गुजरात और मध्य प्रदेश में 2 से 7 जुलाई तक भारी मानसूनी बारिश के आसार, सूखे जैसे हालात होंगे खत्म

By: Mahesh Palawat | Edited By: Mohini Sharma
Jun 30, 2026, 2:30 PM
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मौसम अपडेट, फोटो: AI Generated

मुख्य मौसम बिंदु

  • गुजरात और मध्य प्रदेश में जुलाई के पहले सप्ताह में मानसून जोर पकड़ेगा।
  • 3 से 5 जुलाई के बीच मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
  • गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ में 4 से 7 जुलाई के बीच तेज बारिश के आसार हैं।
  • बारिश से पानी की कमी कम होगी और खरीफ फसलों को फायदा मिलेगा।
  • पूर्वानुमान की वैधता: यह पूर्वानुमान 2 जुलाई से 7 जुलाई तक मान्य है।

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दक्षिण-पश्चिम मानसून अब गुजरात और मध्य प्रदेश में जोरदार वापसी करने की तैयारी में है। मानसून सीजन की शुरुआत से अब तक दोनों राज्यों में सामान्य से काफी कम बारिश हुई है, लेकिन जुलाई के पहले सप्ताह में मौसम की परिस्थितियां तेजी से बदलने वाली हैं। इससे व्यापक बारिश होने की संभावना है और लंबे समय से चली आ रही वर्षा की कमी काफी हद तक दूर हो सकती है।

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29 जून तक के आंकड़ों के अनुसार, गुजरात में सामान्य से 81% कम बारिश दर्ज की गई है, जिससे राज्य 'बड़ी वर्षा कमी (Large Deficient)' की श्रेणी में है। वहीं मध्य प्रदेश में अब तक 39% कम बारिश हुई है। बारिश की कमी के कारण किसानों की बुवाई प्रभावित हुई है और कई इलाकों में जल उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ गई है।

कई हिस्सों में गंभीर बारिश की कमी, मानसून अब तेजी से बढ़ेगा आगे

गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ में सबसे अधिक 92% बारिश की कमी दर्ज की गई है, जबकि गुजरात क्षेत्र में यह कमी 72% है। मध्य प्रदेश में भी स्थिति समान नहीं है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में केवल 11% की कमी है, लेकिन पूर्वी मध्य प्रदेश में 67% कम बारिश होने के कारण वहां हालात अधिक चिंताजनक बने हुए हैं।

अब तक दक्षिण-पश्चिम मानसून केवल दक्षिण गुजरात और मध्य प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों तक ही पहुंच पाया है। सामान्य स्थिति में इस समय तक पूरा गुजरात और मध्य प्रदेश मानसून की चपेट में आ जाते हैं, लेकिन इस बार देरी हुई है। अब मौसम की परिस्थितियां तेजी से अनुकूल हो रही हैं और मानसून के शेष क्षेत्रों में आगे बढ़ने की संभावना बढ़ गई है।

2 से 7 जुलाई के बीच होगी भारी बारिश

लगभग 2 जुलाई के आसपास दक्षिण छत्तीसगढ़ के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण बनने की संभावना है, जो दक्षिण-पूर्व मध्य प्रदेश की ओर बढ़ेगा। इसके प्रभाव से 2 और 3 जुलाई को पूर्वी मध्य प्रदेश में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। इसके बाद यह सिस्टम मध्य और पश्चिमी मध्य प्रदेश की ओर बढ़ेगा, जिससे 3 से 5 जुलाई के बीच कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। बाद में यह सिस्टम दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश की ओर बढ़ेगा और पूरे राज्य में बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी।

इसी दौरान गुजरात में भी बारिश तेजी से बढ़ेगी। 3 जुलाई की शाम से बारिश शुरू होने की संभावना है, जबकि 4 और 5 जुलाई को अधिकांश हिस्सों में अच्छी और व्यापक वर्षा होगी। इसके बाद मौसम प्रणाली पश्चिम की ओर बढ़ेगी, जिससे गुजरात क्षेत्र, सौराष्ट्र और कच्छ में 7 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश के साथ गरज-चमक होने की संभावना है।

खेती और जल संकट से मिलेगी राहत

यह बारिश गुजरात में इस मानसून सीजन की पहली व्यापक और प्रभावी वर्षा साबित हो सकती है। इससे दोनों राज्यों में वर्षा की कमी काफी हद तक दूर हो सकती है और बारिश का आंकड़ा सामान्य श्रेणी के करीब पहुंच सकता है।

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बारिश से खेतों में नमी बढ़ेगी, तालाब, बांध और जलाशयों का जलस्तर सुधरेगा, इसके साथ ही भूजल स्तर में भी सुधार होगा। इससे धान, सोयाबीन, कपास, मक्का और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई तथा शुरुआती बढ़वार के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनेंगी। साथ ही, यह बारिश पश्चिम और मध्य भारत के शेष हिस्सों में मानसून की आगे बढ़ने की प्रक्रिया को भी तेज करेगी।

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Mahesh Palawat
Vice President of Meteorology & Climate Change
Mr. Palawat, Vice President of Meteorology & Climate Change, is a former Air Force boxer and a passionate weather enthusiast. Dedicated to tracking and predicting weather for the benefit of farmers and the general public, he has been an integral part of Skymet since its inception.
FAQ

3 जुलाई की शाम से बारिश बढ़ने की संभावना है, जबकि 4 से 7 जुलाई के बीच कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

3 से 5 जुलाई के बीच मध्य और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

हां, भारी बारिश से मिट्टी में नमी बढ़ेगी, जलाशय भरेंगे और खरीफ फसलों की बुवाई व शुरुआती वृद्धि के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनेंगी।

डिस्क्लेमर: यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है