झारखंड के ऊपर डिप्रेशन का असर,पूर्वी-मध्य भारत में तेज होगा मानसून, यूपी-छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में बढ़ेगी बारिश
मुख्य मौसम बिंदु
- डिप्रेशन अगले 24 घंटों में उत्तर छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ सकता है।
- झारखंड, छत्तीसगढ़, पूर्वी उत्तर प्रदेश और मध्य-पूर्वी मध्य प्रदेश में बहुत सक्रिय मानसून की स्थिति बन सकती है।
- डिप्रेशन के धीमे पड़ने से मध्य और पूर्वी भारत में बारिश का दौर अगले सप्ताह के मध्य तक जारी रह सकता है।
- 16 अगस्त के आसपास बारिश का क्षेत्र उत्तर की ओर खिसककर उत्तर प्रदेश, उत्तर छत्तीसगढ़ और पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश तक पहुंच सकता है।
- पूर्वानुमान की वैधता: 17 से 23 अगस्त के दौरान उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, नेपाल, बिहार, सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में खराब मौसम की संभावना है।
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पश्चिम बंगाल और ओडिशा के ऊपर बना अच्छी तरह चिह्नित निम्न दबाव क्षेत्र अब पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़कर डिप्रेशन में बदल गया है। यह सिस्टम इस समय झारखंड की राजधानी रांची के बेहद करीब केंद्रित है और इसे मध्य क्षोभमंडल तक फैला ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण भी सहारा दे रहा है। अगले 24 घंटों में डिप्रेशन धीरे-धीरे उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ेगा और उत्तर छत्तीसगढ़ के आसपास पहुंच सकता है। इसके बाद इसके कमजोर होकर मजबूत निम्न दबाव क्षेत्र में बदलने की संभावना है। हालांकि, कमजोर होने के बाद भी यह सिस्टम कुछ समय तक एक ही क्षेत्र के आसपास ठहर सकता है।
इसके प्रभाव से झारखंड, छत्तीसगढ़, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वी व मध्य मध्य प्रदेश में कई स्थानों पर मानसून की स्थिति सक्रिय से लेकर बहुत सक्रिय रह सकती है। यानी इन इलाकों में कई जगह अच्छी बारिश और कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। मौसम गतिविधियों का असर आसपास के बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और विदर्भ तक भी पहुंचने की संभावना है। दूसरी ओर, उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश के ऊपर पहले बने निम्न दबाव क्षेत्र का अवशेष अब उसी क्षेत्र में ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण के रूप में मौजूद है। यह परिसंचरण डिप्रेशन से जुड़े दूसरे परिसंचरण के साथ मिलकर करीब 23° उत्तरी अक्षांश के आसपास एक शियर जोन बना रहा है। दोनों मौसम प्रणालियां एक-दूसरे को मजबूत कर रही हैं, जिससे मध्य और पूर्वी भारत में बारिश की गतिविधियां और बढ़ रही हैं। यह बारिश का दौर अगले सप्ताह के मध्य तक जारी रह सकता है।

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डिप्रेशन सामान्य रास्ते से हटेगा, उत्तर भारत में भी बढ़ेगी बारिश
डिप्रेशन के कल तक छत्तीसगढ़ क्षेत्र में पहुंचने की संभावना है। हालांकि, इस समय के सामान्य ट्रैक के विपरीत यह सिस्टम मध्य और पश्चिमी भारत की ओर ज्यादा अंदर तक आगे बढ़ने की संभावना नहीं है। इसके बजाय यह कुछ समय तक लगभग एक ही क्षेत्र में ठहर सकता है या धीरे-धीरे आसपास के इलाकों में घूमता रह सकता है। इसका मतलब है कि सिस्टम की गति धीमी रहने के कारण मध्य और पूर्वी भारत में बारिश का दौर अपेक्षाकृत लंबा चल सकता है। इस दौरान देश के अधिकांश पश्चिमी और दक्षिणी हिस्से भारी बारिश से बचे रह सकते हैं, जबकि पूर्वी राज्यों और गंगा के मैदानी इलाकों में लंबे समय तक मानसूनी बारिश देखने को मिल सकती है।
आज मौसम की मुख्य गतिविधियां झारखंड, उत्तर छत्तीसगढ़, मध्य और पूर्वी मध्य प्रदेश तक सीमित रहेंगी। इसके आसपास के इलाकों में ओडिशा के अंदरूनी हिस्सों, दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश और विदर्भ तक बारिश पहुंच सकती है। कल इन क्षेत्रों के अलावा बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां उत्तराखंड की तलहटी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक पहुंचने की संभावना है। 16 अगस्त को बारिश का क्षेत्र थोड़ा उत्तर की ओर खिसक सकता है और मध्य व पूर्वी उत्तर प्रदेश, उत्तर छत्तीसगढ़ तथा पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों को प्रभावित कर सकता है।

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17 से 23 अगस्त तक पहाड़ों और तराई में खराब मौसम के आसार
जैसे-जैसे मौसम प्रणाली इसी क्षेत्र के आसपास बनी रहेगी, बारिश के नए क्षेत्र फिर से सक्रिय हो सकते हैं। बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में कम समय के अंतराल पर दोबारा बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। इसका मतलब है कि पूर्वी और मध्य भारत के कई हिस्सों में बारिश एक बार होने के बाद जल्दी खत्म नहीं होगी, बल्कि नए मौसम सिस्टम और उनके प्रभाव से दोबारा बारिश हो सकती है।
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17 से 23 अगस्त के दौरान, यानी अगस्त के तीसरे सप्ताह में उत्तराखंड की तलहटी, हिमाचल प्रदेश, नेपाल, बिहार, सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में मौसम खराब रहने की संभावना है। इन क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं और यह दौर 23 अगस्त के बाद भी आगे बढ़ सकता है। इसलिए पहाड़ी और तराई वाले क्षेत्रों में इस अवधि के दौरान बारिश पर विशेष नजर रखना जरूरी होगा। वहीं, पश्चिमी और दक्षिणी भारत के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश की गतिविधियां सीमित रहने की संभावना है।
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