दिल्ली में अगस्त में सामान्य से ज्यादा बारिश, फिर भी रातें गर्म और AQI क्यों रहा ज्यादा?

By: Mahesh Palawat | Edited By: Mohini Sharma
Sep 1, 2026, 7:00 PM
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दिल्ली मौसम अपडेट, फोटो: AI Generated

मुख्य मौसम बिंदु

  • सफदरजंग में अगस्त 2026 में करीब 354 मिमी बारिश, लगभग 59% ज्यादा।
  • 25 अगस्त को 99 मिमी बारिश ने पूरे महीने की बारिश में करीब 28% योगदान दिया।
  • अधिक नमी, ऊंचे ड्यू पॉइंट, बादल और Urban Heat Island Effect के कारण रातों का तापमान करीब 26.8°C रहा।
  • अगस्त के पहले 28 दिनों में औसत AQI करीब 92, जो पिछले तीन वर्षों के अगस्त में सबसे ज्यादा था।

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दिल्ली में अगस्त 2026 के दौरान मौसम का एक असामान्य मिश्रण देखने को मिला। राजधानी में सामान्य से काफी ज्यादा बारिश हुई, लेकिन इसके बावजूद रात का तापमान अपेक्षाकृत ऊंचा रहा। साथ ही, अगस्त के दौरान दिल्ली का औसत Air Quality Index (AQI) भी पिछले दो वर्षों के अगस्त की तुलना में ज्यादा रहा। सफदरजंग में अगस्त के दौरान करीब 354 मिमी बारिश दर्ज हुई, जबकि महीने की सामान्य बारिश 222.9 मिमी है। यानी बारिश सामान्य से लगभग 59% ज्यादा रही।

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दिल्ली की कुछ अन्य वेधशालाओं में भी बारिश काफी अधिक रही। हालांकि, पूरे महीने बारिश समान रूप से नहीं हुई। ज्यादातर बारिश कुछ बेहद सक्रिय दौर के दौरान ही हुई। इसका सबसे बड़ा उदाहरण 25 अगस्त है, जब सफदरजंग में 24 घंटे के दौरान करीब 99 मिमी बारिश दर्ज हुई। अकेले इस बारिश ने पूरे अगस्त की कुल बारिश में लगभग 28% योगदान दिया। इसलिए महीने की कुल बारिश सामान्य से अधिक होने का मतलब यह नहीं है कि पूरे महीने दिल्ली में लगातार ठंडा और बारिश वाला मौसम रहा।

मानसून ट्रफ और मौसम प्रणालियों ने बढ़ाई दिल्ली की बारिश

अगस्त के दौरान मानसून ट्रफ कई बार उत्तर-पश्चिम भारत के काफी करीब रही। इसके अलावा हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में चक्रवाती परिसंचरण भी बने रहे। मध्य और उत्तरी भारत से होकर गुजरने वाले निम्न दबाव वाले सिस्टम ने दिल्ली की ओर नमी वाली पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी हवाओं के प्रवाह को मजबूत किया। कुछ मौकों पर पश्चिमी विक्षोभ और मानसूनी सिस्टम के बीच भी परस्पर प्रभाव देखने को मिला। इससे बारिश की गतिविधियां और मजबूत हुईं। इन सभी मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से दिल्ली में अगस्त के दौरान सामान्य से अधिक बारिश हुई।

ज्यादा बारिश के बावजूद दिल्ली में रातें क्यों रहीं गर्म?

