अरब सागर में कमजोर हुआ चक्रवाती तूफान शक्ति, अब नहीं करेगा भारत के तटों पर लैंडफॉल

By: skymet team | Edited By: skymet team
Oct 6, 2025, 2:45 PM
WhatsApp icon
thumbnail image

अरब सागर में कमजोर हुआ चक्रवाती तूफान शक्ति

उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना गंभीर चक्रवाती तूफान अब कमजोर होकर साधारण चक्रवाती तूफान में बदल गया है। यह तूफान कल ओमान तट के काफी करीब पहुंच गया था और उसके बाद लगभग ठहर सा गया है। पिछले तीन दिनों से यह इस साल का पहला चक्रवाती तूफान, जो भारतीय समुद्रों में बना, गुजरात तट से दूर पश्चिम की ओर बढ़ता गया था और अब यह कच्छ के नालिया तट से लगभग 900 किलोमीटर दूर स्थित है। अनुमान के मुताबिक, अब यह तूफान अपनी दिशा बदलकर फिर से गहरे समुद्र की ओर लौटेगा, हालांकि इसकी ताकत लगातार घटती जाएगी।

तूफान की मौजूदा स्थिति

आज सुबह यह चक्रवाती तूफान लगभग 19.8°N और 60.6°E पर केंद्रित था, जो मसीराह द्वीप से लगभग 200 किलोमीटर पूर्व-दक्षिणपूर्व में स्थित है। फिलहाल, मौसमीय परिस्थितियाँ कमजोर हो गई हैं और घर्षण बल (frictional forces) बढ़ गए हैं। हालांकि निचले स्तर पर अब भी एक सघन चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है, लेकिन समुद्री परिस्थितियाँ अब अनुकूल नहीं हैं।

तूफान शक्ति

तूफान शक्ति

स्टीयरिंग करंट इसे दक्षिण-पूर्व दिशा में, यानी ओमान तट से दूर, ले जाएगा। वहीं, सूखी हवा का प्रवेश (dry air entrainment) और मजबूत वर्टिकल विंड शियर ने तूफान की संरचना को तोड़ना शुरू कर दिया है। साथ ही, समुद्र की सतह का तापमान घटने से ऊष्मा क्षमता (heat potential) कम हो गई है, जिससे तूफान तेजी से कमजोर होता जाएगा।

धीरे-धीरे अवदाब में बदल जाएगा सिस्टम

यह चक्रवाती तूफान अगले 4 से 6 घंटों तक अपनी मौजूदा स्थिति बनाए रख सकता है, जिसके बाद यह शाम तक अवदाब (Depression) में बदल जाएगा। कल तक इसके और कमजोर होकर कम दबाव क्षेत्र (Low Pressure Area) बनने की संभावना है। इस दौरान यह सिस्टम पूर्व दिशा की ओर बढ़ेगा, यानी गुजरात तट की दिशा में, लेकिन यह खुले समुद्र में ही समाप्त हो जाएगा, भारतीय तट से काफी दूर। वास्तविक रूप से यह किसी भी देश के तट से नहीं टकराएगा। चाहे वो भारत, पाकिस्तान, ईरान, ओमान या यमन ही क्यों न हो।

अरब सागर का तूफान हुआ कमजोर

अरब सागर का तूफान हुआ कमजोर

कमजोरी के पीछे मौसमीय कारण

तूफान के कमजोर होने का मुख्य कारण समुद्र की सतह का ठंडा तापमान और तेज हवा की परतें (wind shear) हैं। इस समय अरब सागर के इस हिस्से में समुद्र की सतह सबसे ठंडी रहती है, जिससे ऊर्जा का संचार नहीं हो पाता। इसके अलावा दक्षिण-पश्चिम मानसून की हवाएँ भी तापमान बढ़ने नहीं देतीं। सब-ट्रॉपिकल रिज (Sub-Tropical Ridge) तूफान की धुरी के उत्तर में बनी हुई है, जिसने तूफान को पश्चिम या उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने से रोककर दक्षिण दिशा की ओर धकेल दिया।

अगले 48 घंटों तक रहेगा ऊँचा समुद्री दबाव

हालांकि तूफान कमजोर पड़ रहा है, लेकिन अगले 48 घंटों तक समुद्र में लहरें ऊँची रहेंगी और परिस्थितियाँ खतरनाक (rough sea) बनी रहेंगी। इसके बचे हुए हिस्से (remnants) समुद्र की सतह पर तेज़ हवाएँ (squally winds) पैदा करते रहेंगे। 7 अक्टूबर 2025 के बाद से ही समुद्र में ‘ऑप्स नॉर्मल’ यानी सामान्य हालात लौटने की उम्मीद है।

author image

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है