Delhi Weather: दस साल में सबसे जल्दी दिल्ली से मानसून की वापसी, तापमान रहेगा बढ़ता
दिल्ली-एनसीआर में एक छोटे से ब्रेक के बाद अब मानसून की वापसी फिर से शुरू हो गई है। मानसून राजस्थान के अधिकांश हिस्सों, आधे पंजाब-हरियाणा और गुजरात के कुछ हिस्सों से लौट चुका है। मानसून वापसी की रेखा (Withdrawal Line) इस समय दिल्ली के पास से गुजर रही है और तरन तारन, संगरूर, जींद, रेवाड़ी, टोंक, मेहसाणा और पोरबंदर तक फैली हुई है। आने वाले दिनों में यह और आगे बढ़कर गुजरात, पंजाब, हरियाणा व दिल्ली से पूरी तरह हट सकता है। साथ ही उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों से भी मानसून की विदाई संभव है।
दिल्ली में मानसून वापसी की सामान्य तारीख
दिल्ली से मानसून की सामान्य विदाई 25 सितंबर के आसपास होती है। लेकिन अक्सर यह देरी से लौटता है और सितंबर के अंतिम दिनों या अक्टूबर के पहले सप्ताह तक खिंच जाता है। बता दें, मानसून की सबसे देर से वापसी 2013 में हुई थी, जब 17 अक्टूबर को मॉनसून विदा हुआ था। उसी साल 22 अक्टूबर को दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्वी मानसून की शुरुआत हुई थी। दिलचस्प बात यह रही कि उस साल मानसून जल्दी (13 दिन पहले) आया था, लेकिन फिर भी दिल्ली में सीजन का अंत कम बारिश के साथ हुआ।
पिछले वर्षों की वापसी की तारीखें
दिल्ली से मानसून वापसी की तिथियों पर नजर डालें तो हाल के वर्षों में यह कभी सितंबर अंत तो कभी अक्टूबर के दूसरे हफ्ते तक खिंच गई।

पिछले वर्षों की मानसून वापसी की तारीखें
तापमान में बढ़ोतरी
बारिश पूरी तरह थमने और धूप खिलने से पिछले चार दिनों से दिल्ली में दिन का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर बना हुआ है। सफदरजंग स्टेशन पर 35.3°C और लोधी रोड पर 35.8°C तापमान दर्ज किया गया। अगले कुछ दिनों तक इसी तरह का तापमान बने रहने की उम्मीद है।
सामान्य से अधिक बारिश
इस बार दिल्ली ने मानसून सीजन में 902.6 मिमी बारिश दर्ज की है, जबकि सामान्य आंकड़ा 640.4 मिमी है। यानी दिल्ली में 41% अधिक बारिश हुई है। खास बात यह है कि इस साल मानसून के सभी महीनों में औसत से ज्यादा बारिश हुई। अब सितंबर के बाकी दिनों में और बारिश होने की संभावना नहीं है।
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