India Weather Update: उत्तर से दक्षिण तक बदलेगा मौसम, 28 अप्रैल से तेज होगी प्री-मानसून बारिश
मुख्य मौसम बिंदु
- देश के कई हिस्सों में तापमान 45–47°C तक पहुंचा, लू का प्रकोप जारी
- शुष्क मौसम के कारण उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत में गर्मी तेजी से बढ़ी
- 27–28 अप्रैल से प्री-मानसून बारिश, आंधी और धूल भरी हवाओं की शुरुआत
- बारिश से तापमान में गिरावट आएगी, लेकिन कुछ क्षेत्रों में गर्मी बनी रह सकती है
देश के कई हिस्से इस समय भीषण लू की चपेट में हैं। अप्रैल के पहले दस दिनों में उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में प्री-मानसून बारिश और आँधी-तूफान की अच्छी गतिविधियाँ देखने को मिली थीं। इसके बाद मौसम मुख्यतः शुष्क हो गया, केवल कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और गरज-चमक हुई। इस सूखे दौर के कारण तापमान तेजी से बढ़ गया।
तेज गर्मी और सूखे मौसम से बढ़ा तापमान
पिछले 24 घंटों में कई शहरों में तापमान बेहद ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। अकोला सबसे गर्म रहा, जहां पारा 46.9°C दर्ज हुआ। इसके बाद अमरावती में 46.8°C और बांदा में 46.6°C तापमान रिकॉर्ड किया गया। बाड़मेर और वर्धा में 46.4°C दर्ज हुआ, जबकि जैसलमेर और यवतमाल में 46°C दर्ज हुआ। प्रयागराज में 45.7°C, नागपुर में 45.4°C, आदिलाबाद में 45.3°C और चित्तौड़गढ़, कोटा व नंदुरबार में 45.2°C तापमान रहा। खजुराहो में पारा 45°C तक पहुंच गया।
27 अप्रैल से बदलेगा मौसम, पहले बढ़ेगी गर्मी
अब मौसम में बदलाव के संकेत मिलने लगे हैं। 27 अप्रैल की शाम से राजस्थान के कुछ हिस्सों, दक्षिण उत्तर प्रदेश, उत्तर मध्य प्रदेश और हरियाणा में प्री-मानसून बारिश, धूल भरी आँधी और गरज-चमक की गतिविधियाँ शुरू हो सकती हैं। हालांकि, बारिश शुरू होने से पहले तापमान में और बढ़ोतरी संभव है। 28 अप्रैल से देश के कई हिस्सों में बारिश और आँधी-तूफान की गतिविधियाँ तेज होने की संभावना है। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में व्यापक बारिश हो सकती है। यह मौसम गतिविधियाँ तापमान में गिरावट लाकर लोगों को गर्मी से राहत देंगी।
29 अप्रैल से दक्षिण भारत में भी बारिश
29 अप्रैल तक बारिश और गरज-चमक की गतिविधियाँ दक्षिण भारत तक फैलने की उम्मीद है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, आंतरिक कर्नाटक, आंतरिक तमिलनाडु और केरल में बारिश हो सकती है, जिससे इन क्षेत्रों को भी गर्मी से राहत मिलेगी। हालांकि, 30 अप्रैल से पश्चिमी राजस्थान में बारिश की गतिविधियाँ कम हो सकती हैं। इसके बावजूद मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, पूर्वी भारत और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में 2 मई तक प्री-मानसून बारिश जारी रहने की संभावना है। वहीं गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, कोंकण-गोवा और राजस्थान के दक्षिणी जिलों में मौसम शुष्क और गर्म बना रह सकता है। मई आमतौर पर साल का सबसे गर्म महीना होता है, इसलिए कई हिस्सों में लू का असर जारी रह सकता है। हालांकि, बार-बार आने वाले प्री-मानसून तूफान अस्थायी राहत देंगे और लंबे समय तक तापमान को बहुत ज्यादा बढ़ने से रोकेंगे।
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