गुजरात में निम्न दबाव का असर, सौराष्ट्र-कच्छ में फिर होगी भारी बारिश, जानें कब थमेगा मानसून?
मुख्य मौसम बिंदु
- दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और कच्छ के पास बना निम्न दबाव क्षेत्र अगले 24 घंटों में कमजोर होकर ट्रफ बन सकता है।
- कांडला पोर्ट में 24 घंटे में 157 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि कई शहरों में 50-100 मिमी बारिश हुई।
- सौराष्ट्र और कच्छ में आज भी छिटपुट भारी बारिश की संभावना है।
- 20 सितंबर से कच्छ के सीमावर्ती क्षेत्रों से मानसून की वापसी शुरू हो सकती है और 5 अक्टूबर तक पूरे गुजरात से विदाई संभव है।
- पूर्वानुमान वैधता: यह विश्लेषण 15 सितंबर 2026 के उपलब्ध मौसम डेटा पर आधारित है; सिस्टम की स्थिति में बदलाव होने पर पूर्वानुमान संशोधित हो सकता है।
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एक दिन पहले दक्षिण राजस्थान और उत्तर गुजरात के ऊपर बना निम्न दबाव क्षेत्र अब आगे बढ़कर दक्षिण-पश्चिम राजस्थान, उससे सटे कच्छ और दक्षिण पाकिस्तान के क्षेत्र में पहुंच गया है। यह मौसम प्रणाली अगले 24 घंटों तक इसी क्षेत्र में बनी रह सकती है और धीरे-धीरे कमजोर होकर एक ट्रफ में बदल सकती है। इसके बाद यह सिस्टम उसी क्षेत्र में खत्म होकर मानसून ट्रफ में मिल जाएगा।
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गुजरात में बारिश ने तोड़ा लंबे सूखे का सिलसिला
इस निम्न दबाव क्षेत्र ने गुजरात में लंबे समय से चल रहे सूखे मौसम के सिलसिले को तोड़ दिया है। इसके प्रभाव से गुजरात के ज्यादातर हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश हुई। कांडला पोर्ट सबसे अधिक बारिश वाला स्थान रहा, जहां 24 घंटे में 157 मिमी बारिश दर्ज की गई। अहमदाबाद, गांधीनगर, सूरत, महुवा, पोरबंदर, ओखा, राजकोट, नलिया और भुज में 50 से 100 मिमी के बीच बारिश हुई। राज्य के अंदरूनी और उत्तरी छोर के इलाकों में भी हल्की से मध्यम बौछारें दर्ज की गईं।
सौराष्ट्र-कच्छ में आज भी भारी बारिश, अगले 2-3 दिन गतिविधि जारी
दक्षिणी तटीय गुजरात के ज्यादातर हिस्सों में भारी बारिश का दौर अब कम हो जाएगा। हालांकि, मध्य और उत्तरी गुजरात के अंदरूनी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। आज सौराष्ट्र और कच्छ में छिटपुट भारी बारिश होने की संभावना है, जिसका ज्यादा प्रभाव कच्छ के सीमावर्ती इलाकों में देखने को मिल सकता है। गुजरात में अगले 2-3 दिनों तक अलग-अलग स्थानों पर मौसम गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।
बारिश से बारिश की कमी घटेगी, 20 सितंबर से मानसून की वापसी
गुजरात और सौराष्ट्र-कच्छ, दोनों ही मौसम उप-विभाग लंबे समय से मौसमी बारिश की बड़ी कमी से जूझ रहे थे। अब जारी बारिश से इस कमी में काफी सुधार होने की उम्मीद है। इसका सबसे ज्यादा फायदा सौराष्ट्र के उन इलाकों को मिल सकता है, जहां बारिश की जरूरत अधिक थी। वहीं, गुजरात से मानसून की विदाई का समय भी करीब आ गया है। 20 सितंबर से कच्छ के सबसे पश्चिमी सीमावर्ती इलाकों से मानसून की वापसी शुरू हो सकती है। महीने के अंत तक दक्षिणी तटीय गुजरात को छोड़कर राज्य के ज्यादातर हिस्सों से मानसून वापस जा सकता है। इसके बाद 5 अक्टूबर तक पूरे गुजरात से मानसून की विदाई पूरी होने की संभावना है। मानसून की वापसी के बाद गुजरात में अक्टूबर से अप्रैल तक लंबा शुष्क मौसम रहता है। यह भी पढ़ें: दिल्ली-NCR में शुक्रवार तक बारिश के आसार, वीकेंड पर मौसम रहेगा शुष्क, जानें पूरा मौसम का हाल















