चक्रवात अर्नब और पश्चिमी विक्षोभ का असर, दिल्ली-एनसीआर में बारिश के आसार, जानें पूरा मौसम का हाल

By: Mahesh Palawat | Edited By: Mohini Sharma
Oct 27, 2026, 2:18 PM
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दिल्ली-एनसीआर में बारिश के आसार

मुख्य मौसम बिंदु

  • 28 अक्टूबर को दिल्ली-NCR में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं।
  • 29 अक्टूबर के दिल्ली-NCR के कई हिस्सों में बहुत हल्की बारिश के आसार हैं।
  • गरज-चमक के दौरान हवाओं की रफ्तार 30–40 km/h तक पहुंच सकती है।
  • दिल्ली में अधिकतम तापमान 29–31°C से घटकर 29 अक्टूबर को 27–29°C रह सकता है।
  • पूर्वानुमान की वैधता: यह मौसम पूर्वानुमान 30 अक्टूबर 2026 तक मान्य है। वहीं, हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश या बर्फबारी की संभावना है।

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दिल्ली-NCR में मौसम एक बार फिर बदलने वाला है। अब तक ज्यादातर साफ रहे आसमान में बादल छाने लगेंगे और सप्ताह के मध्य में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। 28 अक्टूबर को आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रह सकता है। इसके बाद 29 अक्टूबर को दिल्ली-NCR के कई हिस्सों में बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में 30 अक्टूबर को भी बारिश जारी रहने की संभावना है, लेकिन यह अलग-अलग स्थानों पर रुक-रुककर हो सकती है। बारिश का ज्यादा सक्रिय दौर गुरुवार यानी 29 अक्टूबर की दोपहर और शाम के समय रहने का अनुमान है। इस दौरान बिजली चमकने और तेज सतही हवाएं चलने से लोगों की बाहरी गतिविधियों और रोजाना आने-जाने में परेशानी हो सकती है।

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पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बदलेगा मौसम, गरज-चमक के बन सकते हैं आसार

उत्तर-पश्चिम भारत की ओर बढ़ रहा पश्चिमी विक्षोभ मौसम में बदलाव का प्रमुख कारण होगा। पश्चिमी विक्षोभ वायुमंडल के मध्य और ऊपरी स्तरों पर पश्चिम से पूर्व की ओर चलने वाली हवाओं के साथ आगे बढ़ने वाला एक मौसम तंत्र है। इसके प्रभाव से हवा ऊपर उठ सकती है और निचले वायुमंडल में नमी की स्थिति बदल सकती है। इन परिस्थितियों में बादल बनने और गरज-चमक के साथ बारिश होने के लिए अनुकूल माहौल तैयार हो सकता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि पूरे मैदानी क्षेत्र में लगातार बारिश होगी। बारिश कितनी जगह होगी और कितनी तेज होगी, यह स्थानीय स्तर पर नमी और वायुमंडलीय अस्थिरता के मेल पर निर्भर करेगा। इसके अलावा, बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवात अर्नब का भी मौसम संबंधी परिदृश्य में उल्लेख है, लेकिन दिल्ली-NCR में बारिश की मुख्य वजह उत्तर-पश्चिम भारत की ओर बढ़ रहा पश्चिमी विक्षोभ है।

29 अक्टूबर को दिल्ली में हल्की बारिश, तापमान में भी आएगी गिरावट

दिल्ली में 28 अक्टूबर को बादल बढ़ने के बावजूद बारिश की संभावना नहीं है। वहीं, 29 अक्टूबर को आसमान में आमतौर पर बादल छाए रह सकते हैं और कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक के साथ सतही हवाओं की रफ्तार 30–40 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इससे खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों और वाहन चालकों को परेशानी हो सकती है।

तापमान की बात करें तो 28 अक्टूबर को दिल्ली का अधिकतम तापमान 29–31 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। 29 अक्टूबर को इसमें गिरावट आ सकती है और अधिकतम तापमान 27–29 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है। आसमान में अधिक बादल छाने के कारण दिन के तापमान में यह गिरावट संभव है। हालांकि, दिल्ली और आसपास के शहरी क्षेत्रों में मौसम की स्थिति अलग-अलग हो सकती है।

हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी संभव

दिल्ली-NCR में 30 अक्टूबर की सुबह या पूर्वाह्न तक भी बहुत हल्की बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। दिल्ली के अलावा फरीदाबाद, गुरुग्राम और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अन्य हिस्से भी प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, बारिश हर जगह एक साथ या समान तीव्रता से होने की संभावना नहीं है।

इस बीच, हिमाचल प्रदेश में 29 और 30 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या बर्फबारी हो सकती है। बर्फबारी की संभावना मुख्य रूप से उन ऊंचाई वाले इलाकों में होगी, जहां तापमान इसके अनुकूल रहेगा। फिलहाल यह सीमित क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी का पूर्वानुमान है, न कि पूरे हिमालयी क्षेत्र में बड़े और व्यापक बर्फीले तूफान का संकेत।

मौसम में बदलाव को देखते हुए लोगों को बालकनी में रखी हल्की वस्तुओं को सुरक्षित रखना चाहिए और बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचना चाहिए। बाहरी कार्यक्रमों और निर्माण कार्यों के समय में जरूरत के अनुसार बदलाव करना पड़ सकता है। वाहन चालकों को अचानक चलने वाली तेज हवाओं और पहली बारिश के बाद फिसलन भरी सड़कों पर सावधानी बरतनी चाहिए। किसानों को भी कटी हुई फसल और खुले में रखी उपज को अचानक होने वाली बारिश से बचाने की तैयारी रखनी चाहिए। हल्की बारिश से वायु गुणवत्ता में सुधार की गारंटी नहीं है, क्योंकि प्रदूषण का स्तर हवा की दिशा, वेंटिलेशन और प्रदूषण उत्सर्जन पर भी निर्भर करेगा।

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Mahesh Palawat
Vice President of Meteorology & Climate Change
Mr. Palawat, Vice President of Meteorology & Climate Change, is a former Air Force boxer and a passionate weather enthusiast. Dedicated to tracking and predicting weather for the benefit of farmers and the general public, he has been an integral part of Skymet since its inception.
FAQ

28 अक्टूबर को बादल छाए रह सकते हैं, जबकि 29 अक्टूबर को कई स्थानों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में 30 अक्टूबर को भी बारिश हो सकती है।

29 अक्टूबर को दिल्ली का अधिकतम तापमान 27–29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है, जबकि 28 अक्टूबर को यह 29–31 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।

उत्तर-पश्चिम भारत की ओर बढ़ रहा पश्चिमी विक्षोभ मौसम में बदलाव का प्रमुख कारण है। इसके प्रभाव से बादल छाने, हल्की बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां हो सकती हैं।

डिस्क्लेमर: यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है