बाढ़ का कहर: जम्मू-उधमपुर में रिकॉर्डतोड़ बारिश, 99 साल का रिकॉर्ड टूटा, बाढ़ से जनजीवन ठप

By: Skymet team | Edited By:
Aug 27, 2025, 1:30 PM
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जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश के बाद बाढ़, फोटो: X

जम्मू-कश्मीर में मानसून की तबाही ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। जम्मू, उदमपुर, डोडा, रियासी, कटरा, वैष्णो देवी, कठुआ समेत कई इलाकों में मूसलाधार बारिश हुई। लगातार बारिश से जम्मू डिवीजन में बादल फटने जैसे हालात बने, नदियों में बाढ़ आ गई और कई पुल व सड़कें बह गए।

भूस्खलन में गईं कई ज़िंदगियां, रुकी वैष्णो देवी यात्रा

वैष्णो देवी जाने वाले मार्ग पर भूस्खलन से कई श्रद्धालुओं की मौत हो गई। हालात को देखते हुए प्रशासन ने यात्रा को अगले आदेश तक रोक दिया है। उफनती नदियों ने डोडा जिले में तीन पैदल पुल बहा दिए। वहीं, जम्मू में तवी नदी पर बना एक हिस्सा बह गया, जिससे आसपास के घर भी क्षतिग्रस्त हुए।

सड़कों और हवाई सेवाओं पर असर

जम्मू-श्रीनगर और किश्तवाड़-डोडा हाईवे पर यातायात बंद करना पड़ा। दर्जनों पहाड़ी सड़कें या तो बंद हो गईं या पानी में बह गईं। जम्मू एयरपोर्ट पर भी हवाई संचालन रोक दिया गया और भारी बारिश के कारण एयरफील्ड को बंद करना पड़ा।

जम्मू ने तोड़ा 99 साल पुराना रिकॉर्ड

जम्मू शहर में कल अत्यधिक बारिश दर्ज की गई। जम्मू एयरपोर्ट ऑब्जर्वेटरी में 24 घंटे में 380 मिमी बारिश हुई। यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है, जिसने 5 अगस्त 1926 का 228.6 मिमी का रिकॉर्ड तोड़ दिया। अगस्त महीने का औसत 353 मिमी होता है, लेकिन इस बार 1 से 27 अगस्त के बीच ही 952 मिमी बारिश हो चुकी है। अगस्त 2013 में 702.3 मिमी बारिश का रिकॉर्ड था। अगस्त 1996 का 1087.5 मिमी का रिकॉर्ड अब भी कायम है।

उदमपुर एयरफोर्स स्टेशन पर भी टूटा रिकॉर्ड

जैसा कि पहले बताया गया था, भारी से अत्यधिक बारिश पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और उत्तर राजस्थान-हरियाणा के ऊपर बने लो प्रेशर एरिया के टकराव से हुई। उदमपुर एयरफोर्स ऑब्जर्वेटरी ने भी 12 घंटे में 540 मिमी बारिश दर्ज कर इतिहास बना दिया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इतनी अत्यधिक बारिश की सटीक भविष्यवाणी करना मौसम मॉडल्स के लिए भी संभव नहीं होता।

अगले 36 घंटों तक हल्की-दारमियानी बारिश

पश्चिमी विक्षोभ अब पूर्व की ओर बढ़ गया है और अगले 12 घंटों में क्षेत्र से निकल जाएगा। हालांकि मानसून ट्रफ जम्मू के आसपास बनी रहेगी। इसलिए अगले 36 घंटे तक हल्की से मध्यम बारिश होती रहेगी।

29 अगस्त से फिर बढ़ेगा मौसम का असर

29 अगस्त को एक और पश्चिमी विक्षोभ ऊपरी वायुमंडल में बनने जा रहा है, जो जम्मू और उत्तर पंजाब तक असर डालेगा। इससे 29 से 31 अगस्त तक फिर से बारिश बढ़ सकती है। हालांकि इस बार बारिश पहले जैसी भयावह नहीं होगी। कहीं-कहीं भारी बारिश जरूर होगी। सितंबर के पहले हफ्ते तक मौसम पूरी तरह साफ रहने की संभावना नहीं है। जम्मू-कश्मीर से मानसून की वापसी आमतौर पर 20 सितंबर या उसके बाद ही शुरू होती है।

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Skymet team

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