दिल्ली में बढ़ेगी गर्मी, पारा छू सकता है 40°C, आज हल्की बारिश की उम्मीद

By: Skymet team | Edited By:
Jun 5, 2025, 1:00 PM
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दिल्ली में लगातार तीसरे दिन मौसम शुष्क बना रहा। दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी तो हुई है, लेकिन सफदरजंग, पालम और लोदी रोड जैसे अधिकतर इलाकों में तापमान सामान्य से अब भी 6 से 7 डिग्री सेल्सियस नीचे बना हुआ है। आयानगर में बहुत हल्की बारिश (फुहारें) और बूंदाबांदी दर्ज की गई।

कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की हल्की संभावना

आज भी कुछ क्षेत्रों में बहुत हल्की बौछारें पड़ने की मामूली संभावना बनी हुई है, खासकर दक्षिणी दिल्ली में। लेकिन यह ‘टच एंड गो’ स्थिति है यानी बारिश की संभावना बेहद कम है। अगर बारिश होती भी है तो बहुत सीमित समय और क्षेत्र तक ही होगी।

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हरियाणा में बना छोटा पैमाने का परिसंचरण तंत्र

दिल्ली के पास हरियाणा में एक छोटे स्तर का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके अलावा पंजाब और उत्तर राजस्थान में भी एक-एक चक्रवातीय प्रणाली सक्रिय है। पूर्व-पश्चिम ट्रफ रेखा अब स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दे रही है। इन सभी सिस्टम की वजह से हवा की दिशा स्थिर नहीं रह पा रही है, जिससे दिल्ली-एनसीआर में एक समान मौसम नहीं बन पा रहा है।

हरियाणा और राजस्थान के कुछ भागों में मौसम सक्रिय

हरियाणा के दक्षिणी हिस्सों और राजस्थान के नज़दीकी क्षेत्रों (जैसे नारनौल, रेवाड़ी, अलवर, दौसा, भरतपुर) में पूर्वाह्न/दोपहर के समय बारिश और गरज के साथ छींटें पड़ सकती हैं। यह सिस्टम यदि आगे बढ़ता है, तो दिल्ली के कुछ हिस्सों में भी छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है।

कल से मौसम शुष्क, सिर्फ तेज हवाएं चलेंगी

कल (6 जून) से दिल्ली और आसपास के इलाकों में कोई प्रमुख मौसम प्रणाली नहीं रहेगी। केवल एक चीज प्रमुख होगी और वो है तेज हवाएं, जो अगले 5-6 दिनों तक चलेंगी। हालांकि तापमान में बढ़ोतरी होगी और यह 40°C के पार जा सकता है, फिर भी इन तेज हवाओं की वजह से गर्मी ज्यादा झुलसाने वाली नहीं लगेगी। अभी भी लू की स्थिति नहीं बनेगी।

12 जून के बाद प्री-मानसून गतिविधि

कल 6 जून से प्री-मानसून गतिविधियाँ धीमी पड़ जाएंगी, और अगली बड़ी बारिश की संभावना 12 जून के बाद ही बन सकती है। इस लंबे शुष्क दौर की वजह से दिल्ली में हीट इंडेक्स (गर्मी की अनुभूति) बढ़ेगा और महीने की सामान्य वर्षा को पूरा करना मुश्किल हो जाएगा।

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Skymet team

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है