अरब सागर के ऊपर बना कम दबाव क्षेत्र, तटीय राज्यों में अलर्ट, कोकण-कर्नाटक में भारी बारिश की आशंका

By: Skymet team | Edited By:
May 23, 2025, 4:00 PM
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अरब सागर में कम दबाव का क्षेत्र, प्रतीकात्मक फोटो

पूर्वी-मध्य अरब सागर पर बना निम्न दबाव क्षेत्र अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। यह सिस्टम तट के और करीब आ गया है और आज सुबह 8.30 बजे 18°N और 72.5°E के आसपास केंद्रित है। यह धीरे-धीरे उत्तर की ओर बढ़ेगा और अगले 24 घंटों में इसके डिप्रेशन में बदलने की संभावना है। फिलहाल इसके और मजबूत होने पर रोक लगी हुई है।

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सिस्टम की असामान्य चाल और सीमित विकास की संभावना

पिछले 24 घंटों में यह मौसम प्रणाली अपेक्षा के अनुसार व्यवहार नहीं कर रही है। बारीकी से विश्लेषण करने पर पता चला है कि यह एक अव्यवस्थित प्रणाली है। जिसमें बादलों का जमावड़ा तो है, लेकिन निचले स्तर पर चक्रवातीय परिसंचरण (cyclonic circulation) ठीक से परिभाषित नहीं है।

मौसमी वातावरण मध्यम वर्टिकल विंड शीयर (vertical wind shear) और गर्म समुद्री सतह तापमान के साथ हल्के रूप से अनुकूल है। कुछ मौसम मॉडल इस सिस्टम की दिशा तट के और करीब या थोड़ी अंदर की ओर दिखा रहे हैं, जो इसके बने रहने और तेज होने के लिए अच्छा संकेत नहीं है। इसके फिर से समुद्र की ओर लौटने की थोड़ी संभावना है। कुल मिलाकर, अगले 36 घंटों में गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना बहुत कम है।

कोकण, मध्य महाराष्ट्र और तटीय क्षेत्रों में झमाझम बारिश

कम दबाव के साथ संवहनीय बादल समूहों ने पश्चिमी घाट के निकटवर्ती क्षेत्र में कोंकण तट, उत्तरी तटीय कर्नाटक और मध्य महाराष्ट्र को प्रभावित किया है। रत्नागिरी में 106 मिमी, सतारा-75 मिमी, कारवार-94 मिमी, मैंगलोर-50 मिमी की भारी वर्षा दर्ज की गई है। अब तक मुंबई में हल्की से मध्यम वर्षा हुई है, लेकिन पिछले 24 घंटों में सांताक्रूज हवाई अड्डे की वेधशाला में कोई वर्षा रिकॉर्ड नहीं हुई है।

अगले 3 दिन भारी बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी

कोकण और मध्य महाराष्ट्र में अगले 3 दिनों तक भारी बारिश की संभावना है। सिंधुदुर्ग से लेकर रायगढ़ तक बहुत भारी वर्षा हो सकती है। मध्य महाराष्ट्र के जिले नंदुरबार, धुले, अहमदनगर, पुणे, नासिक, सांगली, सातारा, कोल्हापुर, सोलापुर में तेज आँधी, बिजली और कहीं-कहीं ओलावृष्टि हो सकती है। वहीं, मराठवाड़ा के कुछ हिस्सों में भी इस सिस्टम का असर देखने को मिल सकता है। फिलहाल मुंबई इस सिस्टम(मौसम प्रणाली) के सीधे प्रभाव से बची हुई है। हालांकि, यहां हल्की से मध्यम बारिश और कभी-कभार भारी बौछारें पड़ सकती हैं। इसलिए सतर्क रहना जरूरी है।

दक्षिणी तटीय राज्य भी रहें सावधान

उत्तर तटीय कर्नाटक, गोवा और केरल में भी अगले 3-4 दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इन राज्यों में रहने वालों को भी सावधानी बरतने और मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

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Skymet team

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

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