केरल और तमिलनाडु में भारी बारिश जारी, जानें कब से खराब मौसम से मिलेगी राहत?
मुख्य मौसम बिंदु
- तमिलनाडु–पुडुचेरी और केरल–माहे में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश।
- पंबन में 11 सेंटीमीटर और टोंडी में 10 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई।
- तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 40–50km/h की रफ्तार से हवा चल सकती है।
- 28 अक्टूबर से केरल तथा लक्षद्वीप में बारिश छिटपुट होने की संभावना है।
- मौसम पूर्वानुमान: यह मौसम पूर्वानुमान 28 अक्टूबर 2026 तक के लिए है। कुछ इलाकों में भारी बारिश, जलभराव और पहाड़ी क्षेत्रों में छोटे भूस्खलन का खतरा बना रह सकता है।
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केरल और तमिलनाडु में सोमवार, 26 अक्टूबर को पूर्वोत्तर मानसून की बारिश का एक और सक्रिय दिन रहने का अनुमान है। हालांकि, 27 अक्टूबर से बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है। तमिलनाडु में सोमवार सुबह 5:30 बजे तक पिछले 21 घंटों के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई। पंबन में 11 सेंटीमीटर और टोंडी में 10 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। 26 अक्टूबर को तमिलनाडु–पुडुचेरी और केरल–माहे में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
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इन बारिश गतिविधियों की मुख्य वजह दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे दक्षिण तटीय तमिलनाडु के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण वायुमंडल के मध्य स्तरों तक फैला हुआ है। इसके अलावा, लक्षद्वीप क्षेत्र से दक्षिणी केरल होते हुए इस चक्रवाती परिसंचरण तक एक ट्रफ रेखा बनी हुई है। ये मौसमी सिस्टम आसपास के दोनों समुद्री क्षेत्रों से नमी खींच रहे हैं। इसके कारण दक्षिणी तमिलनाडु, पश्चिमी घाट और केरल में हवाओं के मिलने की स्थिति बन रही है, जिससे बार-बार बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ रही हैं।
गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश, कुछ जिलों में जलभराव का खतरा
सोमवार को केरल और तमिलनाडु में कई स्थानों पर बारिश जारी रहने की संभावना है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में गरज-चमक के साथ 40–50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं, केरल और लक्षद्वीप में हवा के झोंकों की गति 30–40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
27 अक्टूबर की सुबह तक कुछ इलाकों में अचानक बाढ़ या तेजी से जलभराव होने का कम से मध्यम स्तर का जोखिम बना रह सकता है। केरल के पलक्कड़, इडुक्की, मलप्पुरम और पथानामथिट्टा जिलों के कुछ हिस्से इसके दायरे में हैं। तमिलनाडु के दक्षिणी, पश्चिमी और डेल्टा क्षेत्रों के कई जिलों में भी यह खतरा बना रह सकता है। कम समय में बहुत तेज बारिश होने से सड़कों पर पानी भर सकता है और निचले इलाकों में पानी तेजी से जमा हो सकता है।
27 अक्टूबर से बारिश में कमी, लेकिन पूरी तरह राहत मिलने में लगेगा समय
मंगलवार, 27 अक्टूबर से बारिश का दायरा कम होने की संभावना है, हालांकि केरल और तमिलनाडु में कुछ स्थानों पर भारी बारिश जारी रह सकती है। केरल और लक्षद्वीप में 27 अक्टूबर को भी कई जगह बारिश होने का अनुमान है, जबकि 28 अक्टूबर से बारिश की गतिविधियां कुछ छिटपुट इलाकों तक सीमित हो सकती हैं। तमिलनाडु में सोमवार को व्यापक बारिश के बाद मंगलवार को छिटपुट बारिश होने और उसके बाद कुछ स्थानों पर हल्की बौछारें पड़ने की संभावना है। यानी मौसम में सुधार धीरे-धीरे होगा, अचानक पूरी तरह बारिश बंद होने की उम्मीद नहीं है।
कम समय में तेज बारिश होने से जलभराव, सड़कों पर पानी का तेज बहाव और पहाड़ी इलाकों में छोटे भूस्खलन हो सकते हैं। लोगों को पानी से भरी सड़कों और उफनते नालों या नदियों को पार करने से बचना चाहिए। केरल और कर्नाटक के तटों तथा लक्षद्वीप के आसपास तेज हवाओं के कारण मछुआरों को समुद्र से जुड़ी पाबंदियों और चेतावनियों का पालन करना चाहिए। किसानों को धान, केले, नारियल और सब्जियों के खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने तथा कटाई के बाद रखी उपज को सुरक्षित रखने की सलाह दी जाती है। यात्रियों को बारिश कम होकर छिटपुट होने तक यात्रा में अतिरिक्त समय लेकर चलना चाहिए।
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