बारिश के बावजूद अगस्त के ज्यादातर दिनों में दिल्ली का औसत न्यूनतम तापमान करीब 26.8°C रहा। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण वातावरण में मौजूद अधिक नमी रही। नम हवा, शुष्क हवा की तुलना में धीरे ठंडी होती है। साथ ही, ज्यादा ड्यू पॉइंट यानी ओसांक ने भी रात के समय तापमान में गिरावट को सीमित किया।

लगातार बादल छाए रहने का भी असर पड़ा। दिन में बादल सूरज की गर्मी को कुछ हद तक रोक सकते हैं, लेकिन रात में यही बादल पृथ्वी की सतह से निकलने वाली गर्मी को तेजी से बाहर जाने से रोकते हैं। इसे एक तरह से कंबल के प्रभाव की तरह समझा जा सकता है।

इसके अलावा दिल्ली का Urban Heat Island Effect भी रातों को गर्म रखने में महत्वपूर्ण रहा। शहर की कंक्रीट की इमारतें, सड़कें और पक्की सतहें दिन में गर्मी सोख लेती हैं और रात में इसे धीरे-धीरे छोड़ती हैं। वाहनों, उद्योगों और एयर कंडीशनर से निकलने वाली गर्मी भी रात के तापमान को बढ़ाती है।

बारिश के बाद भी AQI क्यों बढ़ा?

अगस्त के पहले 28 दिनों में दिल्ली का औसत AQI करीब 92 रहा। यह अभी भी 'Satisfactory' यानी संतोषजनक श्रेणी में आता है, लेकिन पिछले तीन वर्षों में किसी अगस्त का यह सबसे ज्यादा औसत AQI था। बारिश PM10 और PM2.5 जैसे प्रदूषकों को कुछ समय के लिए वातावरण से हटा देती है। लेकिन बारिश रुकने के बाद वाहनों का धुआं, निर्माण कार्य, सड़क की धूल और औद्योगिक उत्सर्जन फिर से प्रदूषण बढ़ाने लगते हैं। कुछ समय के दौरान हल्की हवाओं और खराब वेंटिलेशन के कारण प्रदूषकों को फैलने का पर्याप्त मौका नहीं मिला।

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अधिक नमी भी महीन कणों के आकार और भार को बढ़ा सकती है, क्योंकि ये कण वातावरण में मौजूद नमी को सोख लेते हैं। साथ ही, दिल्ली में बारिश अक्सर स्थानीय और असमान होती है। इसलिए सफदरजंग में भारी बारिश होने का यह मतलब नहीं है कि उसी समय पूरी दिल्ली में समान मात्रा में बारिश हुई हो। कुल मिलाकर, अगस्त में दिल्ली की बारिश सामान्य से काफी अधिक रही, लेकिन यह बारिश कुछ तेज दौरों में केंद्रित थी। दूसरी ओर, अधिक नमी, बादल, ऊंचे ड्यू पॉइंट और शहरी गर्मी के प्रभाव ने रातों को गर्म बनाए रखा। बारिश ने प्रदूषण को कुछ समय के लिए जरूर साफ किया, लेकिन बारिश के बीच वाहनों, निर्माण और अन्य स्रोतों से लगातार उत्सर्जन तथा कमजोर हवाओं के कारण AQI फिर बढ़ता रहा।

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Mahesh Palawat
Vice President of Meteorology & Climate Change
Mr. Palawat, Vice President of Meteorology & Climate Change, is a former Air Force boxer and a passionate weather enthusiast. Dedicated to tracking and predicting weather for the benefit of farmers and the general public, he has been an integral part of Skymet since its inception.
FAQ

सफदरजंग में करीब 354 मिमी बारिश दर्ज हुई, जो अगस्त की सामान्य 222.9 मिमी बारिश से लगभग 59% अधिक है।

अधिक नमी, ऊंचे ड्यू पॉइंट, बादल और दिल्ली के Urban Heat Island Effect के कारण रात में तापमान ज्यादा गिर नहीं पाया।

बारिश प्रदूषकों को अस्थायी रूप से कम करती है, लेकिन बारिश रुकने के बाद वाहन, निर्माण, सड़क की धूल और औद्योगिक उत्सर्जन से प्रदूषण फिर बढ़ने लगता है। कमजोर हवाओं ने भी प्रदूषकों के फैलाव को सीमित किया।

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है