहीं हुई। भारी बारिश का क्षेत्र काकीनाडा के तट से दूर रहा।

इस हिस्सों में हुआ ज्यादा असर

मोंथा तूफान के दौरान सबसे ज्यादा बारिश कावली में 220 मिमी, बापटला में 123 मिमी, नंदयाल में 110 मिमी और नेल्लोर में 97 मिमी दर्ज की गई। अन्य स्थानों जैसे काकीनाडा (14 मिमी), नरसापुर (12 मिमी), मछलीपट्टनम (28 मिमी) और विजयवाड़ा (27 मिमी) में मध्यम बारिश हुई। जब तूफान तट के पास पहुंचा, तब हवा की रफ्तार 90–95 किमी प्रति घंटा रही और झोंके 110 किमी/घंटा तक पहुंचे।

काकीनाडा पर नहीं पड़ा सीधा प्रभाव

तूफान के दौरान इसका केंद्र काकीनाडा से लगभग 100 किमी पश्चिम में स्थित था। इसका मतलब है कि काकीनाडा को सीधा झटका नहीं लगा। हालांकि, बादलों का फैलाव अभी भी बड़े क्षेत्र में बना हुआ है, जो आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, उत्तर आंतरिक कर्नाटक और विदर्भ के हिस्सों को ढके हुए है।

अब इन राज्यों में होगा असर

अब यह कमजोर सिस्टम उत्तर दिशा की ओर बढ़ते हुए मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ तक पहुंचेगा और बाद में इसका प्रभाव झारखंड, बिहार और ओडिशा के कुछ हिस्सों तक फैल जाएगा। अगले कुछ दिनों तक इन राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश और बादलों की सक्रियता बनी रह सकती है।

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