अंडमान सागर के ऊपर कम दबाव क्षेत्र बनने की संभावना,दक्षिण भारत में 19 अक्टूबर तक भारी बारिश के आसार

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Oct 12, 2026, 3:15 PM
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मुख्य मौसम बिंदु

  • चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से बंगाल की खाड़ी में कम दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है।
  • 14-15 अक्टूबर को तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में बारिश हो सकती है।
  • केरल, कर्नाटक, रायलसीमा और तमिलनाडु के अंदरूनी हिस्सों में बारिश बढ़ेगी।
  • यह मौसमी सिस्टम उत्तर-पूर्वी मानसून के आगमन में भूमिका निभा सकता है।
  • Forecast Validity: यह मौसम पूर्वानुमान14-19 अक्टूबर तक मान्य है। मानसून से जुड़ा संभावित बदलाव 15-20 अक्टूबर 2026 के बीच होने की उम्मीद है।

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दक्षिण अंडमान सागर और उससे सटे समुद्री क्षेत्र में निचले वायुमंडल में एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। आने वाले समय में यह मौसमी सिस्टम और मजबूत हो सकता है तथा इसका प्रभाव मध्य और ऊपरी वायुमंडल तक फैलने की संभावना है। इसके प्रभाव से इसी क्षेत्र में कम दबाव का क्षेत्र बनने के आसार हैं। इसके बाद यह सिस्टम दक्षिण-मध्य बंगाल की खाड़ी से आगे बढ़ेगा, जहां इसे और ताकत मिल सकती है। सप्ताह के मध्य तक इसके दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी तक पहुंचने की संभावना है। इस दौरान यह तमिलनाडु के तटीय इलाकों और श्रीलंका के आसपास के समुद्री क्षेत्र के करीब रहेगा। इस मौसमी सिस्टम के कारण दक्षिण भारत में 14 से 19 अक्टूबर 2026 के बीच लंबे समय तक बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। इस अवधि में तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के कई इलाकों में रुक-रुककर भारी बारिश होने की संभावना है।

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15 से 20 अक्टूबर के बीच बड़ा बदलाव संभव

बंगाल की खाड़ी में बनने वाला कम दबाव का क्षेत्र दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्वी मानसून के आगमन की परिस्थितियां तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। हालांकि, उत्तर-पूर्वी मानसून की शुरुआत इस बात पर भी निर्भर करेगी कि दक्षिण-पश्चिम मानसून देश से पूरी तरह कब विदा होता है। ऐसी स्थिति बन सकती है, जब दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी और उत्तर-पूर्वी मानसून का आगमन लगभग एक ही समय पर हो जाए। इसका सबसे अधिक असर तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में देखने को मिल सकता है। मौसम की इन गतिविधियों और मानसून से जुड़े बदलावों की प्रक्रिया 15 से 20 अक्टूबर 2026 के बीच पूरी होने की संभावना है। इसलिए इस दौरान दक्षिण भारत के मौसम में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकता है।

क्या बंगाल की खाड़ी का सिस्टम चक्रवाती तूफान बनेगा?

मानसून की वापसी के बाद बंगाल की खाड़ी में बनने वाले मौसम सिस्टम में उष्णकटिबंधीय तूफान बनने की क्षमता हो सकती है। हालांकि, इसके लिए सिस्टम के बनने की जगह और आसपास के वातावरण का अनुकूल होना जरूरी है। आगामी कम दबाव का क्षेत्र भूमध्य रेखा के करीब, दक्षिणी अक्षांशों में सक्रिय रहेगा। इस कारण इसके चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना कम मानी जा रही है। जैसे-जैसे यह सिस्टम बंगाल की खाड़ी के दक्षिणी हिस्सों से आगे बढ़ेगा, इससे जुड़ी सक्रिय मौसम पट्टी का प्रभाव उत्तर की ओर फैल सकता है। इसके परिणामस्वरूप 14 अक्टूबर से तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। 14 और 15 अक्टूबर को दोनों राज्यों के तटीय क्षेत्रों में काफी व्यापक स्तर पर बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

बाढ़ जैसी स्थिति और बिजली गिरने का खतरा

16 अक्टूबर को यह मौसम सिस्टम दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के अंदरूनी हिस्सों की ओर बढ़ सकता है। इसके बाद बारिश का दायरा और तीव्रता दोनों बढ़ने की संभावना है। 16 से 19 अक्टूबर के बीच तमिलनाडु के अंदरूनी और दूरस्थ इलाकों, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा, केरल और तटीय कर्नाटक में बारिश अधिक सक्रिय हो सकती है। इस दौरान कई जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है। 19 अक्टूबर के बाद भी इस मौसम सिस्टम का असर पूरी तरह समाप्त नहीं होगा, लेकिन बारिश की तीव्रता में धीरे-धीरे कुछ कमी आ सकती है। सप्ताह के बाकी दिनों में दक्षिण भारत के लोगों को कुछ स्थानों पर बहुत तेज बारिश के कारण जलभराव और अचानक बाढ़ जैसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। इसके साथ ही तेज बिजली चमकने, बिजली गिरने और झोंकेदार हवाएं चलने का खतरा भी बना रहेगा। इसलिए तटीय और अंदरूनी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम के बदलते हालात पर नजर रखनी चाहिए।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के कई इलाकों में 14 से 19 अक्टूबर 2026 के बीच भारी बारिश की संभावना है।

फिलहाल इसकी संभावना कम बताई गई है, क्योंकि यह सिस्टम भूमध्य रेखा के करीब दक्षिणी हिस्से में सक्रिय रहने की उम्मीद है। हालांकि, इसकी वास्तविक दिशा और तीव्रता मौसम की परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।

बंगाल की खाड़ी का कम दबाव क्षेत्र उत्तर-पूर्वी मानसून के आगमन में मदद कर सकता है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी और उत्तर-पूर्वी मानसून के आगमन से जुड़ी गतिविधियां 15 से 20 अक्टूबर 2026 के बीच पूरी होने की संभावना है।

डिस्क्लेमर: यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है